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इन उपायों से शांत होगा मंगल, मिल सकती है जीवन में अपार सफलता

भगवान हनुमानजी को मंगल का देवता माना जाता है।

ग्रहों के कमजोर व दुष्प्रभावी होने पर व्यक्ति के जीवन में विघ्न-बाधाएं आनी शुरू हो जाती हैं।

मंगल ग्रह को सभी ग्रहों का सेनापति कहा जाता है। यह मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी होता है। मंगल के शुभ होने पर उच्च राजयोग प्राप्त होता है। इस ग्रह से व्यक्ति के अंदर साहस और पराक्रम आता है। मंगल के कारण कई बार विवाह में बाधा आती है। मंगल ग्रह दशम स्थान का कारक होता है। कुंडली में अगर मंगल ग्रह कमजोर हो तो हनुमान जी की पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। कुंडली के चौथे भाव के मंगल को शास्त्रों में अशुभ माना जाता है। यदि मंगल लग्न कुंडली के दशम भाव में हो तो वह बहुत शुभ माना जाता है। मंगल ग्रह के शत्रु बुध एवं राहु माने जाते हैं।

आइए आज मंगल को शांत करने के उपाय जानते हैं – भगवान हनुमानजी को मंगल का देवता माना जाता है। मंगलवार को मंदिर में लड्डू का प्रसाद बांटना चाहिए।  इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करना चाहिए। विशेष कृपा पाने के लिए रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। हनुमान मंदिर में गुड़-चने का भोग लगाएं। यदि आपको संतान दुख है तो मंगलवार के दिन एक नीम का पेड़ लगाएं। रात को सिरहाने जल रखें और सुबह उठकर उस पानी को नीम में डाल दें। ऐसा करने से मंगल दोष शांत हो सकते हैं।

विवाह मामलों में मंगल की विशेष भूमिका होती है। जिन लोगों की राशि में प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में मंगल हो, उन्हें मांगलिक कहा जाता है। मंगल दोष से बचने के लिए एक समय बिना नमक का भोजन करें। हनुमानाष्टक, बजरंग बाण के पाठ करने से मंगल की शांति होती है। मूंगा, गेंहू, मसूर, लाल वस्त्र के दान से मंगल दोष कम होते हैं। मंगल यंत्र बनवा कर विधि पूर्वक मंत्र जप करें और इसे घर में स्थापित करें। जिन लोगों की कुंडली में मंगल की महादशा चल रही हों उनको हमेशा लाल रुमाल रखना चाहिए साथ ही बाएं हाथ में चांदी की अंगूठी धारण करें। इन उपायों से मंगल दोष कम हो सकते हैं।

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First Published on November 14, 2017 2:16 pm

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