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इन खास लोगों को मिलता है मीठी बोली का वरदान

क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों होता है, क्यूं हर इंसान मीठा नहीं बोला पाता

मीठी बोली का वरदान (Photo-Dreams time)

इंसान के चेहरे के अनुसार उनकी बोली भी अलग होती है। किसी की बोली मीठी होती है तो किसी की जुबान कड़वी होती है। क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों होता है, क्यूं हर इंसान मीठा नहीं बोला पाता। आइए जानते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इंसान की बोली का सीधा संबंध उसकी कुंडली से होता है। आइए जानते हैं किन ग्रहों का संबंध बोली से होता है।

कुंडली का दूसरा, तीसरा और आठवां भाव वाणी से संबंध रखता है। बुध को मुख्य रूप से वाणी का ग्रह माना जाता है। ये ग्रह व्यक्ति को बोलने की शक्ति और अभिव्यक्ति की क्षमता प्रदान करता है। इसके साथ ही बृहस्पति वाणी को प्रभावशाली बनाने में मदद करता है। बुध, बृहस्पति के कारण व्यक्ति अद्भुत वक्ता हो जाता है

शनि, राहु और मंगल वाणी की शक्ति को कमजोर कर देता है। कुंडली के इन्हीं भावों के कारण इंसान की आर्थिक और पारिवारिक स्थिति भी देखी जाती है। इंसान की वाणी, आर्थिक और पारिवारिक स्थितियां एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं। इसीलिए हर इंसान की वाणी अलग होना स्वाभाविक है। जानकारों की माने तो कुंडली के विशेष योग इंसान की जुबान को कड़वा या मीठा बनाते हैं। लेकिन जुबान खराब होने के और भी कई कारण हैं।

कुंडली में सूर्य या मंगल का प्रभाव होने पर, राहु का संबंध बुध या बृहस्पति से होने पर, कुंडली के दूसरे भाव पर पाप ग्रहों का प्रभाव होने पर अग्नि तत्व या जल तत्व की राशि होने पर, खान-पान और जीवनचर्या ठीक ना होने पर या गलत या अशुद्ध मंत्र का जाप करने पर। जानकारों की माने तो मीठी जुबान का संबंध कुंडली में ग्रहों की दशा से होता है।

इन कारण से होती है मीठी जुबान
– कुंडली में बुध मजबूत हो तो मीठी जुबान का वरदान मिलता है।
-बृहस्पति मजबूत हो तो व्यक्ति की वाणी प्रभावशाली होती है।
-अगर किसी का बुध और बृहस्पति दोनों मजूबत हो तो व्यक्ति अद्भुत बोलता है।
– वृष राशि की स्थिति अच्छी हो तो व्यक्ति अच्छा बोलता है।
– बुध, बृहस्पति और वृष राशि तीनों बलवान हों तो व्यक्ति जुबान का जादूगर होता है।
-वाणी भाव में शनि के होने पर भी अच्छी वाणी मिलती है।
-कुंडली के केंद्र में केवल शुभ ग्रह हों तो जुबान मीठी होती है।

अगर आप भी मीठी वाणी चाहते हैं तो अपनी कुंडली के उन ग्रहों को बलवान करने के उपाय करें जिनका संबंध वाणी से है।

– रोजाना सूर्य को जल अर्पित करें।
– सुबह 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करें।
– खान-पान शुद्ध रखें।
– महीने की दोनों एकादशी या पूर्णिमा का उपवास रखें।
– सलाह लेकर एक पन्ना या पुखराज धारण करें।
– रोज सुबह हरे वस्त्र पहनकर रुद्राक्ष की माला से बुध के मंत्र का जाप करें।

इन उपायों से कुंडली का ग्रह जल्दी बलवान होगा। और आपकी बोली पहले से बहुत ज्यादा मीठी और प्रभावशाली होती है।
– रोज सुबह तुलसी के पत्तों का सेवन करें। इसके बाद सरस्वती मंत्र का जाप करें।
– मंत्र हैं- ऊं ऐं हीं श्रीं वाग्वादिनी सरस्वती देवी मम जिव्हायाम, सर्व विद्यां देहि दापय दारय स्वाहा।

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First Published on October 12, 2017 8:41 pm

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