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अब किसी की चाल से पता लगाइए, कैसा है उसका स्वभाव…?

आप अपनी चलने की स्टाइल पर भले ही ध्यान नहीं देते हो, या फिर इसे बस एक स्टाइल ही समझते हो, लेकिन आपको बता दें कि इससे आपके बारे में बहुत कुछ पता लगाया जा सकता है।
शोध का निष्कर्ष बताता है कि शरीर के ऊपरी और निचले, दोनों हिस्सों की ज्यादा हरकतें आक्रामता का संकेत दे देती हैं।

आप अपनी चलने की स्टाइल पर भले ही ध्यान नहीं देते हो, या फिर इसे बस एक स्टाइल ही समझते हो, लेकिन आपको बता दें कि इससे आपके बारे में बहुत कुछ पता लगाया जा सकता है। हाल ही में यूनाइटेड किंगडम में पोर्ट्समाउथ विश्वविद्यालय में किए गए एक रिसर्च में सामने आया है कि आपके चलने की स्टाइल से ये पता लगाया जा सकता है कि आप कितने गुस्से वाले हैं। बताया जा रहा है कि इसका इस्तेमाल क्राइम पर रोक लगाने के लिए भी किया जा सकता है। जर्नल ऑफ नॉनवर्बल बिहेवियर में छपी एक रिसर्च में चाल और व्यक्तित्व के बीच संबंध होने के बारे में कहा गया है। शोध का निष्कर्ष बताता है कि शरीर के ऊपरी और निचले, दोनों हिस्सों की ज्यादा हरकतें आक्रामता का संकेत दे देती हैं।

ब्रिटेन के पोर्ट्समाउथ विश्वविद्यालय के प्रमुख शोधकर्ता लियाम सचेल ने कहा कि जब शरीर के ऊपरी और नीचे वाले हिस्से में आवश्यकता से अधिक मूवमेंट होती है तो आपके एग्रेशन का पचा चलता है। उन्होंने बताया कि जब चलते हैं तो शरीर स्वाभाविक रूप से थोड़ा घूमता है, एक व्यक्ति के बायें पैर से लिए गए आगे के कदम में, बाईं तरफ का कूल्हा पैर के साथ आगे बढ़ता है, बायां कंधा पीछे जाता है और दाया कंधा आगे जाकर संतुलन बनाता है. एक आक्रामक चाल में यह घुमाव ज्यादा हो जाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह शोध इस प्रायोगिक साक्ष्य की पुष्टि करता है कि हमारे चलने के तरीके से हमारे व्यक्तित्व का पता चलता है।

सचेल ने कहा कि लोगों की जैविक गति और आक्रमकता से जुड़ी मंशा के बीच संभावित संबंध की पहचान कर अपराध रोकने में मदद पाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि सीसीटीवी पर्यवेक्षकों को शोध में बताए गए आक्रामक चाल की पहचान का प्रशिक्षण दिया जाए तो उनकी अपराध से जुड़ी हरकतों की पहचान करने की क्षमता में सुधार किया जा सकता है। इस अध्ययन के लिए दल ने 29 प्रतिभागियों के व्यक्तित्व का आकलन किया। इसके लिए उन्हें स्वाभाविक रूप से ट्रेडमिल पर चलने के लिए कहा गया और उनकी गति को रिकार्ड किया गया।

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