December 07, 2016

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अब शरीर नहीं कपड़े भी बताएंगे आपकी बीमारी का हाल!

यूनिवर्सिटी ऑफ रोड आईलैंड के एक भारतवंशी वैज्ञानिक ने एक ऐसा स्मार्ट कपड़ा बनाया है, जो न सिर्फ आपकी बीमारी की पहचान करेगा।

ये तो आपने सुना होगा कि आपकी आंखों या नाखून से आपकी बीमारी का पता चल जाता है, लेकिन अब ऐसे कपड़े भी आने वाले हैं जो आपकी बीमारी के बारे में बता देते हैं।

ये तो आपने सुना होगा कि आपकी आंखों या नाखून से आपकी बीमारी का पता चल जाता है, लेकिन अब ऐसे कपड़े भी आने वाले हैं जो आपकी बीमारी के बारे में बता देते हैं। अब आपको अपनी बीमारी बताने के लिए डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि यूनिवर्सिटी ऑफ रोड आईलैंड के एक भारतवंशी वैज्ञानिक ने एक ऐसा स्मार्ट कपड़ा बनाया है, जो न सिर्फ आपकी बीमारी की पहचान करेगा, बल्कि इससे संबंधित आंकड़े डॉक्टर को भेज भी देगा। जिसके बाद डॉक्टर इन डिटेल्स को देखकर आसानी से आपका इलाज कर सकते हैं।

यूनिवर्सिटी की वियरेबल बायोसेंसिंग लैबोरेटरी के निदेशक कुनाल मनकोदिया इस बात पर शोध कर रहे हैं कि दस्ताने, मौजे, कपड़े और यहां तक कि जूतों को किस प्रकार उच्च तकनीक के उपकरणों में बदला जाए, जो लोगों को स्वस्थ बनाए और उनके जीवन में सुधार करे। मनकोदिया ने कहा कि हम अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के युग में जी रहे हैं, खासकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में। मनकोदिया का शोध सेंसर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स व सॉफ्टवेयर युक्त स्मार्ट कपड़ों के विकास पर केंद्रित है, जो मरीजों से स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों को इकट्ठा कर सके और उसे चिकित्सक तक भेज सके। मनकोदिया का दल स्मार्ट दस्ताने पर काम कर रहा है, जिसकी अंगुलियां तथा अंगूठे सेंसयुक्त हैं, जो पारकिंसंस बीमारी का लक्षण थरथराहट व कठोरता की जांच कर सकता है। साथ ही यह दस्ताने फोन से कनेक्ट होंगे जो कि आपकी जानकारी डॉक्टर तक भेज देंगे।

गुजरात के राजकोट स्थित सौराष्ट्र विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र मनकोदिया ने कहा कि पारकिंसंस बीमारी से पीड़ित लोगों को चलने-फिरने से संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता है, यहां तक कि वे लंबी दूरी तक चल भी नहीं पाते। उन्होंने ये भी कहा कि दस्ताना मरीज को उनके स्वास्थ्य की देखभाल का विकल्प प्रदान करेगा और गिरने या किसी तरह की दुर्घटना से भी बचाएगा। मनकोदिया की टीम उन लोगों के लिए हाईटेक मोजे बनाने पर भी काम कर रही है जो कि स्ट्रोक्स से परेशान हैं। दस्ताने की तरह से भी मरीज की सभी सूचना एकत्र कर डॉक्टर को भेज देंगे, जिसे देखकर डॉक्टर उसका इलाज कर सकेगा।

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First Published on November 14, 2016 4:15 pm

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