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सेक्‍स है जरूरत, पर कब बन जाता है लत? जान‍िए सेक्‍स एड‍िक्‍शन के लक्षण, कारण, इलाज

सेक्स इंसान के शरीर की अहम आवश्यकता होती है लेकिन जब इसकी हद से ज्यादा तलब लगे तो यह एक बीमारी का लक्षण हो सकता है।
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर। (Illustration: Subrata Dhar)

सेक्स इंसान के शरीर की अहम आवश्यकता होती है लेकिन जब इसकी हद से ज्यादा तलब लगे तो यह एक बीमारी का लक्षण हो सकता है। यह बीमारी सेक्स एडिक्शन कही जाती है। सेक्स एडिक्शन टर्म को ईजाद करने वाले अमेरिकी मनोवैज्ञानिक पेट्रिक कार्न्स के मुताबिक अगर कोई दिन में 14 घंटे या उससे ज्यादा समय तक सेक्सुअल या हाफ सेक्सुअल गतिविधियों में लिप्त रहता है, तो वह सेक्स एडिक्शन का शिकार हो चुका होता है। ऐसे में वह अपना ध्यान किसी भी काम पर नहीं लगा पाता और हर समय केवल सेक्स के बारे में ही सोचता रहता है।

सेक्स एडिक्शन का कारण – सेक्स एडिक्शन के लिए वह माहौल या परिवेश ज्यादा जिम्मेदार होता है, जहां रोगी-पला बढ़ा है। यह आनुवांशिक भी हो सकता है। ज्यादातर मामलों में ऐसा देखा गया है कि जो लोग यौन शोषण का शिकार हुए होते हैं, वही सेक्स एडिक्ट भी होते हैं। इसके अलावा आजकल तकनीकी के गलत इस्तेमाल की वजह से भी यह बीमारी तेजी से फैल रही है। इंटरनेट पर मौजूद तमाम पोर्न साइट्स और अश्लील सामग्रियों की वजह से सेक्स एडिक्शन की बीमारी लोगों को अपना शिकार बनाती है। इसके अलावा कई मामलों में अकेलापन, तनाव आदि की वजह से भी व्यक्ति के सेक्स एडिक्ट हो जाने का मामला सामने आता है।

सेक्स एडिक्शन के लक्षण – सेक्स एडिक्शन एक मानसिक बीमारी है, जिसमें व्यक्ति अपनी यौन इच्छाओं पर नियंत्रण नहीं रख पाता। इन लक्षणों के आधार पर आप इस बात का पता लगा सकते हैं कि कोई व्यक्ति सेक्स एडिक्ट है या नहीं –

1. लगातार सेक्सुअल एक्टिविटीज में इन्वाल्व रहना, उससे जुड़ी चीजों से लगाव बढ़ना
2. लगातार कई पार्टनर्स से शारीरिक संबंध बनाना
3. अपने एडिक्शन को छिपाने की कोशिश करना
4. थोड़े समय भी सेक्स से दूर रहकर चिड़चिड़ापन, परेशानी, चिंता और तनाव महसूस करना
5. अवैध संबंधों की तरफ बढ़ना तथा संबंध बनाते हुए क्रूरतापूर्वक व्यवहार करना
6. शारीरिक संबंध बनाने को लेकर किसी भी हद तक चले जाना, सामाजिक मान-प्रतिष्ठा का ख्यान न रखना

सेक्स एडिक्शन का इलाज – सेक्स एडिक्शन एक गंभीर मानसिक रोग हैं। इसके रोगी तो तत्काल मनोचिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। साइकॉलॉजिस्ट काउंसिलिंग आदि के जरिए रोगी के विचारों में परिवर्तन लाने की कोशिश करते हैं। सेक्स एडिक्ट पेशेंट का इलाज दो चरणों में किया जाता है। पहले चरण में उसे ज्यादा मात्रा में सेक्स की आदत से दूर ले जाया जाता है। दूसरे चरण में उसे इस एडिक्शन से हुए अपराधबोध और शर्मिंदगी जैसे मानसिक विकारों को दूर करने की कोशिश की जाती है। किसी भी व्यक्ति में सेक्स एडिक्शन के लक्षण दिखने पर उसे फौरी तौर पर कुछ आदतों में बदलाव जरूर करना चाहिए।जैसे –

1. अकेले में इंटरनेट के इस्तेमाल से बचें। अश्लील सामग्रियों से दूरी बनाएं।
2. परिवार के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं।
3. ज्यादा गर्म खाने से परहेज करें।
4. मन को नियंत्रित करने वाले योग और ध्यान का सहारा लें।

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