ताज़ा खबर
 

शारीर‍िक संबंध नहीं बनाने के हैं कई नुकसान, जानिए क्या हैं इससे दूर भागने के कारण

शारीरिक संबंध बनाना मानव की बुनियादी शारीरिक आवश्यकता है। दुनिया में करोड़ों की तादाद में ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपनी युवावस्था का काफी हिस्सा बिना शारीरिक संबंध बनाए गुजार दिया है
वे लोग जिन्होंने अपने जीवन में कई बार शारीरिक संबंध बनाए हों, वह अपनी जिंदगी से काफी संतुष्ट होते हैं।

शारीरिक संबंध बनाना मानव की बुनियादी शारीरिक आवश्यकता है। दुनिया में करोड़ों की तादाद में ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपनी युवावस्था का काफी हिस्सा बिना शारीरिक संबंध बनाए गुजार दिया है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि शारीरिक संबंध न बनाना शारीरिक स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदेह है। रिपोर्ट के मुताबिक वे लोग जिन्होंने अपने जीवन में कई बार शारीरिक संबंध बनाए हों, वह अपनी जिंदगी से काफी संतुष्ट होते हैं, जबकि ऐसे लोग जो संभोग से दूरी बनाए रखते हैं ऐसे लोग मनोवैज्ञानिक तनाव, परेशानी और अवसाद जैसी समस्याओं की चपेट में आसानी से आ जाते हैं।

सीएनएन की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि लगभग 19 प्रतिशत युवा शारीरिक संबंध बनाने से दूर रहते हैं। एक अन्य शोध में यह कहा गया है कि सेक्स से दूरी बनाने में महिलाएं काफी आगे रहती हैं। तकरीबन 40 प्रतिशत महिलाओं ने अपने जीवन में कभी न कभी शारीरिक संबंध बनाने के लिए मना किया होता है। शारीरिक संबंध बनाने के दौरान होने वाले दर्द और कामेच्छा में कमी के चलते महिलाएं ऐसा करती हैं। इसके अलावा जो महिलाएं बचपन में यौन शोषण की शिकार होती हैं वो संभोग से दूरी बनाए रखना चाहती हैं। महिलाओं में शारीरिक संबंध को लेकर अकाल प्रसव और गर्भाशय को नुकसान होने का डर भी बना रहता है।

ज्यादातर पुरूष शारीरिक अक्षमताओं, पुरानी बीमारियों और अवसर न मिलने की वजह से भी शारीरिक संबंध नहीं बना पाते। पर्सनैलिटी डिसऑर्डर की वजह से , कई तरह की अवसादनिरोधक दवाएं लेने से या फिर ड्रग्स लेने की वजह से कामेच्छा में कमी आती है, जिसकी वजह से भी शारीरिक संबंध बनाने से दूरी बढ़ने लगती है। पुरूषों में जहां कमजोर कामेच्छा के लिए टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन वहीं महिलाओं में डोपामाइन और सेरोटोनिन नामक हार्मोन जिम्मेदार होते हैं। ऐसे में कई लोग अपनी इन समस्याओं पर डॉक्टर्स से बात करते हैं जबकि बहुत से लोग ऐसे हैं जो इस पर बात नहीं करना चाहते। बहुत से डॉक्टर्स भी अपने मरीजों से सेक्स से संबंधित सवाल पूछने से डरते हैं। शोध में यह बात भी सामने आई है कि ज्यादातर मरीज ऐसे मामलों में अपनी समस्या बताने की बजाय ज्यादा से ज्यादा डॉक्टरों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देना ही बेहतर समझते हैं। ऐसे में डॉक्टर्स की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है।।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग