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टेढ़े पेनिस वालों को कैंसर होने की गुंजाइश ज्यादा! पढ़ें पूरी रिपोर्ट

पेनिस का टेढ़ा होना यानी कि पायरोनी रोग इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का ही एक प्रकार है जिसमें पुरुषों का पेनिस टेढ़ा हो जाता है और इरेक्शन के दौरान काफी तकलीफ होती है।
प्रतीकात्मक चित्र

एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है कि टेढ़े पेनिस वाले पुरुषों में अलग-अलग तरह के कैंसर होने का खतरा काफी ज्यादा होता है। इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि ऐसा एक विशेष जीन के कारण होता है जो पेनिस के टेढ़ेपन का कारण होता है और कैंसर के खतरे से भी जुड़ा होता है। पेनिस का टेढ़ा होना यानी कि पायरोनी रोग इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का ही एक प्रकार है जिसमें पुरुषों का पेनिस टेढ़ा हो जाता है और इरेक्शन के दौरान काफी तकलीफ होती है। ऐसा तब होता है जब पेनिस को किसी तरह की चोट लगी हो। कभी-कभी इस वजह से ब्लीडिंग होने की भी संभावना होती है।

अक्सर जब पुरुष 40 साल की उम्र पार कर लेते हैं तब ही पायरोनी रोग की चपेट में आते हैं। ह्यू्स्टन के कुछ वैज्ञानिकों ने अपने शोध में तकरीबन 48 हजार ऐसे लोगों को शामिल किया था जो पायरोनी रोग से ग्रस्त थे। साथ ही साथ शोध में तकरीबन एक मिलियन ऐसे लोगों को भी शामिल किया गया था जो इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या से पीड़ित थे। अध्ययन के परिणामों में यह पाया गया कि टेढ़े पेनिस वाले पुरुषों में ट्यूमर होने का खतरा 10 प्रतिशत तक ज्यादा था।

शोध के निष्कर्षों में आगे बताया गया कि इनमें से 42 प्रतिशत लोगों में पेट के कैंसर का खतरा, 20 प्रतिशत लोगों को स्किन कैंसर का खतरा और तकरीबन 39 प्रतिशत लोगों में टेस्टिकुलर कैंसर होने का खतरा पाया गया। शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसे पुरुषों की जांच करना बहुत जरूरी है। हालांकि यूके के इस कैंसर रिसर्च में यह भी कहा गया है कि पायरोनी रोग की वजह से कैंसर के खतरे की संभावना को अभी पूरी तरह से नहीं समझ पाया गया है। अभी पायरोनी रोग की वजह से कैंसर होने के कारकों का पता लगाया जा रहा है। शोधकर्ताओं का कहना है कि हमें अभी और रिसर्च की जरूरत है ताकि हम पता लगा सकें पायरोनी रोग की वजह से सच में कैंसर होता है या नहीं।

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