December 11, 2016

ताज़ा खबर

 

सर्दियों में इस तरह रखेंगे अपने जोड़ों का ख्याल तो दूर रहेगी हर परेशानी

जोड़ों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने के लिए क्या जरूरी है इस बारे में सटीक जानकारी जरूरी है। जोड़ों की देखभाल और मांसपेशियों तथा हड्डियों को मजबूत रखने के लिए सबसे अच्छा तरीका है, स्थिर रहें।

Author नई दिल्ली | November 30, 2016 16:13 pm
सर्दियों में इस तरह रखें अपने जोड़ों का ख्याल।

शरीर के मजबूत जोड़ हमें एक्टिव रखते हैं और चलने-फिरने में मदद करते हैं। जोड़ों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने के लिए क्या जरूरी है इस बारे में सटीक जानकारी जरूरी है। जोड़ों की देखभाल और मांसपेशियों तथा हड्डियों को मजबूत रखने के लिए सबसे अच्छा तरीका है, स्थिर रहें। आज हम आपको जोड़ों को स्वस्थ रखने के कुछ सुझाव दे रहे हैं। आप इन सर्दियों में इन्हें आजमाइए और सारी टेंशन भूल जाइए।

जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है शरीर के वजन को नियंत्रण में रखना। शरीर का अतिरिक्त वजन हमारे जोड़ों, विशेषकर घुटने के जोड़ों पर दबाव बनाता है।

व्यायाम से अतिरिक्त वजन को कम करने और वजन को सामान्य बनाए रखने में मदद मिल सकती है। कम प्रभाव वाले व्यायाम जैसे तैराकी या साइकिल चलाने का अभ्यास करें।

वैसे लोग जो अधिक समय तक कंप्यूटर पर बैठे रहते हैं, उनके जोड़ों में दर्द होने की संभावना अधिक रहती है। जोड़ों को मजबूत बनाने के लिए अपनी स्थिति को लगातार बदलते रहिए।

व्यायाम उपास्थि के पोषण में मदद करता है। यदि व्यायाम को खुशी के साथ किया जाए तो एंडॉर्फिन नामक हॉर्मोन निकलता है, जो आपको स्वस्थ होने का अनुभव देता है। एक दिन में कम से कम 20-40 मिनट तक जरूर टहलें।

मजबूत मांसपेशियां जोड़ों का समर्थन करती हैं। यदि आपकी मांसपेशियां कमजोर हैं, तो इससे आपके जोड़ों में विशेष रूप से रीढ़ की हड्डी, कूल्हों और घुटनों में दर्द होगा।

बैठने का सही तरीका भी आपके कूल्हे और पीठ की मांसपेशियों की रक्षा करने में मदद करता है। कंधों को झुकाकर न खड़े हों। सीढ़ी चढ़ना दिल के लिए अच्छा है, लेकिन अगर सीढ़ी अप्राकृतिक है, तो यह आपके घुटनों को नुकसान पहुंचा सकती है।

स्वस्थ आहार खाना आपके जोड़ों के लिए अच्छा है। यह मजबूत हड्डियों और मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है। हमें हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है।

अगर आपको नियमित भोजन से जरूरी मिनरल लेने में समस्या हो रही है, तो सप्लिमेंट ले सकते हैं। वर्तमान में, निर्धारित जरूरत के अनुसार 50 साल की उम्र तक के वयस्क पुरुषों और महिलाओं को नियमित रूप से 1,000 मिलीग्राम कैल्शियम और 50 के बाद नियमित रूप से 1,200 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है।

71 साल की आयु के बाद 1,200 मिलीग्राम कैल्शियम पुरुष और महिला दोनों ले सकते हैं। इसे आप दूध, दही, ब्रोकली, हरी पत्तेदार सब्जी, कमल स्टेम, तिल के बीज, अंजीर और सोया या बादाम दूध जैसे पौष्टिक आहार को खाद्य पदार्थ के रूप में शामिल कर कैल्शियम की जरूरत पूरी कर सकते हैं।

हड्डियों और जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन डी की जरूरत होती है। आप जो आहार खाते हैं, उसमें विटामिन डी शरीर में कैल्शियम का अवशोषण में मदद करता है। यह हड्डियों के विकास और हड्डी के ढांचे को सक्षम बनाता है।

विटामिन डी की कमी मांसपेशियों की कमजोरी का कारण बनता है, जो उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों के क्षतिग्रस्त होने के लिए जिम्मेदार होता है। विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत सूरज की रोशनी है। डेयरी उत्पाद और कई अनाज, सोया दूध और बादाम के दूध में विटामिन डी प्रचुर मात्रा में होता है।

जो लोग धूम्रपान करते हैं, उनमें हड्डियों का घनत्व कम होता है और उनके फ्रैक्चर होने की संभावनाएं ज्यादा होती हैं। यह संभवत: कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों के विकास और शक्ति को प्रभावित करने वाले एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन के उत्पादन को कम करने से संबंधित है, जो हड्डियों के विकास और मजबूती के लिए जिम्मेदार होते हैं।

समय-समय पर अपने चिकित्सक से मिलते रहें। रक्त में यूरिक एसिड के स्तर की जांच नियमित रूप से कराते रहें।

Speed News: जानिए दिन भर की पांच बड़ी खबरें

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 30, 2016 4:13 pm

सबरंग