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सेहतः मोटापे से निजात

हरी जीवन की भागदौड़ में बहुत से लोग न तो अपने भोजन पर ठीक से ध्यान दे पाते हैं और न जरूरी नियमित व्यायाम कर पाते हैं।
Author July 30, 2017 00:30 am

हरी जीवन की भागदौड़ में बहुत से लोग न तो अपने भोजन पर ठीक से ध्यान दे पाते हैं और न जरूरी नियमित व्यायाम कर पाते हैं। तनाव और काम के दबाव में थोड़े-थोड़े समय पर चाय पीते, कुछ न कुछ खाते रहते हैं। इसकी वजह से उनमें चर्बी जमा होने लगती है, कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ़ जाती है और अपच, गैस, एसिडिटी जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। कुछ लोग इन समस्याओं से बचने के लिए स्वास्थ्य के प्रति इतने सजग रहने लगते हैं कि खानपान में हर समय पोषण और औषधीय गुणों का अध्ययन करते रहते हैं। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही और हर समय उसी के बारे में सोचते रहना, दोनों चीजें ठीक नहीं। स्वाभाविक रूप से भोजन लेते रहें। समय पर भोजन लें, कम भोजन लें, तो मोटापे और दूसरी समस्याओं से दूर रहा जा सकता है।
मोटापा शहरी जीवन की एक आम समस्या बन चुका है। इससे छुटकारा दिलाने के लिए जगह-जगह व्यायामशालाएं खुल गई हैं, आयुर्वेद से लेकर हर चिकित्सा पद्धति नुस्खे बताने लगी है। ऐसे में बहुत में लोगों को भ्रम बना रहता है कि वे किस पद्धति को अपनाएं, क्या खाएं, क्या न खाएं। कई बार ऐसा भी होता है कि कुछ लोग कुछ दिनों तक किसी एक नुस्खे को आजमाते हैं, फिर उसे छोड़ कर दूसरा नुस्खा आजमाने लगते हैं। इस तरह उन्हें कोई लाभ नहीं पहुंचता और वे निराश होने लगते हैं।

नियम बनाएं

मोटापा संबंधी परेशानियों से निजात पाना है तो आप अपनी दिनचर्या का अध्ययन करें और उसे संतुलित करने के लिए खुद नियम बनाएं। इसमें स्वास्थ्य संबंधी तमाम सुझाव आपकी थोड़ी मदद जरूर कर सकते हैं, पर सिर्फ उनके आधार पर अपने नियम न बनाएं। आपके काम की प्रकृति क्या है, रात पाली में काम करते या करती हैं, दिन भर सोते हैं, रात को देर से सोते और सुबह देर से जागते हैं, सुबह जल्दी दफ्तर के लिए निकलते हैं- इन तमाम बातों का अध्ययन करें। शहरों में हर आदमी के कामकाज का वातावरण और ढंग अलग है, इसलिए आप दूसरों को देख कर या उनके सुझाव पर नियम बनाने के बजाय अपनी दिनचर्या के हिसाब से नियम बनाएं।

भोजन पर नजर

स्वास्थ्य संबंधी नियम बनाते समय सबसे पहले अपनी भोजन संबंधी आदतों का अध्ययन करें। अगर भोजन को संतुलित कर लिया गया, उस पर नियंत्रण पा लिया गया, तो स्वास्थ्य संबंधी अनेक समस्याओं से धीरे-धीरे छुटकारा पाया जा सकता है।
शरीर का नैसर्गिक चक्र सूरज उगने के साथ जागने और सूरज छिपने के बाद सोने के बीच की गतिविधियों पर आधारित है। सुबह उठ कर शौच वगैरह से निवृत्त होकर कलेवा यानी नाश्ता करने, दोपहर को भोजन करने, शाम को हल्का कलेवा और रात को भोजन लेकर सो जाने का नियम है। यानी भोजन का अंतराल तय है। मगर बहुत से लोग इस नियम का पालन नहीं कर पाते। कभी उन्हें रात पाली में काम करना पड़ता है तो कभी दिन की पाली में। इस तरह न सिर्फ उनके सोने-जागने का क्रम बिगड़ता है, बल्कि भोजन का चक्र भी गड़बड़ रहता है। ऐसे लोगों के लिए बहुत कड़ाई से अपना भोजन चक्र तय करना पड़ता है। उन्हें अपने भोजन का समय इस तरह निर्धारित करना चाहिए कि चाहे उनकी ड्यूटी रात की हो या दिन की, वे यात्रा में रहें या घर पर, भोजन चक्र पर असर न पड़े। नाश्ता और भोजन तय समय पर ले सकें।

मोटापे से छुटकारा

मोटापा दरअसल, आहार और जीवन शैली में अनियमितता से पैदा हुई समस्या है। इसलिए इसे आहार में संतुलन से ही दूर किया जा सकता है।
हमारे भोजन में मोटापा दूर करने वाली अनेक चीजें शामिल होती हैं, मगर उनका सही उपयोग न किए जाने की वजह से वे अपना समुचित लाभ नहीं दे पातीं। इनमें जीरा और मेथी दो ऐसी चीजें हैं, जिनका सही उपयोग कर मोटापा और पेट संबंधी अनेक परेशानियों से बचा जा सकता है।
इन दोनों में से जिसका भी उपयोग करें, नियमित करें और तब तक करते रहें, जब तक फायदा नजर न आने लगे।
०जीरा: एक चम्मच जीरे को रात में एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह जीरे को छान लें। भीगे हुए जीरे को चबा कर गरम पानी पी लें। जीरे के निथरे हुए पानी को उबाल लें, उसमें आधा नीबू का रस निचोड़ें और एक-डेढ़ चम्मच शहद मिला कर चाय की तरह चुस्की लेते हुए पीएं। जीरा हमारे द्वारा ग्रहण की गई वसा को शरीर में अवशोषित नहीं होने देता और गरम पानी में नींबू शरीर में जमी हुई चर्बी को काटता है। इस तरह यह प्रयोग मोटापे के लिए चमत्कार है। यह सुबह खाली पेट ही लिया जाना चाहिए। इसे पीने के कम से कम एक घंटे बाद ही कुछ खाएं-पीएं।

०मेथी: एक चम्मच मेथी के दाने रात को एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह खाली पेट भीगी हुई मेथी के दाने चबा कर गरम पानी पी लें। मेथी के निथरे हुए पानी को उबालें और शहद के साथ चाय की तरह पीएं। इसे पीने के घंटे भर बाद ही कुछ खाए-पीएं। मेथी में अनेक औषधीय गुण होते हैं। यह न सिर्फ वजन कम करने, चर्बी घटाने में मदद करती है, बल्कि कब्जियत, गैस, एसिडिटी जैसी पेट संबंधी अनेक परेशानियों को दूर करती है। मधुमेह के रोगियों के लिए मेथी का उपयोग अत्यंत लाभदायक होता है।
इनमें से किसी एक को आप अपने स्वाद और सुविधा से चुन सकते हैं। इनमें से जो भी मसाला चुनें उसका महीने भर उपयोग करें, फिर आपको लाभ नजर आने लगेंगे। (रविवारी डेस्क)

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