December 04, 2016

ताज़ा खबर

 

वॉट्सऐप पर करते हैं चैटिंग तो संभल जाइए, हो सकती है हड्डियों की ये बीमारी

आपने स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से दिमाग पर होने वाले असर के बारे में तो सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं इससे आपकी हड्डियों में भी दिक्कत होती है।

आज कल हर कोई सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक और मैसेजिंग ऐप वाट्सएप ज्यादा व्यस्त करते हैं और अधिकतर समय चैटिंग में बिताते हैं।

आज कल हर कोई सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक और मैसेजिंग ऐप वाट्सएप ज्यादा व्यस्त करते हैं और अधिकतर समय चैटिंग में बिताते हैं। आपने स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से दिमाग पर होने वाले असर के बारे में तो सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं इससे आपकी हड्डियों में भी दिक्कत होती है। जानकारों का कहना है कि वाट्सऐप आदि के ज्यादा इस्तेमाल से कलाई और उंगलियों की जोड़ों में दर्द, आर्थराइटिस और रिपिटिटिव स्ट्रेस इंज्युरिज (आरएसआई) की समस्या हो सकती है।

आर्थराइटिस केयर फाउंडेशन (एसीएफ) के अध्यक्ष एवं इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के सीनियर आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. राजू वैश्य कहते हैं कि पिछले कुछ सालों में युवाओं में फेसबुक और वाट्सएप का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ा है। लोग वाट्सएप और फेसबुक पर चैटिंग या मैसेजिंग करने के लिए स्मार्टफोन और टैबलेट का इस्तेमाल करते हैं। लगातार चैटिंग और मैसेजिंग करते रहने की बढ़ती लत के कारण वैसे लोगों की संख्या बढ़ी है, जिन्हें उंगलियों, अंगूठे और हाथों में दर्द की समस्या महसूस हो रही है।

उन्होंने कहा कि इस तरह का दर्द और जकड़न रिपेटिटिव स्ट्रेस इंज्युरिज (आरएसआई) पैदा कर सकती है। आरएसआई एक ही काम को लंबे समय तक बार-बार दोहराए जाने के कारण जोड़ों के लिगामेंट और टेंडन में सूजन (इन्फ्लामेशन) होने के कारण होती है। वहीं इंस्टीट्यूट ऑफ बोन एंड ज्वाइंट (एमजीए हास्पीटल) के सीनियर आर्थोपेडिक सर्जन और निदेशक डॉ. अश्विनी माईचंद का कहना है कि जो लोग टच स्क्रीन स्मार्ट फोन और टैबलेट पर बहुत ज्यादा गेम खेलते हैं और टाइप करते हैं, उनकी कलाई और अंगुलियों के जोड़ों में दर्द हो सकता है और कभी-कभी अंगुलियों में गंभीर आर्थराइटिस हो सकती है। गेम खेलने वाले डिवाइस के लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण युवा बच्चों में इस समस्या के होने की अधिक संभावना होती है।

READ ALSO: दूध केले नहीं अब खाइए पानी और केले, होते हैं ये चौंकाने वाले फायदे

फोर्टिस हॉस्पिटल के स्पाइन और न्यूरो सर्जन डॉ. राहुल गुप्ता के मुताबिक, किसी भी काम के बार-बार दोहराए जाने के कारण जोड़ें, मांसपेशियां और नसें प्रभावित होती हैं, जिस कारण रिपिटिटिव स्ट्रेस इंजुरी होती है। उन्होंने कहा कि जो लोग सेल फोन पर अक्सर मैसेज टाइप करने के लिए अपने अंगूठे का उपयोग करते हैं, उनमें कभी-कभी रेडियल स्टिलॉयड टेनोसिनोवाइटिस (डी क्वेरवेन सिंड्रोम, ब्लैकबेरी थंब या टेक्सटिंग थंब के नाम से भी जाना जाने वाला) विकसित हो जाता है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि इस रोग में अंगूठे को हिलाने-डुलाने में दर्द होता है। हालांकि डेस्कटॉप-कीबोर्ड के लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण दर्द से पीड़ित रोगियों में इसके संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि डेस्कटॉप कीबोर्ड पर बार-बार टाइप करने पर यह दर्द और बढ़ सकता है।

हेल्थ से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 15, 2016 7:40 am

सबरंग