January 18, 2017

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अब शराब और सिगरेट की लत से छुटकारा दिलाएगी दवा

विज्ञान ने कई गंभीर बीमारियों का इलाज संभव करने के बाद अब नशे का इलाज भी ढूंढ लिया है।

इस शोध के अनुसार एक ऐसी दवाई है जो कि दिमाग के स्ट्रेस सिस्टम सिस्टम को टारगेट करती है जो लोगों की एल्कोहोल यूज डिसऑडर में मदद करती है।

विज्ञान ने कई गंभीर बीमारियों का इलाज संभव करने के बाद अब नशे का इलाज भी ढूंढ लिया है। एक शोध के अनुसार एक ऐसी दवाई है जो कि दिमाग के स्ट्रेस सिस्टम सिस्टम को टारगेट करती है जो लोगों की एल्कोहोल यूज डिसऑडर में मदद करती है। यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन एल्कोहोल अब्यूस एंड एल्कोहिज्म के राय लिटेन की ओर से की गई रिसर्च में एक नई दवा का चिकित्सीय ट्रायल किया गया है, जिसका नाम है एबीटी-436। यह दवा वैसोप्रेसिन के प्रभाव को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है जो कि मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस में उत्पादित होता है। वैसोप्रेसिन इमोशंस में शामिल पिट्यूटरी एडरेनल एक्सिस और अन्य ब्रेन सर्किट्स को विनियमित करने में मदद करता है। लिटेन ने बताया कि यह तनाव को रेग्युलेट करने में भूमिका निभाता है।

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लिटेन और उनके साथियों ने अपनी 12 हफ्तों की रिसर्च के लिए 144 एल्कोहोल पर निर्भर पुरुष और महिलाओं पर काम किया। इस दौरान 28 दिनों में महिला प्रतिभागियों ने हर हफ्ते 28 ड्रिंक पी जबकि पुरुष प्रतिभागियों ने एक हफ्ते में 35 ड्रिंक ली। रिसर्च में सामने आया कि जिन प्रतिभागियों ने एबीटी 436 ली थी, वो पेल्सबो गोलियां लेने वाले प्रतिभागियों से ज्यादा दिनों तक शराब से दूर रह सके। ज्यादा तनाव से परेशान प्रतिभागी एबीटी-436 से खुश थे। इतना ही नहीं इससे सिगरेट पीने वाले लोगों को भी फर्क महसूस हुआ। हालांकि एक्सपर्ट्स को संदेह है कि एबीटी-436 दिमाग के किसी हिस्से को टारगेट करता है जो कि तनाव से जुड़ा हुआ है और यह तंबाकू व शराब के डिसऑर्डर को प्रभावित करता है।

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First Published on October 5, 2016 4:31 pm

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