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आखिर “दंगल” के इस सीन से क्यों डर रहा है पाकिस्तान, क्या पर्दे पर तिरंगा देख भारतभक्त हो जाएंगे पाकिस्तानी!

पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड ने दंगल से भारतीय ध्वज और भारत का राष्ट्र गान हटाने के लिए कहा तो आमिर खान ने फिल्म को पाकिस्तान में रिलीज करने से इनकार कर दिया।
आमिर खान की फिल्म दंगल पहलवान महावीर सिंह फोगाट और उनकी बेटियों गीता और बबीता फोगाट के असल कहानी पर आधारित है। (तस्वीर- दंगल का पोस्टर)

भारत और पाकिस्तान की दुश्मनी एक तरफ और बॉलीवुड फिल्मों से दोनों मुल्कों का प्यार दूसरी तरफ। दोनों देशों के राजनेता एक दूसरे के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए रणनीतियां बनाने में व्यस्त रहते हैं तो फिल्म और संगीतकार भाईचारा दिखाने में। लेकिन राजनीति हमेशा सिनेमा पर भारी पड़ती है। दोनों देशों के रिश्ते तल्ख होते ही इसकी गाज हिन्दी फिल्मों पर गिरती है। भारत में कुछ कट्टरपंथी हिन्दी फिल्मों में पाकिस्तानी कलाकारों के होने पर बवाल काटते हैं, तोड़फोड़-आगजनी तक करने लगते हैं तो पाकिस्तानी इससे भी आसान रास्ता चुनते हैं और इन फिल्मों को अपने देश में रिलीज ही नहीं होने देते। आमिर खान की दंगल पाकिस्तान के इस शुतुरमुर्गी रवैये का ताजा शिकार हो गयी है।

पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड चाहता है कि दंगल को भारत के राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान वाले सीन हटाकर ही उनके पाक मुल्क में रिलीज किया जाए। इस पर फिल्म के निर्माता आमिर खान ने साफ कह दिया जाए कि इस शर्त के साथ वो दंगल पाकिस्तान में नहीं रिलीज करेंगे।  ये समझना मुश्किल है कि आखिर पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड की प्रॉब्लम क्या है? क्या एक फिल्म में भारतीय ध्वज देखकर और भारतीय राष्ट्र गान “जन गण मन अधिनायक” सुनकर क्या पाकिस्तानी भारतपरस्त या भारतभक्त हो जाएंगे? केवल भारत के ध्वजन को देखकर पाकिस्तानियों की देशभक्ति दरक जाएगी? क्या “जन गण मन” सुनकर पाकिस्तानियों का जमीर अपने मुल्क के खिलाफ बगावत कर देगा?

पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड ने एक बार भी नहीं सोचा कि दंगल हो या कोई और फिल्म जिस देश का पहलवान कुश्ची या कोई और मुकाबला जीतता है उस राष्ट्र का राष्ट्रीय गान बजाकर उसे सम्मान दिया जाता है। जिस देश का खिलाड़ी होता है वो उसी देश का ध्वज लहराया या दिखाया जाता है। यही हिंदुस्तान के साथ होता है, यही पाकिस्तान के साथ होता है। ये भी ध्यान रखना होगा कि आमिर खान की दंगल का पाकिस्तान से कोई लेना देना नहीं है। दंगल में कहीं भी पाकिस्तान विरोधी या पाकिस्तान को नीचा दिखाने वाला कोई सीन नहीं है। लेकिन भारतीय ध्वज और भारत के राष्ट्र गान के प्रति ऐसा दुराग्रह दिखाकर पाकिस्तान से खुद को नीचा दिखा दिया है।

दंगल भारतीय पहलवान महावीर सिंह फोगाट और उनकी बेटियों गीता फोगाट और बबीता फोगाट के संघर्ष और जीत की कहानी है। दंगल साल 2016 में भारत में सबसे ज्यादा कमायी वाली फिल्म रही थी। फिल्म की कहानी एक ऐसे पहलवान है कि जो लड़के की चाह रखता है लेकिन उसे होती चार बेटियां ही होती हैं। वो बहुत दिनों तक बेटे न होने के अफसोस में जीता है लेकिन आखिरकार उसे अहसास होता है कि “म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के?” शायद पाकिस्तान भारतीय तिरंगे और राष्ट्र गान से ज्यादा फिल्म के इस संदेश से डर गया है।

वीडियो: दंगल फेम गीता फोगट के असली कोच द्वारा लगाए इलज़ामों पर आमिर खान ने दी सफाई

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