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शाहरुख खान के नाम खुला खत- आपने नफरत के आगे घुटने टेकेे, नफरत जीत गई, आप अच्‍छाई की आवाज बनने से चूक गए

शाहरुख खान ने एनएनएस प्रमुख राज ठाकरे से मिलकर उन्हें आश्वासन दिया कि रईस फिल्म के प्रमोशन में पाकिस्तानी कलाकार माहिरा खान नहीं शामिल होंगी।
बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान। Image Source: Twitter

प्रिय शाहरुख

मुझे उम्मीद है कि आप शाहरुख कहने का बुरा नहीं मानेंगे क्योंकि सारे भारतीय आपको इसी रूप में जानते हैं। लेकिन शायद अब नहीं। पहले करण जौहर भारतीय देशभक्ति के स्वयंभू गैर-संवैधानिक रक्षक एमएनएस, जो उन्माद और नफरत का दूसरा रूप है, के सामने घुटने टेक दिए। उसके बाद मुझे ऐसी उम्मीद नहीं है थी कि आप ‘द किंग’ किसी गुंडे की ऐसी ऐसी अयाचित और गैर-कानूनी मांग के आगे झुक झाएंगे।जब आपने भारत में बहुत से लोगों द्वारा महसूस की जाने वाली असुरक्षा की भावना को मुखरता से सामने रखा था तो मैंने आपकी अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा में लेख लिखा था। कल तक आप किंग खान थे, ज्यादातर भारतीयों के दिलों के बादशाह। लेकिन ये नहीं समझ आ रहा है कि अब आप क्या हैं।

आपको पता होगा कि “रईस” मतलब “प्रमुख” होता है। इससे ताकत और सत्ता का की एक खास ध्वनि निकलती है। आप किंग थे जो अनगिनत भारतीयों के दिलों पर राज करता था। राज ठाकरे और उसके नफरत उड़ेलने वाले समर्थकों के पास अपनी मर्जी थोपने की कोई कानूनी ताकत नहीं है। इसीलिए उन्होंने आपको धमकी दी कि अगर आपने “रईस” के रिलीज कार्यक्रम में माहिरा खान को न बुलाने की उनकी बात नहीं मानी तो वो “रईस” को रिलीज नहीं होने देंगे और शांति व्यवस्था भंग करेंगे।

वो लम्हा डर या कायरता का रहा होगा लेकिन आप कह सकते हैं कि आप अपने रईस को बर्बादी से बचाना चाहते थे। ऐसे में मैं बेमन से मानूंगा कि आपने रईस से भिखारी बनने का फैसला किया। आप भिखारी का कटोरा लेकर डरते हुए हाथ बांधकर एमएनएस की दया की भीख मांगने गए। आप ये भी कह सकते हैं कि करण जौहर आप से पहले ये कर चुके हैं और इससे एनएनएस को मुंबई और आसपास के इलाके की शांति और कानून-व्यवस्था का संरक्षक होने का अधिकार मिल जाता है। लेकिन जिस पल आप एमएनएस के पास गए उसी पल आपने अपनी स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी को हमेशा के लिए एनएनएस और ऐसे दी दूसरे गुंडों के गिरोहों के हाथों गिरवी रख दिया।

आप तर्क दे सकते हैं कि राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने आपकी मदद का साहस नहीं दिखाया और ठाकरे और उनके समर्थकों को अपनी जगह दे दी। आप जानते हैं कि वो एमएनएस की वेदी पर करण जौहर की बलि देकर राज ठाकरे के सामने मुख्यमंत्री की कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी को एक बार पहले भी समर्पित कर चुके हैं।

आप दुनिया के सबसे अमीर अभिनेताओं में हैं। आपको पैसे के लिए और फिल्में बनाने की जरूरत नहीं है। मुझे पता है कि समय हमेशा बदलता रहता है और एनएनएस जैसे नफरत फैलाने वाले हमेशा नहीं रहेंगे। अगर अच्छी सोच वाले साथ मिल जाएं तो वो हमेशा अंधेरे और बुराई को हरा सकते हैं। महात्मा गांधी का “प्रेम ही सत्य है, सत्य ही प्रेम है” भी है, जो लाखों हिटलरों से ज्यादा ताकतवर है। पूरी दुनिया को बुराई के खिलाफ पुरजोर विरोध की जरूरत है। आप वो आवाज बन सकते थे। लेकिन दुर्भाग्यवश आप वो आवाज नहीं बन सके।

अगर आपने आपकी अभिव्यक्ति की आजादी को दबाए जाने का विरोध किया होता तो भारत की एक बड़ी आबादी आपके साथ खड़ी होती। अगर आपने इन छद्म देशभक्तों से कहा होता कि “तुम लोग अपने काम से काम रखो” तो बहुत से भारतीय आपके कंधे से कंधे मिलाकर इस लड़ाई में आपका साथ देते।

लेकिन दुर्भाग्यवश आपने बुराई के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, एसआरके। आप नफरत के आगे झुक गए। नफरत जीत गई। आप फिल्मों में जिस प्रेम के गीतों पर नाचते-गाते हैं उससे गहरे प्रेम- बुनियादी आजादी का प्रेम और अभिव्यक्ति की आजादी का प्रेम हार गए। “किंग” खान क्योंकि अब आप “किंग” कहने लायक नहीं रहे, प्लीज आप हमें बताएं कि नफरत के सौदागर के साथ आपकी अत्यंत निंदनीय सौदेबाजी के बाद हम आपको क्या कहें?

आपका दोस्त

उज्जल दोसांज

वीडियोः देखिए शाहरुख खान की ‘रईस’ का ट्रेलर; दमदार डायलॉग और एक्शन से भरपूर

वीडियोः एक साथ रिलीज़ हो रही हैं ‘काबिल’ और ‘रईस’; शाहरुख बोले- “भारत में सिर्फ एक फिल्म का रिलीज़ होना मुमकिन नहीं”

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  1. H
    haeish
    Dec 13, 2016 at 11:16 am
    Raj Thakre aur Shahrikh khan dono hi kalakar hai ek rajneeti ka aur dusra filmon ka dono ko apni-apni rotiyan sekani hai, ptra likhanewale ke vichar bahut achhe isse siddh hota hai ki aap ki soch achhi hain lekin aap jaise sochte hain vase ye log nahin sochte inko paise ki hi jaroorat hai,aap jisko jhukna kahate hai use bisyness ki bhasha men samjhota karna kahte hain
    (0)(0)
    Reply
    1. S
      surendra choudhsry
      Dec 13, 2016 at 5:49 am
      jo nheru firoj khan she apni ladki indra khan ko nahi baca paya vo chin shye lakho hekteyar jamin ka tukda nahi baca paya jo i jinna khe samne napunsak tha 10lakh hindu ka hatiyara i
      (0)(0)
      Reply
      1. S
        sandeep
        Dec 12, 2016 at 12:53 pm
        येह आप का विचार है पर देश ऐसा नहीं सोचता जो आप सोच रहे हो . देश पहले फिर शाहरुख खान या कारन जोहर .
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        Reply
        1. A
          An average
          Dec 12, 2016 at 3:05 pm
          रईस का मतलब कभी भी प्रमुख नही होता है। इसका सीधा मतलब बहुत धनी पैसे वाला होता है जो वह है। रही बात किन्ग की तो वह सिर्फ तुम्हारे जैसे कमजोर और अपरिपक्व दिमाग वाले के लिए है। वह सिर्फ एक एक्टर है। आप भी याद रखें पहले देश फिर और कुछ।
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          Reply