December 09, 2016

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बॉलीवुड के अपने सफर में क्यों अकेलापन महसूस करती थीं तब्बू?

तब्बू ने कहा- बिलकुल, मुझे मेरे को-स्टार्स का सपोर्ट मिलता था, जिन्होंने मेरे साथ काम किया था, जिन्होंने मुझे यह शानदार मौके दिए थे।

बॉलीवुड एक्टर इरफान खान और तब्बू।

“पीछे देखने पर मैं पाती हूं कि मैंने एक बहुत गहरा समंदर पार किया है, एक उफनता हुआ समंदर। यह सब करते वक्त हमें इसका अहसास नहीं होता, लेकिन जब हम किनारे पर पहुंच जाते हैं सब कुछ ऑब्जर्व करने की स्थिति में, उस वक्त अपने सफर को देखने पर मैं पाती हूं कि मैं इस सब में बहुत अकेली थी। मेरे खुद के सफर में, मेरे फैसलों में, मेरे रास्ते में, मैं पूरी तरह अकेली थी।” यह शब्द हैं जानी मानी एक्ट्रेस तब्बू के। अंग्रेजी साइट रिडिफ डॉट कॉम से इंटरव्यू के दौरान अपने दिल की कई बातें उजागर कीं और उन्होंने बताया कि किस कदर उन्हें इस बुलंदी तक पहुंचने के दौरान अकेलेपन और बेचैनी का सामना करना पड़ता था।

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उन्होंने कहा- बिलकुल, मुझे मेरे को-स्टार्स का सपोर्ट मिलता था, जिन्होंने मेरे साथ काम किया था, जिन्होंने मुझे यह शानदार मौके दिए थे… लेकिन बात यह है कि मैं कभी भी सबसे अच्छी नहीं बनना चाहती थी। यही शायद मेरा सबसे बड़ा स्ट्रगल था। तब्बू के मुताबिक वह कुछ ऐसा कर गईं जिसके लिए वह नहीं बनी थीं। उन्होंने कहा- ऐसे लोग थे जो हमेशा से एक्टर बनना चाहते थे। वे हर चीज को पूरे मन से करते थे। आप अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए सब कुछ करते हैं। लेकिन इस मामले में मेरी अप्रोच बिलकुल अलग थी। इसीलिए शायद मुझे लगता है कि लोग मुझे समझ नहीं पाते; मेरा मैनेजर अक्सर आपा खोकर कहा करता था, “यह है क्या? इसे चाहिए क्या आखिर?”

तबू ने बताया कि इस सब के बावजूद मैं शायद बहुत लकी थी। मैं कुछ ऐसे लोगों शानदार लोगों के साथ थी जिन्होंने मुझमें से सर्वश्रेष्ठ चीज को ढूंढ निकाला। मेरे को-स्टार्स, मेरे डायरेक्टर्स, मेरी स्क्रिप्ट, इरफान खान, अजय देवगन, विशाल भारद्वाज, गुजजार साब जैसे लोग और मेरे कई अन्य दोस्त। उन्होंने खुले दिल से इस बात को स्वीकार किया कि यदि मुझे हंसने को न मिले और मैं सिर्फ सीरियस लोगों के साथ बनी रहूं तो मैं बीमारों जैसा महसूस करने लगती हूं। मैं मर जाऊंगी। मेरे पूरे परिवार के पास गजब का सेंस ऑफ ह्यूमर है। शायद मुझे मेरा खुशमिजाज अंदाज उन्हीं से मिला है।

अपने आज के वक्त में क्या वह अकेलापन महसूस करती हैं यह पूछे जाने पर तबू कहती हैं, “अब मैं वैसा महसूस नहीं करती क्योंकि मेरे पास परिवार, दोस्तों और कजिन्स का विशाल नेटवर्क है। थोड़ा रुकने के बाद वह कहती हैं, “मैं अकेलापन महसूस करती हूं… और मैं नहीं जानती कि शायद ऐसा इसलिए है कि मैं एक एक्टर हूं। मेरा एक दोस्त हमेशा कहता है कि एक्टर्स अपने सफर में हमेशा अकेले होते हैं और मुझे हर शख्स के बारे में यह सही लगता है।

तब्बू ने कहा- मैंने अकेला होने, अकेलापन होने, बोर होने, अपना जुनून ढूंढने और खुद को व्यस्त रखने के माइने समझ लिए हैं। आप हमेशा खुश या हमेशा उदास या दुखी नहीं होते हैं, यह सब बस याद रखने के लिए होते हैं।

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First Published on November 5, 2016 11:32 am

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