March 25, 2017

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Pink देखकर फैन ने लिखी ऐसी चिट्ठी कि पढ़कर रो पड़ीं तापसी पन्नू

शूजित सरकार के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म क्रिटिक्स की तारीफ के साथ-साथ हर जगह पसंद की जा रही है। श्रृष्टि भी फिल्म देख कर इंस्पायर हुईं जिस वजह से उन्होंने यह लेटर लिखा और ट्विटर पर शेयर किया।

अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नु स्टारर पिंक की हर तरफ तारीफ हो रही है। जब से फिल्म रिलीज हुई है इसमें दिए गए इंस्पायरिंग मैसेज को सराहा जा रहा है। फिल्म में महिलाओं के स्ट्रॉन्ग पोर्ट्रेयल की तारीफ की जहा रही है। इसी कड़ी में एक ट्विटर यूजर श्रृष्टि मित्रा ने तापसी के लिए एक चिट्ठी लिखी है। शूजित सरकार के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म क्रिटिक्स की तारीफ के साथ-साथ हर जगह पसंद की जा रही है। श्रृष्टि भी फिल्म देख कर इंस्पायर हुईं जिस वजह से उन्होंने यह लेटर लिखा और ट्विटर पर शेयर किया। श्रृष्टि ने फिल्म मेकर्स को बधाई देते हुए तापसी को शुक्रिया कहा कि उन्होंने इस फिल्म में काम किया। उन्होंने लिखा, आपने इस फिल्म के जरिए कई लोगों की जिंदगी बदली है। आपने लड़कियों को स्ट्रॉन्ग बनाया है। आपने लड़कियों को अपने बारे में सोचने की एक वजह दी है। खुद को प्यार करने की वजह दी है। समाज में विरोधी चीजों से लड़ने और उनका सामना करने की हिम्मत दी है।

शृष्टि फिल्म देखकर इतनी इंस्पायर हुईं कि वह लेटर लिखने को मजबूर हो गईं। उन्होंने कहा, मैंने यह महसूस किया है कि रीति रिवाज और वैल्यू ही सब कुछ नहीं है। आप उन्हें कितना भी पकड़ने की कोशिश करें। लेकिन एक समय आता है जब आपको सही और अपकी सहूलियत के बीच एक को चुनना होता है।

देखें फोर्स 2 का ट्रेलर

शृष्टि ने इस चिट्ठि में कई सवाल भी खड़े किए। उन्होंने लिखा कि बदलाव एक दिन में नहीं आएगा। इसके लिए सही दिशा में आगे बढ़ना होगा और सही कदम उठाने होंगे। समाज को पूरी तरह बदलने में समय लगेगा। लोगों को यह समझने में समय लगेगा कि ना का मतलब ना ही होता है। आपने एक शुरुआत की है और यह बहुत मायने रखती है।

बता दें कि इस फिल्म से तापसी भी काफी प्रभावित थीं। फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने भी अपना एक्सपीरियंस शेयर किया था। उन्होंने बताया था कि जब वो दिल्ली में रहती थीं तो वो भी कई बार ईव टीजिंग का शिकार हुई थीं। 29 साल की एक्ट्रेस ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, दिल्ली में लगभग रोजाना ईव टीजिंग हुआ करती थी। कॉलेज के दिनों में मैं डीटीसी बस से सफर किया करती थी। मुझे अपनी कार तब मिली जब मैं 19 साल की हुई। इससे पहले दो साल मैंने बस से सफर किया है और बस में इस तरह की हरकत होना आम बात है। कई बार लोग आपको गलत तरीके से छूते हैं। मेरे साथ भी कई बार ऐसा हुआ। किसी त्योहार के मौके पर अगर बाजार या भीड़ भरे इलाके में निकल जाएं तो इस तरह के बुरे एक्सपीरिंस का सामना होता ही है।

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