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शाहरुख खान: बोलने की आजादी का मतलब चुप रहने का अधिकार भी है, असहिष्‍णुता पर मैंने साध रखी है चुप्‍पी

शाहरुख ने पिछले साल असहिष्‍णुता पर बयान दिया था तो उसका काफी विरोध हुआ था। इस पर उनकी प्रतिक्रिया पूछी गई तो उन्‍होंने यह बात कही।
Author मुंबई  | March 1, 2016 11:07 am
बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने कहा है कि अभिव्‍यक्ति की आजादी का मतलब चुप रहने का अधिकार भी है। वह अपनी आने वाली फिल्‍म ‘फैन’ के ट्रेलर लॉन्‍च के मौके पर बोल रहे थे।

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने कहा है कि अभिव्‍यक्ति की आजादी का मतलब चुप रहने का अधिकार भी है। वह अपनी आने वाली फिल्‍म ‘फैन’ के ट्रेलर लॉन्‍च के मौके पर बोल रहे थे। शाहरुख ने पिछले साल असहिष्‍णुता पर बयान दिया था तो उसका काफी विरोध हुआ था। इस पर उनकी प्रतिक्रिया पूछी गई तो उन्‍होंने यह बात कही।

शाहरुख ने कहा, ‘जब मैं केकेआर के खिलाफ मुंबई इंडियंस का मैच देखता हूं तो मैं केवल एक ही अपील करता हूं- आउट – मैं इसमें पड़ता नहीं हूं। अभिव्‍यक्ति की आजादी का मतलब चुप रहने का अधिकार भी है। मैं इस मामले में एकदम चुप हूं।’

नवंबर में 50वें जन्‍मदिन पर शाहरुख ने कहा था कि देश में ‘बेहद असहिष्‍णुता’ (extreme intolerance) है…ऐसा है..मुझे लगता है कि यह बढ़ ही रही है। इस बयान के बाद कई भाजपा नेताओं सहित अन्‍य लोगों ने शाहरुख का विरोध किया था। उनकी फिल्‍म ‘दिलवाले’ के खिलाफ भी कई जगह प्रदर्शन हुए थे। बाद में उन्‍होंने कहा था कि उनके शब्‍दों को गलत तरीके से पेश किया गया था, उन्‍होंने कभी नहीं कहा कि भारत असहिष्‍णु देश है।

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  1. N
    nc
    Mar 1, 2016 at 12:16 pm
    बोलने के अधिकार का मतलब अधिक जिम्मेदारी से बोलना है और कलाकारों के ब्यवसायिक स्वार्थ होते है उन्हें सम्हालकर बोलना चाहिए बोलना न आता हो तो चुप रहना बेहतर है
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