December 05, 2016

ताज़ा खबर

 

मैं सीधा लोगों से जुड़ता हूं : शाहरुख

मैंने कभी भी फिल्म की कहानियों को नहीं सुना और जब मैं ऐसा बोलता हूं तो लोग सोचते हैं कि मैं झूठ बोेल रहा हूं।

Author नई दिल्ली | November 24, 2016 05:10 am
शाहरुख खान की पहली फिल्म दीवानी 1992 में रिलीज हुई थी। (तस्वीर- एक्सप्रेस आर्काइव)

फिल्म इंडस्ट्री में अपने 25 साल के शानदार सफर के बीच शाहरुख खान के लिए अपनी फिल्मों के चयन की प्रक्रिया काफी जटिल रही है लेकिन इस सुपरस्टार का कहना है कि उन्होंने फिल्म बनाने के लिए हमेशा फिल्म निर्माता-निर्देशकों से संपर्क साधा है। शाहरुख का कहना है, मैं कहानियों को सुनने के बजाय सीधा लोगों से मिलता हूं। आशुतोष गोवारिकर मेरे दोस्त हैं, उन्होंने ‘लगान’ फिल्म बनाई, मैं चाहता तो उनके साथ मैं काम कर सकता था लेकिन मैंने ‘स्वदेस’ को चुना। मैंने फिल्म को नहीं चुना, बल्कि मैंने उनको (गोवारिकर) चुना क्योंकि उनकी इच्छा थी कि हम साथ में ‘स्वदेस’ को बनाएं।

शाहरुख ने एक मुलाकात में बताया, लोग सोचते हैं कि ‘अगर मैं उनके साथ एक फिल्म बना लूंगा तो वे फिल्म को सुपरहिट बना देंगे। लेकिन वास्तव में ऐसा कुछ भी नहीं है। मैंने कभी भी फिल्म की कहानियों को नहीं सुना और जब मैं ऐसा बोलता हूं तो लोग सोचते हैं कि मैं झूठ बोेल रहा हूं, लेकिन मैं ऐसा नहीं हूं।
इस अभिनेता का कहना है कि निर्देशक आनंद एल राय के साथ वे अगली फिल्म में काम कर रहे हैं, जिसके बारे में उनका कहना है कि आनंद एल राय उन्हें फिल्म की पटकथा सुनाना चाहते थे लेकिन उन्होंने मना कर दिया। शाहरुख का मानना है कि यह करना असंगत होता क्योंकि वे पहले से ही राय के साथ जुड़े हुए थे और इसलिए उन्होंने फिल्म की कहानी सुनना जरूरी नहीं समझा। शाहरुख ने कहा, कभी-कभी तो यह अच्छा होता है और कभी-कभी उम्मीदें बिल्कुल अलग हो जाती है। मैं तो वास्तव में मानता हूं कि फिल्म पर फिल्म निर्माताओं का विशेषाधिकार होता है और अभिनेता को इसके बीच में नहीं पड़ना चाहिए।
फिल्म ‘फैन’ के अभिनेता का कहना है कि लोगों को लगता है कि उन्होंने जीवन में सब कुछ हासिल किया है, उनका लंबा करिअर काफी सफल रहा है, लेकिन यह सच नहीं है। उनका कहना है कि यहां तक कि वह अपनी अगली फिल्म को लेकर कोई योजना बनाने में विश्वास नहीं करते हैं, वे जानते हैं कि काफी कुछ है करने के लिए और बहुत-सी चीजें हासिल की जा सकती है।

इस पर शाहरुख ने कहा, मैं अपने करिअर को आकार देने और इसको डिजाइन करने में विश्वास नहीं रखता। मैं बस फिल्में करता हूं। मैं इन सब चीजों को नहीं देखता बल्कि यह सब कर लेता हूं। करने के लिए बहुत कुछ है। उनका कहना है, एक अभिनेता होने की सबसे अच्छी बात यह है कि हरेक गुजरते दिन के साथ आपको यह अहसास होता है कि कहां पर कमी रह गई हैं। हरेक दिन हमें पता होता है कि मुझे अभिनय के बारे में और कितना सीखना है, तभी आप एक बेहतर अभिनेता बन पाएंगे।उनकी अगली फिल्म ‘डियर जिंदगी’ इस शुक्रवार को रिलीज हो रही है, जो जीवन जीने की कलाओं पर आधारित है। गौरी शिंदे इस फिल्म की निर्देशक हैं। इस फिल्म में वे जीवन कोच की भूमिका निभा रहे हैं। इसके बाद उनकी अगली फिल्म ‘रईस’ होगी जिसमें वे शराब तस्कर की भूमिका में दिखेंगे। और आने वाले दिनों में वे इम्तियाज अली और आनंद एल राय की फिल्मों में दिखेंगे।

 

प्रियंका चोपड़ा ने लॉन्च किया अपनी पहली पंजाबी फिल्म ‘सरवन’ का ट्रेलर

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 24, 2016 5:10 am

सबरंग