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सलमान खान को तब कोई पूछता भी नहीं था, शूट पर न मिलती थी बैठने को कुर्सी

आपने उन्हें फिल्मों शर्टलेस में देखा होगा, लेकिन चेयरलेस हालत नहीं देखी होगी। यह वाकया फिल्म...

आज बी-टाउन में किसी का जलवा है तो सलमान खान का। बाकियों का तो ‘हलवा’ है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि सल्लू जहां जाते हैं। वहां उनकी खूब आवा-भगत होती है। फिल्म शूटिंग के दौरान प्रड्यूसर उनके रुकने-ठहरने और बाकी चीजों का बंदोबस्त करते हैं। मगर करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें कोई पूछता तक नहीं था। यहां तक कि उन्हें बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं मिलती थी। आपने उन्हें फिल्मों शर्टलेस में देखा होगा, लेकिन चेयरलेस हालत नहीं देखी होगी। यह वाकया फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ के दौरान का है। सल्लू तब नए-नए थे। इंडस्ट्री में न तो उनका रुतबा था ही अहमियत। शॉट खत्म होने पर कोई उनके लिए छतरी या कुर्सी लेकर नहीं आता था। आमतौर पर जब डायरेक्टर कट बोलते हैं, तो स्टार्स के लिए स्पॉट ब्वॉय छतरी, कुर्सी, जूस और ठंडा वगैरह लाते हैं। इस दौरान वे उनका पूरा ख्याल रखते हैं। मगर सल्लू के साथ ऐसा कुछ नहीं होता था।

सलमान के साथ उस फिल्म में फिल्म एक्टर मोहनीश बहल भी थे। उनसे सल्लू की खूब जमती थी। वह उन्हीं से इस बारे में कान में चुपके से बोलते थे। मोहनीश बहल के मुताबिक वह और सलमान करियर के शुरुआती दिनों में साथ में शूटिंग करते थे। कई बार कट बोलने के बाद हम लोगों को बैठने के लिए कोई कुर्सी नहीं देता था। बकौल मोहनीश, कुर्सी नहीं मिलने पर सलमान कहते थे कि मोहनिया देखना एक दिन ऐसा भी आएगा जब यह कुर्सी चलकर हमारे पास आएगी।

उन्होंने आगे यह भी बताया कि इस बात के बाद हम ‘मैंने प्यार किया’ का शो देखने गए थे। तब यश चोपड़ा की फिल्म चांदनी की सिल्वर जुबली थी। मुझे लग रहा था कि हमारी फिल्म उसके आगे कहां टिकेगी। मगर फिल्म देखने के बाद लोग स्क्रीन पर रुपये उड़ाने लगे थे। वहीं से मुझे लग गया था कि सल्लू का स्टारडम शुरू हो गया है।

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