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जयललिता को ‘कोहिनूर हीरा’ बताने वाले रजनीकांत ने कहा- मैंने उन्हें चोट पहुचांई थी

तमिल सुपरस्टार रजनीकांत ने आज दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें ‘कोहिनूर हीरा’ बताया जिन्होंने पुरूष प्रधान समाज में मुश्किलों के बीच अपना रास्ता तैयार किया।
भावुक होकर रजनीकांत ने कहा कि मैं था जयललिता की हार की मुख्य वजह (फाइल फोटो)

तमिल सुपरस्टार रजनीकांत ने दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें ‘कोहिनूर हीरा’ बताया जिन्होंने पुरूष प्रधान समाज में मुश्किलों के बीच अपना रास्ता तैयार किया। जयललिता और कलाकार से पत्रकार बने चो एस रामास्वामी के लिए साउथ इंडियन आर्टिस्ट एसोसिएशन या नाडिगर संगम द्वारा आयोजित शोकसभा में रजनीकांत ने 1996 के विधानसभा चुनाव के दौरान जयललिता के खिलाफ इस्तेमाल किए गए अपने कड़े शब्दों को भी याद किया जिससे उन्हें बहुत दुख हुआ था। उन्होंने तत्कालीन अन्नाद्रमुक सरकार की अपनी आलोचना का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैंने उन्हें चोट पहुंचाई। मैं उनकी पार्टी की हार की मुख्य वजह था।’ रजनीकांत ने तब कहा था कि यदि जयललिता की अन्नाद्रमुक चुनकर फिर सत्ता में आयी तो भगवान भी तमिलनाडु को बचा नहीं सकता। तब द्रमुक नीत गठबंधन ने प्रबल सत्ताविरोधी लहर में चुनाव जीता था। रजनीकांत ने अपने पुराने दोस्त रामास्वामी को भी श्रद्धांजलि दी। जयललिता का पांच दिसंबर को निधन हो गया था जबकि रामास्वामी सात दिसंबर को गुजर गए थे।

उन्होंने तमिल फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत इस साल अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे। आज यानि 12 दिसंबर को रजनीकांत ने 66 वर्ष पूरे कर लिए हैं। हर साल की तरह इस साल भी उनके प्रशंसक उनके लिए विशेष प्रार्थनाएं आयोजित करना चाहते हैं। लेकिन इस साल उन्होंने अपने फैंस से कहा कि उनका जन्मदिन ना मनाएं। तमिलनाडु की मुख्‍यमंत्री जे. जय‍ललिता के निधन के बाद उन्हें श्रद्धाजंलि देने के लिए सुपरस्टार रजनीकांत ने इस साल अपना जन्‍मदिन नहीं मनाने को फैसला किया है।

आपको बता दें कि रजनीकांत का मुख्यामंत्री जयललिता का साथ संबंध उतार चढ़ाव भरे रहे हैं। लेकिन उनकी मौत के बाद वह उन्हें श्रद्धाजंलि देने राजाजी हॉल भी गये थे। करीब 200 फिल्मों में और दो दशक तक तमिल फिल्मों में काम करने वाली एआईएडीएमके चीफ जयललिता ने 5 दिसंबर को चेन्‍नई के अपोलो अस्‍पताल में अंतिम सांसें ली। इसके बाद से ही राज्‍य में शोक की लहर दौड़ गई। राज्य सरकार ने उनके निधन को देखते हुए सात दिन के शोक का ऐलान किया है। इसी के मद्देनजर रजनीकांत ना सिर्फ खुद इस वर्ष अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे बल्कि उन्होंने अपने फैंस से भी अपील की है कि उनके जन्मदिन में किसी प्रकार को कार्यक्रम ना करें। रजनीकांत ने एक बस कंडक्टर के तौर पर अपने जीवन का शुरूआत की थी। तब उन्हें फिल्म निर्माता के. बालाचंदर ने मौका दिया था और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। रजनीकांत का वास्तविक नामशिवाजी राव गायकवाड है और वो मूल रूप से मराठी हैं।

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