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मिलिए ‘असली बेगम जान’ से, जानिए विद्या बालन को पहली पसंद बताने पर क्या दिया निर्देशक को जवाब

श्रीजीत मुखर्जी जो कि हिंदी फिल्म का भी प्रमोशन कर रहे हैं, ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि विद्या बालन दोनों ही फिल्मों के लिए उनकी विशलिस्ट में थीं।
Author नई दिल्ली | March 20, 2017 16:44 pm
2015 में रिलीज हुई बंगाली फिल्म राजकहिनी की एक्ट्रेस रितुपर्णा गुप्ता यानि असली ‘बेगम जान’ ने कहा कि उन्हें पता ही नहीं था कि फिल्म की कास्टिंग के लिए श्रीजीत मुखर्जी की पहली पसंद विद्या बालन थीं।

2015 में रिलीज हुई बंगाली फिल्म राजकहिनी की एक्ट्रेस रितुपर्णा गुप्ता यानि असली ‘बेगम जान’ ने कहा कि उन्हें पता ही नहीं था कि फिल्म की कास्टिंग के लिए श्रीजीत मुखर्जी की पहली पसंद विद्या बालन थीं। डीएनए के साथ बातचीत में 45 वर्षीय रितुपर्णा ने कहा- मुझे पता नहीं था कि राजकहिनी के लिए भी वह विद्या बालन को ही चाहते थे। और इस बात को वह आज क्यों कह रहे हैं। हम साथ में फिल्म किए जाने के लिए सबसे लंबे वक्त तक चर्चा में रहे हैं। श्रीजीत ने मुझे बताया था कि वह मेरे पास तब आएंगे जब उनके पास मेरे लायक ऐसा रोल होगा जो मायने रखता हो। मैं दिल्ली में एक इवेंट अटेंड कर रही थी जब मैंने अपना फोन चेक किया। मैंने देखा कि उसमें 10 मिस्ड कॉल थीं। उन्होंने फिर कॉल की और कहा- मेरे पास तुम्हारे लिए एक बहुत एक्साइटिंग खबर है। मैंने उनसे इंतिजार करने को कहा, और जब तक मैं कोलकाता पहुंची वह मेरे घर पहुंच चुके थे। पूरी स्क्रिप्ट और कॉन्सेप्ट के साथ।

श्रीजीत मुखर्जी जो कि हिंदी फिल्म का भी प्रमोशन कर रहे हैं, ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि विद्या बालन दोनों ही फिल्मों के लिए उनकी विशलिस्ट में थीं। वास्तव में राजकहिनी को दोनों भाषाओं में लिखा जाना था और मैं चाहता था कि विद्या बालन दोनों के लिए एक्ट करें। क्योंकि मुझे उनकी डेट्स नहीं मिली और चीजें ठीक नहीं हुईं, तो मैंने इसे बंगाली में बनाने का सोचा और रितुपर्णा से संपर्क किया। मालूम हो कि विद्या बालन अपनी अगली फिल्म में कोठा चलाने वाली महिला बेगम जान का करिदार निभा रही हैं। फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो चुका है जिसमें वह गालियां देते हुए भी नजर आ रही हैं। जब उनसे पूछा गया कि गालियां देने में उन्होंने खुद को कंफर्टेबल कैसे किया तो उन्होंने हंसते हुए कहा, यह मेरे लिए बहुत आसान था क्योंकि मैं रोज गाली देती हूं। नहीं मैं ऐसा कभी नहीं करती।

उन्होंने कहा- सोशियोलॉजी की स्टूडेंट के तौर पर मैं भारत में वैश्यावृत्ति से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानती हूं। लेकिन इस फिल्म की शूटिंग के दौरान मैंने उनकी तकलीफें समझीं। उनकी जिंदगी की परेशानियों को समझा। किसी के शरीर का शोषण करना, देह व्यापार कभी भी आसान नहीं होता। तो ऐसे में हरवक्त एक गुस्सा रहा। तो मैंने सब भड़ास निकाल दी इस फिल्म में। जब मेरे पास लाइनें नहीं होती थी तो मैं गाली दे देती थी। जिस तरह की यह फिल्म है और जैसा इसका बैग्राउंड है गाली देना बहुत आसान है।

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