ताज़ा खबर
 

Lucknow Central Day 2 Box Office Collection: दूसरे दिन और चढ़ा फरहान अख्तर का ‘सुरूर’

Lucknow Central Day 2 Box Office Collection: फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे कुछ कैदी मिलकर बैंड बनाने की कोशिश करते हैं जबकि उनका असल मकसद जेल से भागने का होता है।
Author नई दिल्ली | September 17, 2017 11:14 am
Lucknow Central Box Office Collection: रंजीत तिवारी ने लखनऊ सेंट्रल के जरिए निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा है। हिट फिल्म बनने के लिए फरहान की फिल्म को हफ्ते भर अच्छा कलेक्शन किया जाना जरूरी है।

Lucknow Central Day 2 Box Office Collection: बॉलीवुड एक्टर फरहान अख्तर, डायना पेंटी, गिप्पी ग्रेवाल, राजेश शर्मा और दीपक डोबरियाल स्टारर फिल्म लखनऊ सेंट्रल पिछले हफ्ते रिलीज हो चुकी है। फिल्म द्वारा पहले दिन कम से कम 2 करोड़ रुपए का बिजनेस किए जाने की उम्मीद की जा रही थी और उम्मीदों पर खरी उतरते हुए इसने पहले दिन 2 करोड़ 4 लाख रुपए की कमाई की। दूसरे दिन फिल्म के बिजनेस में 38.24% का उछाल आया और यह 2 करोड़ 82 लाख रुपए का बिजनेस कर पाने में कामयाब रही। फिल्म का अब तक का कुल बिजनेस 4 करोड़ 86 लाख रुपए हो चुका है। उम्मीद की जा रही है कि फिल्म की कमाई में रविवार को और ज्यादा उछाल आ सकता है। देखना यह होगा कि इसके साथ रिलीज हुई कंगना रनौत की फिल्म सिमरन को क्या फरहान अख्तर मात दे पाएंगे।

बात करें यदि फिल्म की कहानी की तो फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे कुछ कैदी मिलकर बैंड बनाने की कोशिश करते हैं जबकि उनका असल मकसद जेल से भागने का होता है। फिल्म में आपको जबर्दस्त एक्टिंग के साथ एक म्यूजिकल जर्नी देखने को मिलेगी। कहानी की बात करें तो किशन गिरहोत्रा (फरहान अख्तर) उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का रहने वाला है जो मनोज तिवारी की तरह एक गायक बनना चाहता है। अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए वो कोशिश भी करता है लेकिन तभी एक झूठे इल्जाम की वजह से उसकी जिंदगी बदल जाती है।

दरअसल उस पर मुरादाबाद के आईएएस अधिकारी के खून का गलत आरोप लग जाता है। जिसकी वजह से उसे जेल जाना पड़ता है। उसे सजा उस गुनाह की सजा मिल जाती है जो उसने कभी किया ही नहीं होता। इसके बाद वो आजाद होने के सपने देखता है। तभी उसे पता चलता है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री कैदियों का बैंड बनाकर उनके बीच एक प्रतियोगिता करवाना करना चाहते हैं। इस काम में किशन को मदद मिलती है एक एनजीओ कर्मी (डायना पेंटी) की। बस यहीं से उसके लिए उम्मीद की किरण जगती है। क्या वो इस प्रतियोगिता की आड़ लेकर जेल से भाग जाएगा?

http://www.jansatta.com/entertainment/

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग