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सनी देओल ने जिस ‘जीत्ते’ की वजह से पाक में मचा दिया था ‘गदर’, बन गया हीरो

15 जून साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म गदर को इस साल 16 साल हो चुके हैं।
फिल्म गदर के एक सीन में सनी देओल और अमीषा पटेल के साथ चाइल्ड आर्टिस्ट उत्कर्ष शर्मा।

‘हमारा हिंदुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है और जिंदाबाद रहेगा’ आज भी सनी देओल से लोग इस डायलॉग को सुनाने की फरमाइशे करते हैं। 15 जून साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म गदर को इस साल 16 साल हो चुके हैं लेकिन आज भी इस फिल्म का हर किरदार जीवंत नजर आता है। इस फिल्म के ऐसे कई डायलॉग हैं जो आज भी हिट हैं और इंडिया बनाम पाकिस्तान क्रिकेट मैच के दौरान तो हमेशा गदर फिल्म के डायलॉग और सीन्स ट्रोल होते हैं। आपको सकीना और ताराचंद का बेटा ‘जित्ता’ तो याद ही होगा जिसका फिल्म में पूरा नाम चरणजीत होता है। आइए आज हम आपको उस बालकलाकार चरणजीत के बारे में बताते हैं जिसका नाम उत्कर्ष है।

फिल्म में वह उत्कर्ष ही था जिसकी वजह से सनी देओल को पाकिस्तान जाना पड़ा था। क्योंकि सकीना के जीत्ते को अपनी मां से मिलना था। जीत्ते की वजह से सनी पाकिस्तान पहुंचते तो शांत व्यवहार के साथ हैं लेकिन वहां जाकर जो सनी ने जो किया वो आज दुनिया को पता है। ‘गदर’ ने अपने समय में बॉक्स ऑफिस में गदर मचा दिया था।

करीब 18 करोड़ की लागत से बनी इस फिल्म ने 76.8 करोड़ रुपए कमाए थे। यह उस समय की बात है जब टिकटों की कीमत तकरीबन 25 रुपए होती थी। फिल्में बेहद कम स्क्रीन में रिलीज होती थी। इस लिहाज से फिल्म की कमाई बहुत ही दमदार थी।

गदर फिल्म में चाइल्ड आर्टिस्ट उत्कर्ष शर्मा की रिसेंट तस्वीर।

वहीं फिल्म गदर के चाइल्ड आर्टिस्ट के बारे में बात करें तो चरणजीत यानि उत्कर्ष शर्मा, डायरेक्टर अनिल शर्मा के बेटे हैं। जो अब बड़े होने के बाद फिर से फिल्म में बतौर लीड हीरो नजर आने वाले हैं।

उनकी फिल्म का नाम है जीनियस यहां तक कि इस फिल्म का निर्देशन अनिल शर्मा ने ही किया है। बीते दिनों ही फिल्म का पोस्टर भी जारी किया गया था।

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