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…अगर बचपन में नहीं कटी होती अंगुली तो शायद कभी गायक नहीं बन पाते किशोर कुमार

Kishore Kumar Birthday Special: किशोर दा के बड़े भाई दादा मुनी अशोक कुमार ने एक बार अपने इंटरव्यू में इस इस किस्से का जिक्र किया था।
रोमैंटिक हो या सैड सॉन्ग हर गाने में जान डाल देते थे किशोर कुमार

आज यानि 4 अगस्त को द ग्रेट सिंगर, म्यूजिक डायरेक्टर, राइटर, एक्टर और एक बेहतरीन इंसान किशोर कुमार का जन्मदिन है। उन्होंने इंडस्ट्री को कई सदाबहार क्लासिक्स दिए। उनकी आवाज आज भी सुनो को वो ताजगी और जोश भर आता है जो गाते वक्त उनमें  रहा होगा। उन्होंने जब सैड रोमैंटिक गाने भी गाए तो ऐसे कि सुनने वाले दर्द से भर आया। ये ऐसी आवाज थी जिसने कई स्टार्स को सुपरस्टार बनाया। वो कई चेहरों की पहचान बन गए थे। लेकिन सिंगिंग तक पहुंचने की उनकी कहानी थोड़ी अलग रही क्योंकि वो पैदाइशी सुरीले नहीं थे। जी हां उनके एक अनोखे रियाज कि पीछे भी एक कहानी है।

किशोर दा के बड़े भाई दादा मुनी अशोक कुमार ने एक बार अपने इंटरव्यू में इस इस किस्से का जिक्र किया था। उन्होंने बताया कि किशोर का गला बचपन से ऐसा नहीं था। तब उनका गला बैठा हुआ था, ज्यादा खुलता नहीं था। लेकिन एक घटना की वजह से उनका ऐसा रियाज हुआ कि उनकी आवाज बदल गई। दरअसल एक बार उनकी मां रसोई में सब्जी काट रही थी। किशोर दा दौड़कर मां के पास जा रहे थे कि इतने में वहां रखी दरांती से उनके पैर की अंगुली कट गई। डॉक्टरों ने उंगली का इलाज तो कर दिया लेकिन किशोर का दर्द नहीं गया। वो कई दिनों तक इस दर्द में जोर से जोर से रोया करते थे। इस तरह घंटों रोने से उनकी वोकल कॉर्ड्स पर असर पड़ गया और उनकी आवाज हस्की हो गई। उनकी आवाज बदली और पहले बैठा रहने वाला गला अब काफी खुल गया था, किशोर को यह नई आवाज अपनी चोट की बदौलत ही मिली थी।

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