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अब कंगना रनौत ने लिखा ओपन लेटर, सैफ से पूछा- आप कलाकारों की तुलना हाइब्रिड घोड़ों से कैसे कर सकते हैं

कंगना ने कहा- आज मेरी नींद सुबह एक ऐसे लेटर से खुली जो सुबह से इंटरनेट पर घूम रहा है। इस लेटर को लिखा है सैफ अली खान ने। आखिरी बार मैं तब परेशान हुई थी जब मैंने इस विषय पर लिखा करण का ब्‍लॉग पढ़ा था।
कंगना रनौत ने लिखा ओपन लेटर और सैफ अली खान से पूछे सवाल।

16 जुलाई को हुए आईफा अवॉर्ड्स में नेपोटिज्म के मामले को उठाया गया था। जिसके बाद सबसे पहले वरुण धवन ने कंगना रनौत से माफी मांगी। वो इसलिए क्यंकि बॉलीवुड में नेपोटिज्म यानी कि परिवारवाद के मामले को सबसे पहले कंगना ने करण जौहर के चैट शो कॉफी विद करण में उठाया था। इसके बाद इस मामले पर काफी डिबेट हुई थी। जिसमें कुछ स्टार्स ने इसका विरोध तो कुछ ने इसे सही करार दिया। कुछ एक्टर्स ने कहा कि बिना टैलेंट ना होने पर परिवारवाद काम नहीं करता है। एक बार फिर से इस मामले को आईफा जैसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड समारोह में उठाया गया जिससे यह मामला फिर से ताजा हो गया है। वरुण के बाद करण ने क्वीन स्टार से माफी मांगी थी। 20 जुलाई को कंगना के रंगून को-स्टार सैफ अली खान ने इस मामले पर ओपन लेटर लिखा जो काफी वायरल हो गया था।

करण, सैफ और वरुण को आईफा में ‘नेपोटिज्म रॉक्स’ वाली हरकत के लिए लताड़ा गया वहीं एक्ट्रेस के फैंस उनके जवाब का इंतजार कर रहे थे। जिसके बाद शनिवार 21 जुलाई को कंगना ने सैफ अली खान के लिए ओपन लेटर लिखकर उन्हें जवाब दिया है। इस लेटर में कंगना ने कहीं भी करण का नाम नहीं लिया है। वहीं इसमें उन्होंने अपीन माफी का उल्लेख कर दिया है। कंगना ने अपने ओपन लेटर में परिवारवाद में चल रही वर्तमान बहस को हेल्दी डिबेट बताया है। उन्होंने कहा- पिछले कुछ वक्त से परिवारवाद पर काफी बहस हो रही है पर यह स्‍वस्‍थ्‍य बहस है। इस बारे में कुछ लोगों की राय से मैं सहमत हूं और कुछ से असहमत।

कंगना ने कहा- आज मेरी नींद सुबह एक ऐसे लेटर से खुली जो सुबह से इंटरनेट पर घूम रहा है। इस लेटर को लिखा है सैफ अली खान ने। आखिरी बार मैं तब परेशान हुई थी जब मैंने इस विषय पर लिखा करण का ब्‍लॉग पढ़ा था। और यहां तक कि एक इंटरव्‍यू में फिल्‍म बिजनेस में रहने के लिए कई जरूरी चीजें बताई गईं। उसमें टैलेंट की बात कहीं नहीं की गई थी। उन्होंने कहा- सैफ ने अपने अपने ओपन लेटर में लिखा था कि ‘मैंने कंगना से कॉल करके माफी मांग ली और अब मैं किसी के लिए जवाबदेह नहीं हूं। लेकिन बात यह है कि यह मेरा अकेले का मामला नहीं है। उन्होंने इसे सभी से जोड़ते हुए कहा कि परिवारवाद एक प्रैक्टिस है जहां लोग तार्किक सोच और टैलेंट की जगह मानवीय भावनाओं के आधार फैसले लेते हैं।

मणिकर्णिका स्टार ने कहा- कोई भी बिजनेस जो मूल्‍यों पर न चल कर मानवीय भावनाओं से चले वह सतही लाभ पा सकता है लेकिन वह कभी भी वास्‍तविक तौर पर रचनात्‍मक नहीं हो सकता। वह 1.3 बिलियन लोगों के इस देश की वास्तविक क्षमता पर रोक लगा देता है। कंगना ने कहा- मैंने अपने जीवन का एक हिस्‍सा जेनेटिक्‍स पढ़ते हुए निकाला है, लेकिन मुझे समझ नहीं आया कि आपने हाइब्रिड रेस के घोड़ों की तुलना कलाकारों से कैसे की जा सकती है। क्‍या आप यह कहना चाहते हैं कि रचनात्‍मकता, परिश्रम, अनुभव, ध्‍यान, जोश, जानने की इच्‍छा, अनुशासन और प्‍यार जैसे गुण परिवार से जीन्‍स के माध्‍यम से मिल सकते हैं?

http://www.youtube.com/watch?v=U5Gyw-nGf1I

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