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इमरान खान की पत्नी अवंतिका मलिक ने बयां की उड़ान के डर से निपटने की दास्तां

खान ने कहा- ऐसा लगता था कि दिमाग के कुछ हिस्से ने उस तरह काम करना बंद कर दिया है जैसा कि उसे करना चाहिए। इस तरह मैंने खुद से कसम खाई कि मैं उड़ना बंद नहीं करुंगी।
Author नई दिल्ली | April 22, 2017 12:51 pm
इमरान खान की पत्नी अवंतिका ने लिखा लंबा चौड़ा पोस्ट। (Image Source: Instagram)

बॉलीवुड एक्टर इमरान खान की पत्नी अवंतिका मलिक खान एक बच्ची इमारा की मां हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फ्लाइट में उड़ने के अपने फोबिया के बारे में बताया है। उन्होंने बताया कि किस तरह से वो अपने डर से बाहर आईं। इंस्टाग्राम पर अवंतिका ने अपने डर और उससे बाहर आने की दास्तां को शेयर किया है। उन्होंने बताया है कि किस तरह उन्हें हर बार जब वो फ्लाइट में बैठती थी डर सताने लगता था। उन्होंने माना कि इस डर से निपटने के लिए थेरेपी का सहारा लेना पड़ा। इसके साथ उन्होंने बिना डर वाली अपनी यात्रा की फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर की है।

अवतिंका ने लिखा- 8 साल पहले मॉरिश्यस से एक खतरनाक फ्लाइट से वापस आते हुए मुझमें उड़ान को लेकर एक दीर्घकालीन और डरावना फोबिया पैदा हो गया। यह बहुत से कारणों की वजह से काफी भयंकर थी। 1. उससे पहले तक मैंने आमतौर पर उड़ने और यात्रा करने के हर पहलू को काफी एंज्यॉय किया था। 2. उस समय मैंने और इमरान ने फाइनली अपनी जिदंगी में थोड़ी और ज्यादा लग्जरी वाली उड़ान को खरीदा था। मैंने फाइनली एक फ्लैट बेड को लिया लेकिन मेरी नींद गायब हो गई थी। 3. उस समय उड़ना मेरी जिंदगी का बहुत बड़ा हिस्सा था। हर बार जब भी मैं प्लेन से सफर करती तो मुझे लगता कि मैं मर जाउंगी और मेरा दिमाग और शरीर डर के कारण लकवाग्रस्त हो जाता।

Around 8 years ago after a dodgy flight back from Mauritius (it was scary, i promise) I developed a chronic, crippling phobia of flying. It was very tragic for many reasons: 1) Up until then I had enjoyed every aspect of flying and traveling in general 2) It was also around the time in life that Imran and I could finally afford to fly in more luxury than we had ever seen in our lives…I could finally afford a flat bed but had completely lost my sleep haha 3) Flying, at that point, was a very big part of my life. Everytime I got on a plane I felt like I was going to die and my body and mind would be paralyzed with fear. It's like the logical, rational part of your brain stops working so in a sense your mind begins to break. In all of this I swore to myself that I would not stop flying, if I did the phobia would stop me from living the life that I wanted and I could not allow that but I was miserable to the point of being physically unwell every time. My Ma in law (a psychoanalyst) suggested i get some help because she just couldn't bear to see me suffer and I did go into analysis (therapy). I started to get better but still had to sedate myself every time I flew (literally all over the world so it was a lot of medication haha)…but always always scared, holding it together but scared. With the birth of my daughter I realized that I didn't want to be sedated if she was flying with me and I didn't want to transfer my anxieties and fears into her so I really had to get my shit together. She was also a welcome distraction on planes coz I literally didn't have time to think about anything else and was just busy looking after her on the flight. And so the process of getting better continued. Today I looked out of the window (not sedated and entirely lucid) and saw these clouds for what they really were…beautiful and awe-inspiring and for the first time in 8 years I was not scared. Im so fucking proud of myself 💪🏼👊🏼🤘🏼!! P.s — if anyone is feeling shitty, scared, blue and not like yourself please please get help, I promise you, you are going to be just fine. #cloudporn

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खान ने कहा- ऐसा लगता था कि दिमाग के कुछ हिस्से ने उस तरह काम करना बंद कर दिया है जैसा कि उसे करना चाहिए। इस तरह मैंने खुद से कसम खाई कि मैं उड़ना बंद नहीं करुंगी। अगर मैंने उड़ना बंद किया तो फोबिया मुझे जिंदगी जीने से रोक देगा जो कि मैं चाहती हूं। लेकिन हर बार मैं शारीरिक तौर पर बीमार महसूस करती थी। मेरी सास ने मुझे सुझाव दिया कि मुझे मदद लेनी चाहिए क्योंकि वो मुझे इस तरह से तड़पते हुए नहीं देख सकती थी और इसीलिए मैं थेरेपी के लिए गई। मैंने शुरुआत में बेहतर होना शुरु किया। इसके बावजूद हर बार खुद को उड़ते समय स्थिर रखने की कोशिश करती थी। लेकिन हर बार डर जाती। उसे साथ रखती लेकिन डरती थी।

उन्होंने कहा- मेरी बेटी के जन्म के समय मैं खुद को डरा हुआ महसूस करवाना नहीं चाहती थी। अगर वो मेरे साथ यात्रा कर रही है तो मैं अपनी चिंता और डर को उसमें ट्रांसफर नहीं करना चाहती थी इसलिए मुझे उसे साथ रखना पड़ा। वो मेरे लिए प्लेन में ध्यान बंटाने में आई क्योंकि मेरे पास कुछ भी और सोचने के लिए नहीं था और मैं पूरी तरह उसका ध्यान रखने में व्यस्त थी। इस तरह बेहतर महसूस करने की प्रक्रिया शुरु हुई। आज मैं खिड़की से बाहर देखती हूं और उन बादलों को देखती हूं कि वो क्या हैं, कितने प्रेरणादायक हैं। इन आठ सालों में पहली बार मैं डरी हुई नहीं हूं। मैं खुद पर गर्व महसूस कर रही हूं। अगर कोई भी डर महसूस करता है तो उसे मदद लेनी चाहिए। मैं आपसे वादा करती हूं कि आप ठीक हो जाओगे। #cloudporn

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