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बाबा रामदेव ने बताया कि उन्होंने कहां से और किसकी ‘कृपा’ से सीखा योग

सिर्फ किताबें पढ़कर ही सीखा योग, किताबें खरीदने के लिए भी पैसे भी नहीं थे।
जब कपिल शर्मा के शो में पहुंचे बाबा रामदेव।

कपिल ने बाबा रामदेव से पूछा कि बाबाजी आप एकसाथ इतने प्रख्यात हो गए मैं जानना चाहता हूं कि कैसे किया आपने ये सब। बाबा ने बताया कि मैं 9 साल की उम्र से ही योग करने लगा था। उस समय मेरे पास सिखाने के लिए कोई गुरु नहीं था। सिर्फ किताबें पढ़कर ही सीखा और किताबें खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे। एक स्वामी सत्यानंद जी एक साधु थे और गांव में रहते थे। उनके पास 15-20 बॉक्स थे। किताबों के। उन किताबों से देखकर और पढ़कर ही मैंने योग सीखा है। अब मुझे योग शुरू करने से पहले अपनी बॉडी वॉर्मअप नहीं करनी पड़ती है। मुझे इतना अभ्यास हो गया है कि मैं कभी भी योग शुरू कर सकता हूं। मैं अभी खड़ा होकर कोई भी आसन कर सकता हूं। और उसके बाद बाबा ने शो में ही मयूर आसन, वृक्षासन और शीर्ष आसन समेत कई आसन करके दिखाए।

कपिल ने बाबाजी से पूछा, कि आप अच्छे योग गुरु हैं या अच्छे बिजनेसमैन हैं
बाबा बोले मेरा जीवन तो योग ही है। और योग के ही आयाम हैं जियान योग, कर्म योग, भक्ति योग, राजयोग अष्टांग योग और इस योग के बायोप्रोडेक्ट के रूप में है ये उद्योग। योग प्रदर्शन के लिए नहीं योग तो प्रभु के दर्शन के लिए होता है। आज भी में पतंजलि का अनपैड ब्रांड एंबेस्डर हूं। आचार्य बालकृष्ण उसके अनपैड एमडी, सीईओ और शेयरहोल्डर हैं। हमने तय किया कि पतंजलि से जो भी फायदा होगा वो सौ फीसदी चैरिटी के लिए जाएगा। आगे चलके तो पतंजलि 50 हजार करोड़ से लेकर एक लाख करोड़ रुपए की कंपनी होने वाली है।

अपनी शादी की बात पर क्या बोले बाबा
जब कपिल ने बाबा से पूछा कि अब तो पतंजलि का 10 हजार करोड़ का टर्नओवर है तो आप भी शादी कर लो। और सेटल हो जाओ। तो बाबा बोले कि मुझे अपने सेटल होने की चिंता नहीं है मुझे सवा सौ करोड़ हिन्दुस्तानियों के सेटल होने की चिंता है। मैने देखा है आदमी करोड़ों अरबों की दौलत पाकर भी अकेला है। एक सूनापन एक अकेलापन, खालीपन जिंदगी में होता है। बाबा बोले प्यार करने का मतलब उल्टा पुल्टा काम करना नहीं।
जब योगगुरु से पूछा कि कौन सी ऐसी नस दबानी चाहिए कि भारत से करप्शन बिल्कुल ही खत्म हो जाए
तो बाबा बोले कि ये दो तरफ से होता है। एक तरफ लोगों के भीतर नैतिक मूल्यों के खड़ा करना होगा। और कानून का डंडा ऐसा होना चाहिए कि कोई कितना ही बड़ा आदमी क्यों न हो, उसके घरवाले हो रिश्तेदार हों। चाहे उनको हजारों करोड़ का दान देने वाले हों कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए। और दूसरा लोगों का स्तर सुधारने के लिए शिक्षा में परिवर्तन होना चाहिए। ये काम एक साथ हो जाएं तो हिन्दुस्तान में परिवर्तन आ सकता है।

 

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