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रामानुजन पर बनी फिल्म के प्रदर्शन से फिल्म फेस्टिवल का आगाज

सुप्रसिद्ध भारतीय गणितज्ञ एस. रामानुजन पर मैथ्यु ब्राउन की ब्रिटिश फिल्म ‘द मैन हू न्यु इनफिनिटी’ के प्रदर्शन के साथ ही गोवा में शुक्रवार को भारत का 46वां अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह शुरू हुआ..
Author गोवा | November 21, 2015 00:05 am
पणजी में शुक्रवार को 46वें अंतरराष्टÑीय फिल्म समारोह में संगीतकार इलय्या राजा को लाइफ टाइम सेंटेनरी पुरस्कार से नवाजते केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री अरुण जेटली। (पीटीआई फोटो)

सुप्रसिद्ध भारतीय गणितज्ञ एस. रामानुजन पर मैथ्यु ब्राउन की ब्रिटिश फिल्म ‘द मैन हू न्यु इनफिनिटी’ के प्रदर्शन के साथ ही गोवा में शुक्रवार को भारत का 46वां अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह शुरू हुआ। गोवा विश्वविद्यालय के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंडोर स्टेडियम में उद्घाटन हुआ समारोह हुआ।

उद्घाटन समारोह में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि सिनेमा का वैश्विक परिवेश हमारे फिल्मोत्सव में दिखाई देता है। आस्कर एकेडमी का हमसे जुड़ना खुशी की बात है। गोवा को भारत के अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव की स्थाई जगह बनाने का फैसला सही साबित हो रहा है।

दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुप्रसिद्ध संगीतकार इलय्या राजा को लाइफ टाइम सेंटेनरी अवार्ड से नवाजा गया। करीब पांच हजार फिल्मी गीत संगीतबद्ध करनेवाले इलय्या राजा अपनी हजारवीं फिल्म पूरी करने जा रहे हैं।

अनिल कपूर ने कहा कि सिनेमा में हम आंसुओं और मुस्कुराहटों के खेल से दशर्कों का मनोरंजन करते हैं। उन्होंने फ्रेंच फिल्मकार ज्यां लुक गोदार और सत्यजीत राय का जिक्र करते हुए कहा कि खुशी सबको पसंद है लेकिन इससे पहले यदि दुख को रचें तो ज्यादा प्रभावशाली फिल्म बनती है।

शेखर कपूर ने कहा कि अनिल कपूर को लोग तीस साल बाद भी मिस्टर इंडिया के रूप में याद करते हैं तो यह सिनेमा की ताकत है। उन्होंने खुशी जाहिर की कि दुनियाभर के फिल्मोत्सवों की जूरी में रहने के बाद उन्हें अपने देश ने जूरी का अध्यक्ष बनाया है।

यह फिल्म रामानुजन और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के ट्रिनीटी कॉलेज के प्रोफेसर जी. एच. हार्डी की विलक्षण मित्रता दिखाती है जिनके कारण रामानुजन को दुनिया भर में ख्याति मिली। देव पटेल ने एस. रामानुजन की यादगार भूमिका निभाई है। रिचर्ड एटनबरा की ‘गॉधी’ के बाद यह दूसरी ऐसी ब्रिटिश फिल्म है, जो किसी भारतीय व्यक्तित्व पर बनी है। यह फिल्म रामानुजन की 125वीं जयंती पर 22 दिसंबर को दुनियाभर में रिलीज हो रही है।

मद्रास पोर्ट में मामूली क्लर्क का काम करनेवाले रामानुजन 1913 में कैम्ब्रिज में प्रोफेसर जीएच हार्डी को खत लिखते हैं और गणित के अपने शोध का नमूना भेजते हैं। उनकी प्रतिभा से चमत्कृत प्रो हार्डी उन्हें अपने साथ काम करने के लिए कैम्ब्रिज बुलाते हैं। बाद में उन्हें रॉयल सोसायटी और ट्रिनीटी कॉलेज कैम्ब्रिज का फेलो चुना जाता है।

फिल्म दिखाती है कि दक्षिण के पारंपरिक ब्राह्मण रामानुजन की यह यात्रा बहुत कठिन थी। 26 अप्रैल 1920 को मात्र 32 साल की उम्र में लीवर में संक्रमण से भारत आते ही उनकी मृत्यु हो जाती है।

देव पटेल ने कहा कि भारतीय मूल का होने के नाते यह उनकी जिम्मेदारी भी थी कि वे इस महान गाथा को दुनियाभर में ले जाएं। इस चरित्र को निभाने के लिए उन्हें बड़ी तैयारी करनी पड़ी। यह एक सांस्कृतिक यात्रा की तरह है। रामानुजन के जिन सात आखिरी सालों की यह गाथा है उसमें कई उतार-चढ़ाव हैं लेकिन गणित के साथ उन्माद की हद तक दीवानगी इस फिल्म की जान है। रामानुजन के उस ऐतिहासिक खत के 75 साल बाद रॉबर्ट कानिगेल ने उनकी जीवनी लिखनी शुरू की जिसपर यह फिल्म बनी है।

गोवा विश्वविद्यालय के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंडोर स्टेडियम में रंगारंग कार्यक्रमों के साथ केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अरूण जेटली, केंद्रीय प्रतिरक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर, राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, फिल्म अभिनेता अनिल कपूर, जूरी के अध्यक्ष शेखर कपूर, गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर, गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा और दुनियाभर से आए फिल्मकारों की उपस्थिति में औपचारिक उद्घाटन हुआ। अभिनेता आयुष्मान खुराना और अदिति राव ने कार्यक्रम का संचालन किया।

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