ताज़ा खबर
 

Flashback: मनोज कुमार की उपकार देखकर एक बिजनेसमैन ने छोड़ी थी काला बाजारी, मिलकर किया था धन्यवाद

बॉलीवुड फिल्मों का दर्शकों की जिंदगी पर बहुत असर पड़ता है। ऐसा नहीं है कि लोग फिल्में देखकर केवल फैशन और स्टाइल ही सीखते हैं। यही फिल्में दर्शकों को सही राह पर चलने की सीख भी देती हैं।
मनोज कुमार की फिल्म उपकार का एक सीन।

बॉलीवुड फिल्मों का दर्शकों की जिंदगी पर बहुत असर पड़ता है। ऐसा नहीं है कि लोग फिल्में देखकर केवल फैशन और स्टाइल ही सीखते हैं। यही फिल्में दर्शकों को सही राह पर चलने की सीख भी देती हैं। ऐसा ही एक किस्सा मनोज कुमार के साथ हुआ था। जब उनकी फिल्म देखकर एक व्यापारी इतना प्रभावित हुआ था कि सही रास्ते पर आया और मनोज कुमार से मिलने जा पहुंचा था।

साल 1967 में मनोज कुमार की फिल्म उपकार आई थी। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तो अच्छी कमाई की ही। साथ ही क्रिटिक्स ने भी फिल्म की खूब तारीफ की। इस फिल्म में जज्बातों को जिस अंदाज में पर्दे पर उतारा गया था। उसका दर्शकों पर भी असर पड़ा था। यह फिल्म रिलीज होने के बाद मनोज कुमार के साथ कुछ ऐसा हुआ कि वह भी हैरान रह गए। एक दिन सुबह उन्होंने देखा कि बारिश में भीगता हुआ एक लड़का गेट के पास खड़ा है। उस लड़के को देखकर मनोज कुमार ने अपने चौकीदार को बुलाया और पूछा कि वह कौन है? चौकीदार ने बताया कि वह सुबह चार बजे से यहां खड़ा है। उसका कहना है कि उसके पिता जी को मनोज कुमार जी से मिलना है।

इस पर मनोज कुमार ने चौकीदार से कहा कि वह लड़के को जाकर कह दे कि दोपहर में रूपतारा स्टूडियो पहुंच जाए क्योंकि मैं वहीं शूटिंग कर रहा हूं। फिर क्या था दोपहर में वह अपने पिता के साथ स्टूडियो पहुंच गया। उस वक्त मनोज कुमार के साथ राज कपूर और मोहन सहगल भी मौजूद थे। मनोज कुमार ने उस लड़के और उसके पिताजी को गौर से देखा तो वह उनके करीब आने लगे। उन्होंने झुक कर हाथ जोड़कर मनोज कुमार को प्रणाम किया एक नजर उन्हें देखा और बिना कुछ बोले वहां से निकने लगे।

उन्हें वहां से जाते देख मनोज कुमार भी हैरान रह गए। उन्हें लगा कि अगर इन्हें बात ही नहीं करनी थी तो बेटे से बारिश में इंतजार क्यों करवाया। मनोज कुमार ने उन्हें रोका और पूछा आपके यहां आने की कोई वजह तो बताओ। इस पर लड़के के पिता ने जवाब दिया। भाई हम राजस्थान से आए हैं। मैं गेहूं का व्यापारी हूं। मुझे केवल आपको प्रणाम करना था। क्योंकि आपने एक फिल्म के जरिए मेरी जिंदगी बदल दी। ये बात सुनकर वहां बैठे राज कपूर और मोहन सहगल भी हैरान रह गए। उन्होंने लड़के और उसके पिताजी को बैठने को कहा। मनोज कुमार ने पूछा भाईजी बता दें कि
आखिर फिल्म का आपकी जिंदगी पर क्या असर पड़ा?

इस पर लड़के के पिता ने बताया, ज्यादा धन बटोरने के चक्कर में मैं गेहूं की कालाबाजारी करने लगा था। लेकिन जब से उपकार फिल्म देखी मेरी आंखें खुल गईं। मेरे मन में अपराध बोध जागा लगा कि भगवान मुझे कोस रहा है। मेरी रातों की नींद चली गई। फिर मुझे समझ आई कि नींद तभी वापस आएगी जब मैं काला बाजारी बंद करूंगा। इसलिए मैंने कालाबाजारी का काम छोड़ दिया। आपी फिल्म देखकर ही मैंने बुरा काम छोड़ा तो आपके ही दर्शन करने आया था। मुझे और कुछ नहीं कहना है। यह कहकर वो वहां से जाने लगे तो मनोज कुमार ने गले लगा लिया।

'टाइगर जिंदा है' फर्स्ट लुक: सलमान-कैटरीना के बीच दिखी हॉट केमिस्ट्री

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग