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आखिर एक वक्त खाना क्यों मंगाती थी यह एक्ट्रेस, दो रोटी सुबह और दो शाम में खाकर चलाती थी काम

पारुल को शुरू में उनके सांवले रंग के कारण काम नहीं मिलता था। मगर उन्होंने अपने घुटने नहीं टेके...

एक्ट्रेसेस की जिंदगी जितनी ग्लैमरस लगती है। असल में यह उतनी होती नहीं है। यहां शिखर पर पहुंचने के लिए भारी संघर्ष करना पड़ता है। ‘बिदाई’ फेम एक्ट्रेस पारुल चौहान की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। रागिनी का किरदार निभाने वाली यह कलाकार आज भले ही मशहूर हो। उनके पास दौलत और शोहरत हो, लेकिन एक दौर में उनके सांवले रंग के लिए काम नहीं मिलता था। रुपयों की कमी से वह एक वक्त का खाना ही मंगाती थीं।

पारुल को शुरू में उनके सांवले रंग के कारण काम नहीं मिलता था। मगर उन्होंने अपने घुटने नहीं टेके। एक्टिंग पर भरोसा रखा और लगातार प्रयास करती रहीं। एक दिन ऐसे ही मौका मिल गया, तब से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

चूंकि उनके परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। फिर भी उन्होंने एक्ट्रेस बनने की ठानी। चार महीने हॉस्टल में रहीं। रुपयों की कमी रहती थी, सो एक वक्त ही खाना मंगाती थीं। दो रोटी सुबह और दो शाम को खाकर काम चलातीं।

चार महीने बाद बालाजी प्रोडक्शंस में एक छोटा सा रोल मिला। जज ऑडिशन के वक्त उनसे इंप्रेस हुए थे। वे बोले थे- तुम बहुत आगे जाओगी। और आज वह उसी बात को सच साबित कर चुकी हैं। पारुल यूपी के लखीमपुर खीरी जिले की रहने वाली हैं।

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