June 29, 2017

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खूब चमके फिर गुमनाम हो गए नासिर खान

फिल्मोद्योग में खूब चमकने के बाद गुमनाम हो जाने वाले कलाकारों के कई उदाहरण हैं। फिल्मी दुनिया में ऐसे ही एक कलाकार रहे हैं नासिर खान।

Author May 19, 2017 06:47 am
अभिनेता नासिर खान

चांद खां रहमानी
फिल्मोद्योग में खूब चमकने के बाद गुमनाम हो जाने वाले कलाकारों के कई उदाहरण हैं। फिल्मी दुनिया में ऐसे ही एक कलाकार रहे हैं नासिर खान। आठ फिल्म फेयर, पद्म विभूषण और कई अन्य बड़े अवार्ड जीत चुके ट्रेजिडी किंग दिलीप कुमार के छोटे भाई थे नासिर खान। उन्होंने अपने जीवन में कुल 29 फिल्में की थी। नायक के रूप में उनकी आखिरी फिल्म ‘आदमी’ थी, जिसमें उनकी नायिका बेगम पारा थीं जिससे आगे चलकर उन्होंने शादी की। नासिर खान दिलीप कुमार के साथ सबसे सशक्त रोल में आखिरी बार फिल्म ‘गंगा जमुना’ (1961) में दिखाई दिए थे। सत्येन बोस निर्देशित यह फिल्म दो भाइयों की कहानी थी और संयोग से दो सगे भाई ही इसमें अभिनय कर रहे थे। बड़ा भाई (दिलीप कुमार) डाकू बन जाता है और छोटा भाई पुलिस इंस्पेक्टर (नासिर खान)।

कहा जाता है कि ‘दीवार’ इसी फिल्म से प्रेरित थी। दोनों ही कलाकारों ने जोरदार अभिनय किया लेकिन लोगों के दिलो दिमाग पर दिलीप कुमार छाए रहे। गंगा जमुना गीत-संगीत, कहानी, संवाद, अभिनय, निर्देशन और तकनीकी दृष्टि से बहुत अच्छी होने के बाद भी दर्शकों ने नासिर खान के अभिनय की तुलना दिलीप कुमार से की, यह नासिर के अभिनय की पराजय थी। नासिर खान-दिलीप कुमार का कॅरियर लगभग साथ-साथ शुरू हुआ था। 1944 में दिलीप कुमार को ‘ज्वार भाटा’ और 1945 में ‘मजदूर’ (निर्माता-फिल्मिस्तान) में नासिर खान को मौका मिला। इसके बाद जहां नासिर खान की फिल्म ‘शहनाई’ सफल हुई तो वहीं दिलीप कुमार की एक साथ तीन फिल्में ‘मिलन’, ‘जुगन’ू और ‘शहीद’ ेसफल रहीं। 1951 में नासिर खान की ‘नगीना’ आई तों दिलीप कुमार की ‘दीदार’। ‘नगीना’ में ‘रोऊं मैं सागर किनारे…‘ जैसे गीत लोकप्रिय हुए वहीं ‘दीदार’ के ‘मेरी कहानी भूलने वाले..’, ‘देख लिया मैंने किस्मत का तमाशा देख लिया…’, ‘हुए हम जिनके लिए बरबाद…’ और ‘नसीब तेरे दर पे आजमाने आया हंू..’ जैसे गीतों ने धूम मचा दी। ‘मजदूर’, ‘अंगारे’, ‘खजाना’, ‘नाजनीन’, ‘हंगामा’, ‘नगीना’, ‘आगोश’, ‘श्रीमतीजी’, ‘जवाब’, ‘दायरा’, ‘इनाम’, ‘सोसायटी’, ‘आसमान’, ‘खूबसूरत’, ‘शीशम’, ‘चारमीनार’, ‘साया’, ‘गंगा जमुना’, ‘सौदागर’ तथा ‘नखरे’ जैसी 29 फिल्में नासिर खान के खाते में दर्ज हैं।

समय के साथ-साथ नासिर खान पिछड़ते चल गए जबकि दिलीप कुमार लगातार आगे बढ़ रहे थे। काफी समय बाद वह चरित्र अभिनेता के रूप में फिल्म ‘जिदगी-जिंदगी’ में नजर आए। आखिर में अभिनय की दुनिया को अलविदा कह वह नासिक में खेतीबाड़ी और देवलाली में पोल्ट्री फार्म का अपना व्यवसाय संभालने लगे। नासिर खान और बेगम पारा की तीन संतानें हुईं। एक बेटा नादिर खान, दूसरा अयूब खान और तीसरी बेटी लुबना हुई। इनमें अयूब खान अभिनेता हैं जो कई नामी फिल्मों में काम कर चुके हैं और कर रहे हैं। नासिर 3 मई 1974 को इस दुनिया को अलविदा कह गए। संयोग की बात है कि उनकी पत्नी बेगम पारा भी 1974 में ही इस दुनिया को छोड़ कर चली गईं।

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First Published on May 19, 2017 2:09 am

  1. D
    DINESH
    May 19, 2017 at 5:04 am
    मूर्खों बेगम पारा की मृत्यु 2008 में हुई थी न की 1974 में !!
    Reply
    सबरंग