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बेगम जान के विलेन ‘चंकी पांडे’ ने बताया उनके नाम के पीछे का सीक्रेट

जब चंकी से पूछा गया कि इंडस्ट्री में लोग एस्ट्रोलॉजी के हिसाब से अपने नाम और सरनेम बदल लेते हैं ताकि कामयाबी की संभावनाओं को बढ़ा सकें। इस सब के बीच 'चंकी' नाम होना कैसा लगता है?
Author नई दिल्ली | April 15, 2017 12:29 pm
इंडस्ट्री में जहां अपने आप को हिट कराने के लिए एक्टर्स कई बार अपने नाम और सर नेम बदलने में यकीन रखते हैं वहीं चंकी पांडे अपने इसी नाम के साथ इंडस्ट्री में कामयाब हैं।

विद्या बालन की फिल्म बेगम जान इस शुक्रवार बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हो चुकी है। फिल्म में विद्या के अलावा नसीरुद्दीन शाह, इला अरुण, गौहर खान, रजित कपूर, विवेक मुसरान की एक्टिंग जहां देखने लायक है वहीं निगेटिव रोल में चंकी पांडे ने अपने अभिनय से दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। फिल्म के लिए चंकी पहली बार इतने अनूठे अंदाज में नजर आए हैं। उन्होंने न सिर्फ अपने बाल इस रोल के लिए मुंडवा दिए बल्कि अपनी भौंहें भी साफ करा दीं ताकि वह ज्यादा से ज्यादा खतरनाक और डरावने दिख सकें। इंडस्ट्री में जहां अपने आप को हिट कराने के लिए एक्टर्स कई बार अपने नाम और सर नेम बदलने में यकीन रखते हैं वहीं चंकी पांडे अपने इसी नाम के साथ इंडस्ट्री में कामयाब हैं। फिल्म के बारे में बातचीत के दौरान जब द इंडियन एक्सप्रेस ने चंकी पांडे से उनके नाम के बारे में सवाल किया तो उनका जवाब मजेदार था।

जब चंकी से पूछा गया कि इंडस्ट्री में लोग एस्ट्रोलॉजी के हिसाब से अपने नाम और सरनेम बदल लेते हैं ताकि कामयाबी की संभावनाओं को बढ़ा सकें। इस सब के बीच ‘चंकी’ नाम होना कैसा लगता है? इस पर चंकी पांडे ने कहा- मेरी मां एक डॉक्टर थी और इसलिए मैंने हीराबाई और अपनी मेड के साथ बहुत वक्त बिताया था। एक दिन जब वह घर गई तो देखा कि हीराबाई चंकी-चंकी कहते हुए मुझे प्यार से गोद में झुला रही थीं। उन्हें यह नाम पसंद आया और उन्होंने यही नाम रख लिया। मेरी पहली फिल्म “आग ही आग” (1987) के लिए पहलाज निहलानी ने पूछा- चंकी!! ये कैसा नाम है? उन्होंने मुझे सुयश पांडे के तौर पर कास्ट किया, जो कि मेरा ही नाम था।

चंकी ने कहा- एक दिन उन्होंने मुझे कॉल किया और कहा – चलो तुम्हारा नाम चंकी ही रख लेते हैं, मेरे बच्चों को भी नाम पसंद आया है। गौरतलब है कि फिल्म बेगम जान में अभिनेता चंकी पांडे का एक अलग ही लुक सामने आया है। ऐसा नहीं है कि वह पहली बार निगेटिव रोल प्ले करते नजर आए हैं लेकिन वह इस बार जितने डार्क रोल में पहले कभी भी नहीं देखे गए हैं। सर मुंडाए और गंदे दांतो वाले चंकी पांडे वाकई बहुत ही डरावने लग रहे हैं। 90 के दशक में गोविंदा के साथ कॉमिक रोल्स करते देखे जा चुके चंकी को इस फिल्म में पहचान पाना मुश्किल है। फिल्म के निर्देशक श्रीजीत मुखर्जी ने बताया- जब आप फिल्म में चंकी को देखते हैं तो आप उन्हें पहचान ही नहीं पाते हैं। चंकी एक बिलकुल ही निर्दयी इंसान के किरदार में हैं जो अपनी लालसाओं को पूरा करने के लिए किसी भी सीमा को पार करने के लिए तैयार है।

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