ताज़ा खबर
 

जल्लीकट्टू के समर्थन में एआर रहमान करेंगे आज उपवास, ट्वीट कर दी जानकारी

50 साल के संगीतकार ने अपने ट्विटर पर यह जानकारी दी है कि वो 20 जनवरी को उपवास रख रहे हैं, ताकि तमिलनाडु के युवाओं की स्पिरिट को अपना समर्थन दे सकें।
Author नई दिल्ली | January 20, 2017 17:25 pm

इस समय जल्लीकट्टू पर लगे बैन के खिलाफ जहां चारों तरफ विरोध हो रहा है। समाज के बहुत से लोग, बॉलीवुड स्टार्स सहित कई लोग इसके समर्थन में आ रहे हैं। इस कड़ी में लेटेस्ट सेलेब का नाम जुड़ा है म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान का। 50 साल के संगीतकार ने अपने ट्विटर पर यह जानकारी दी है कि वो 20 जनवरी को उपवास रख रहे हैं, ताकि तमिलनाडु के युवाओं की स्पिरिट को अपना समर्थन दे सकें। रहमान ने ट्विटर पर लिखा- तमिलनाडु के युवाओं की स्पिरिट का समर्थन करते हुए मैं कल उपवास करुंगा। इससे पहले रजनीकांत, कमल हासन, सूर्या, विजय, चियान विक्रम इसका समर्थन कर चुके हैं। तमिलनाडु सरकार केंद्र से एक अध्यादेश लाने की मांग कर रही है जिससे कि पोंगल के समय मनाया जाने वाले स्पोर्ट जल्लीकट्टू को मनाया जा सके। इसे तमिलनाडु में फसल कटने के बाद मनाया जाता है।

इससे पहले जल्लीकट्ट पर उपजे विवाद पर तमिल एक्टर धुनष अपनी राय दे चुके हैं। आज एक बार फिर धनुष ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह पशु अधिकार की वकालत करने वाले समूह का हिस्सा नहीं हैं। धनुष ने कहा कि आज उन्हें ऐसे ही एक संगठन से मिले अवॉर्ड पर अपमान महसूस हो रहा है। धनुष ने कहा कि कुछ सालों पहले पेटा ने उन्हें शाकाहारी होने के लिए सम्मानित किया था। जिसे अब वह एक बहुत बड़े अपमान के तौर पर महसूस कर रहे हैं । उन्हें इसका बेहद अफसोस हो रहा है कि उन्हें इस सम्मान के लिए पेटा ने चुना था। बताया जा रहा है कि साल 2012 में धनुष को पेटा ने हॉटेस्ट वेजिटेरियन के रूप में अवॉर्ड से सम्मानित किया था।

धनुष ने कहा कि न तो वह और न ही उनके परिवार का कोई भी सदस्य पेटा हिस्सा कभी नहीं थे और अगर कोई इस तरह का दावा कर रहा है तो वह महज एक अफवाह है। धनुष ने कहा कि वह खुद चाहते हैं कि केंद्र सरकार जल्लीकट्टू पर लगे बैन को हटाए जिससे की राज्य में फिर से जल्लीकट्टू आयोजित हो सके।

धनुष के बड़ी संख्या में फैन्स हैं, जिनमें युवाओं की संख्या काफी ज्यादा है। धनुष ने भी जल्लीकट्टू का समर्थन कर रहे हैं। धनुष ने कहा कि इस खेल को अनुमति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अध्यादेश लाना चाहिए।

क्या है जल्लीकट्टू? क्यों हो रहा है इसे लेकर विवाद?

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग