March 28, 2017

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अनुपम खेर बोले- काश वो ‘नाम शबाना’ के बाद ‘नाम शुक्ला’ बनाएं

अनुपम ने कहा- नाम शबाना अपनी तरह की फिल्म है, इस तरह की फिल्म पहले नहीं बनाई गई। फिल्म बेबी के ही एक किरदार से पूरी फिल्म निकाली गई है।

Author नई दिल्ली | March 20, 2017 15:26 pm
क्षय कुमार और तापसी पन्नु की 2015 में रिलीज हुई फिल्म बेबी और अपकमिंग फिल्म नाम शबाना में शुक्ला जी एक ऐसा किरदार है जिसे कंप्यूटर और तकनीक की गहरी समझ है।

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने तापसी पन्नु स्टारर अपकमिंग फिल्म “नाम शबाना” पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि काश अब वो नाम ‘शुक्ला’ बनाएं। मालूम हो कि फिल्म में अनुपम खेर के किरदार को शुक्ला जी कहकर संबोधित किया जाता है। अक्षय कुमार और तापसी पन्नु की 2015 में रिलीज हुई फिल्म बेबी और अपकमिंग फिल्म नाम शबाना में शुक्ला जी एक ऐसा किरदार है जिसे कंप्यूटर और तकनीक की गहरी समझ है। वह मिशन से जुड़े तकनीकी मामलों जैसे किसी सिस्टम को हैक करने में टीम की मदद करता है। शुक्ला जी के किरदार पर फिल्म क्यों बननी चाहिए इसके पीछे जब अनुपम खेर ने वजहें बतानी शुरू कीं तो वह काफी हंसाने वाली थीं।

अनुपम ने कहा- नाम शबाना अपनी तरह की फिल्म है, इस तरह की फिल्म पहले नहीं बनाई गई। फिल्म बेबी के ही एक किरदार से पूरी फिल्म निकाली गई है, इससे मुझे यह उम्मीद जगी है कि एक दिन वे लोग नाम शुक्ला भी बना सकते हैं। मैं नीरज पांडे से जानना चाहूंगा कि आखिर शुक्ला विग क्यों पहनता है। 61 वर्षीय अभिनेता ने कहा- नाम शबाना एक उत्साहित करने वाला कॉन्सेप्ट है और बाकी फिल्ममेकर्स को उनकी फिल्मों के साथ प्रयोग करने के लिए प्रेरित करेगा। मुझे विश्वास है कि यह अच्छा प्रदर्शन करेगी। हम अपनी फिल्मों की तुलना हॉलीवुड से करते हैं और वह हमारे लिए एक बेंचमार्क होती हैं, लेकिन मुझे लगता है कि फिल्मों को लेकर हमारा अपना दृष्टिकोण होना चाहिए। हम उम्मीद करते हैं कि यह फिल्म लोगों को इस तरह की और ज्यादा चीजें तलाशने के लिए प्रेरित करेगी।

फिल्म में अपने किरदार के बारे में बात करते हुए अनुपम ने कहा- नाम शबाना में मेरा किरदार एक टेक्निकल एजेंट है जो कि कंप्यूटर की मदद से चीजों को अंजाम देता है और कुछ कोड्स को क्रैक करके आसानी से जानकारी निकाल लेता है। हालांकि हमें यह मानना पड़ेगा कि डिटेक्टिव को लेकर हमारी धारणा एक ऐसे शख्स की है जो किसी का पीछा करता है या किसी रहस्य को सुलझाने की कोशिश करता है। हमारा जेम्स बॉन्ड से बहुत जुड़ाव है। असली डिटेक्टिव बहुत आकर्षक नहीं होते हैं, वह बहुत ही साधारण लोग होते हैं। सभी फिल्मों में हम उन डिटेक्टिव्स की बात कर रहे होते हैं जो बहुत नोटिसेबल होते हैं। हालांकि असल जिंदगी में यह उल्टा होता है।

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First Published on March 20, 2017 3:26 pm

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