ताज़ा खबर
 

उत्तर प्रदेश चुनाव: बिना जनाधार के भी हर चुनाव में किस्मत आजमाती हैं ये पार्टियां, मिलते हैं 500 से भी कम वोट

भले ही उनकी जमानत जब्त हो जाए पर वे चुनावी मैदान में उतरते जरूर हैं। ऐसे दलों की संख्या में पिछले कुछ चुनाव के दौरान लगातार इजाफा हो रहा है।
Author नई दिल्ली | February 21, 2017 04:12 am
चुनाव में वोट देते मतदाताओं की फाइल फोटो। (फाइल)

विष्णु मोहन

भले ही उनकी जमानत जब्त हो जाए पर वे चुनावी मैदान में उतरते जरूर हैं। ऐसे दलों की संख्या में पिछले कुछ चुनाव के दौरान लगातार इजाफा हो रहा है। जबकि असलियत यह है कि 1996 के विधानसभा चुनाव को छोड़ कर 80 के दशक से अब तक हुए चुनावों में 75 फीसद उम्मीदवारों की जमानत जब्त होती चली आ रही है। कई पार्टियों का तो यह हाल हुआ कि उनके उम्मीदवारों को सौ से भी कम वोट हासिल हो सके। बावजूद इसके चुनाव लड़ने का जुनून कहीं कम होता नहीं दिख रहा है।  2007 व 2012 के विधानसभा चुनावों में किस्मत आजमाने उतरी अधिकतर पार्टियों के उम्मीदवारों को पांच सौ से अधिक वोट हासिल नहीं हो सके। जब वोटों की गणना हुई तो पाया गया कि ऐसे उम्मीदवारों में से कई को तो सौ वोट भी नहीं मिले। 2007 के विधानसभा चुनाव में इंडियन नेशनल लीग नाम की पार्टी को पूरे प्रदेश में बमुश्किल 68 वोट ही हासिल हो सके। इसी चुनाव में अखिल भारतीय जनसंघ को पूरे सूबे में महज 82 वोट मिले थे जबकि पूर्वांचल विकास पार्टी को 104 व वामदल पार्टी को 127 वोट ही हासिल हो सके थे।

ऐसी पार्टियां और उम्मीदवार लोकसभा चुनाव में भी खूब उतरती हैं। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े लोगों की मानें तो चुनावी तैयारी सभी प्रत्याशियों को नजर में रख कर की जाती है। चुनावों में छोटी-बड़ी सभी पाटिर्यों के हजारों उम्मीदवार मैदान में होते हैं जिनपर करोड़ों का व्यय आता है। लोकसभा चुनावों की अपेक्षा विधानसभा चुनावों में अधिक संख्या में लोगों की जमानत जब्त होती है। विधानसभा चुनाव के 2012 के आंकड़े बताते हैं कि दलित समाज पार्टी को 151 वोट, एबीआर सभा को 148, किशोर राज्य पार्टी को 157 मत मिले थे, जबकि अहीर नेशनल पार्टी को 364 और राष्ट्रीय साधु विचार कौंसिल को तमाम मशक्कत के बाद भी कुल 205 वोट ही हासिल हो सके थे।

 

 

 

बुंदेलखंड: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- "SCAM का मतलब सपा, कांग्रेस, अखिलेश और मुलायम"

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग