April 27, 2017

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राजदीप सरदेसाई के बारे में बोले बीएचयू के वीसी- वे कैंपस में आए तो विधिवत पीटे जाएंगे, मैं हूं आरएसएस का

राजदीप ने ट्वीट करेक वीसी त्रिपाठी पर आरोप लगाया था कि वो प्रधानमंत्री मोदी के रोड शो में शामिल हुए थे।

राजदीप सरदेसाई।

वरिष्‍ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति के बीच चल रहा विवाद बढ़ता ही जा रहा है। राजदीप ने शुक्रवार को एक ट्वीट के माध्यम से बीएचयू के कुलपति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो में शामिल होने का आरोप लगाया था। उन्‍होंने ट्वीट में लिखा था, ”हैरानी: बीएचयू के वीसी त्रिपाठी प्रधानमंत्री के राजनीतिक रोड शो में शामिल हुए। ये कहां आ गए हम।” जिसेक बाद वीसी ने इस आरोप को नकारते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी दे डाली। बाद में राजदीप ने अपनी गलती मानते हुए रविवार, 5 मार्च को एक और ट्वीट करते हुए लिखा कि लिखा कि, ”मोदी के रोड शो में बीएचयू के वीसी की तस्‍वीरें वास्‍तव में गलत निकली। उनसे माफी मांग रहा हूं और ट्वीट वापस ले रहा हूं।” राजदीप के माफी के बावजूद वीसी त्रिपाठी का गुस्सा शांत नहीं हुआ है।

सीएनएन नेटवर्क 18 को दिए इंटरव्यू के अनुसार वीसी त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री मोदी के रोड शो में उपस्थित होने के सारे आरोपों को नकारते हुए कहा कि, ” मैं उस दिन सारा कार्यक्रम अपने ऑफिस में बैठकर टीवी पर देख रहा था। मेरे रैली में उपस्थित होने के सारे आरोप मुझे और विश्वविद्यालय को बदनाम करने की साजिश है। अगर ये सिद्ध हो जाए कि मैं रोड शो में था तो मैं किसी भी सजा को भुगतने के लिए तैयार हूं। एक द्वेषपूर्ण पत्रकार (राजदीप) ने ट्विटर पर झूठ फैला कर इस विवाद की शुरूआत की। अगर वो कैंपस में दोबारा आए तो वो विधिवत पीटे जाएंगे। बिल्कुल पीटे जाएंगे। मैं बिल्कुल किसी को मेरे और विश्वविद्यालय के बारे में झूठ नहीं फैलाने दूंगा” इसके बाद जब उनसे संघ का आदमी होने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ” ” मैं हूं आरएसएस का, मैं संघ से जुड़ा हूं और मुझे इस बात पर गर्व है। इससे किसी दूसरे को क्या मतलब है। अगर कोई संघ से जुड़ा है तो क्या ये कारण काफी है किसी को बड़े पद संभालने के अयोग्य मानने की। जब हमारे प्रधानमंत्री भी संघ के आदमी है तो क्या भगा दें उन्हें भी। संघ के आदमी राज्यपाल भी रहे हैं। अगर संघ से जुड़ा होना ही आधार है तो बड़ी मुश्किल होगी। अगर में संघ से जुड़ा रहकर प्रोफेसर रह सकता हूं तो इस विश्वविद्यालय का कुलपति भी बन सकता हूं।

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First Published on March 7, 2017 12:23 am

  1. चक्रपाणि पांडेय
    Mar 7, 2017 at 4:56 am
    किसी के सम्बन्ध में बिना प्रमाण के कुछ भी लिख देना और सत्य का पता चलने पर माफ़ी मान्ग लेना. यही बात अगर सत्य होती तो मीडिया ट्रायल चालु हो जाता, विसि ने भी अपनी विचारधारा को बिना लागलपेट के बताया.ईश्वर एसे बुद्धिजिवियो से देश को बचाए.
    Reply
    1. P
      Preeti
      Mar 7, 2017 at 12:27 pm
      Sardesairajdeep aaj Kal gidh ki tarah BHU me apni Nazar tikae hue hai par hum BHU ki ladkiyajeans kabhi v uska agenda BHU me aane nai denge, Mene rajdeep ko Omar Khalid aur kanhaiya Jese logo ko wakalat karte v dekha hai aur burhan wani k Marne PE shok jatate v dekha hai NDTV ko Europe fund karta hai aur ye left vichardhra ka news channel hai Jo Kerala me RSS walo ko Mar rahe hai par ye log insaniyat kyu bhul hate hain sirf agenda yaad rehta hai,kisi ko badnam karna ptrakar hokar ,sharam karo
      Reply
      1. A
        Aditya Kumar
        Mar 7, 2017 at 2:24 am
        चलो इसी बहाने वीसी की नियत सामने आयी। लड़कियों के हॉस्टल में नानवेज बंद कराना, लड़की लड़का कभी दोस्त नही हो सकते, साइबर लाइब्रेरी 24 घंटे नही है। ये सारी बातों की वकालत करने वाले वीसी जिनके सुपुत्र जी अमरिका में पढाई कर रहें हैं।
        Reply
        1. P
          Preeti
          Mar 7, 2017 at 12:16 pm
          I am Preeti studied in department of geography BHU aur me aapke in saare iljamo SE asahmat hu BHU mess me nonveg v mllta hai,ladkiya jeans and shorts pehen kar v ghumti hain,me khud sau baar der SE hostel lauti hu,aur room me PC me 24hrs internet milta hai. Mene girls SE baat ki BHU me unhone kaha k apne gharo SE zyada BHU me freedom milti hai AUR wo mehnat SE padhai kar RI hai.
          Reply
          1. P
            Preeti
            Mar 7, 2017 at 12:20 pm
            Aapko is baat ki chinta kyu nai hoti k kisi university me padhai ho rahi hai ya nai. Mene allhabad university ,kashi vidyapeeth AUR harishchandra me Bsc. Admission sirf islie nai lia kyu k ladke waha padhai nai karte din bhar election k naam pe gundagardi or cl band karwana hi uka kaam hota hai, BHU islie ladkiyo k lie sabse acchi university hai lekin kuch log ladkiyo ke bahane apna agenda BHU me Lana chahte hai.
            Reply
          2. A
            amit sharma
            Mar 8, 2017 at 8:19 am
            अगर पीटने वाला राजदीप है तो बीजेपी राजदीप जैसे लोगो के लिए गुंडा ही होना चाहिए
            Reply
            1. A
              Ashish
              Mar 7, 2017 at 12:38 pm
              अगर इस न्यूज़ के हवाले से देखा जाये तो राजदीप सरदेसाई ने अपनी गलती स्वीकार की है. वे ट्वीट वापस लिया है. कोई व्यक्ति गलती कर सकता है और वो इन गलतियों से ही सीखता भी है यह हमको भी हमारे विद्यालयों में सिखाया जाता था. परन्तु त्रिपाठी जी के बयान में पीटने की बात जमी नहीं. क्यों हिंसा के रास्ते से बात हो रही है?
              Reply
              1. K
                K.S.Deolia
                Mar 9, 2017 at 7:50 am
                Talwar Kee Dhar se tej hoti hai jawan kee dhar aur jwan ko soch-samjh kar hee chalana chahiye. Rajdeep jaise kuchh patrakar afwah failakar hi apni roti kamate hain. Inhe yah nahin pata Kee afwah failne kee gati kitni hoti hai aur nuksan kitna hota hai.
                Reply
                1. K
                  Krish Sharma
                  Mar 8, 2017 at 1:40 am
                  राजदीप बार बार BHU को बदनाम कर रहा है, पहले लड़कियों के साथ भेदभाव, कपडे पहनने की आज़ादी, नॉन वेज आदि मुद्दे इंडिया टुडे और आज तक पर दिखाए | ज़ी न्यूज़ ने साबित किया और काशी वाले जानते हैं की BHU क्या है.अब फिर ऐसा कर रहा है, जैसे ऑस्ट्रेलिया में पीटा वैसी ही विधिवत पिटाई होनी ही चाहिए. JNU के नारे नहीं दीखते, आज भी JNU में भारत से कश्मीर और उत्तर पूर्व अलग करने के पोस्टर लगे हैं, जो VC के आदेश के बाद भी नहीं हटे
                  Reply
                  1. K
                    Krish Sharma
                    Mar 8, 2017 at 1:42 am
                    राजदीप बार बार BHU को बदनाम कर रहा है, पहले लड़कियों के साथ भेदभाव, कपडे पहनने की आज़ादी, नॉन वेज आदि मुद्दे इंडिया टुडे और आज तक पर दिखाए | ज़ी न्यूज़ ने साबित किया की ये जूथ है और काशी वाले जानते हैं की BHU क्या है.अब फिर ऐसा कर रहा है, जैसे ऑस्ट्रेलिया में पीटा वैसी ही विधिवत पिटाई होनी ही चाहिए. JNU के नारे नहीं दीखते, आज भी JNU में भारत से कश्मीर और उत्तर पूर्व अलग करने के पोस्टर लगे हैं, जो VC के आदेश के बाद भी नहीं हटे
                    Reply
                    1. R
                      rajeevkumar
                      Mar 8, 2017 at 6:26 am
                      jnu के नारे मोदी जी को नही दीखते.चाहये jnu हो या bhu .किसी को भी भारत के विरुद्ध बोलने की इजाजत नही ह.ज&के में भारत के विरुद्ध झण्डे दिखाए जाते ह.इसके टुकड़े करने की बात होती ह पर तब आप व् आपके मोदी जी आंख और कान बन्द क्र लेते ह. य दोगली पालिसी छोड़ो .अगर राजदीप जी ने गलत खबर दिखाई तो उन्होंने माफ़ी भी मांग ली.फिर एक vc का उन्हें पीटने की धमकी देना साबित करता ह की बीजेपी गुंडों की पार्टी ह.
                      Reply
                      1. S
                        Sidheswar Misra
                        Mar 7, 2017 at 3:32 am
                        राजनीत करने का सभी को अधिकार है त्रिपाठी जी ने मोदी रैली में सम्मिल होना ही चाहिए। जिसकी कृपा से बने है उसकी चाटुकारिता नहीं कर्तव्य होता।
                        Reply
                        1. R
                          rajeevkumar
                          Mar 8, 2017 at 6:31 am
                          तो अंकल जी य बात उन्हें समझाये जिन्होंने य कानून बनाया,की कोई भी govt सर्विस वाला किसी भी पोलिटिकल पार्टी की स्टेज या उसे स्पोर्ट नही कर सकता खुलेआम .मोदी जी की अंधी भक्ति छोड दो कुछ नही मिलना.जो कानून ह उसका सम्मन
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