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यूपी चुनाव: बसपा ने क्‍यों पहली बार उतारे 24 फीसदी मुस्लिम उम्‍मीदवार, मुसलमानों की क्‍या है अहमियत, जानिए

यूपी विधान सभा चुनाव: 125 विधान सभा सीटें उन जिलों में हैं जहां मुस्लिम आबादी करीब 20 प्रतिशत या उससे ज्यादा है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भारत में मुसलमानों की जनसंख्या को लेकर जताई चिंता। (Representative Image)

साल 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल 121 करोड़ आबादी में मुसलमान करीब 14.23 प्रतिशत (17.22 करोड़) हैं। दुनिया की कुल मुस्लिम आबादी का 11 प्रतिशत भारत में रहता है। उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव के लिए 11 फरवरी से आठ मार्च के बीच सात चरणों में मतदान होगा। देश के सर्वाधिक राजनीतिक रसूख वाले यूपी में सत्ता की कमान किसे मिलेगी इसमें सूबे के मुसलमान वोटरो की अहम भूमिका मानी जा रही है। साल 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य में करीब 19.5 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। राज्य में जिन तीन पार्टियों भाजपा, बसपा और सपा के बीच टक्कर मानी जा रही है उनमें से दो को उम्मीद है कि मुस्लिम वोट उसे मिलेंगे।

साल 2011 की जनगणना के अनुसार यूपी में 79.73% हिन्दू और  19.26% मुसलमान हैं। मुस्लिम वोटरों के दबदबे को इसी से समझा जा सकता है कि बसपा ने यूपी के 403 विधान सभाओं में से 97 पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं। यानी बसपा ने कुल विधान सभा सीटों में से करीब 24 प्रतिशत पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं। बसपा ने 110 से ज्यादा अगड़ी जातियों के उम्मीदवार भी उतारे हैं।

यूपी के 38 जिलों और 27 संसदीय क्षेत्रों में मुसलमानों की निर्णायक आबादी है। 2001 की जनगणना के अनुसार राज्य के जिन जिलों में मुस्लिम आबादी करीब 10 प्रतिशत या उसके ऊपर हैं उनमें 200 से ज्यादा विधान सभा सीटें आती हैं। 125 विधान सभा सीटें उन जिलों में हैं जहां मुस्लिम आबादी करीब 20 प्रतिशत या उससे ज्यादा है।  साल 2012 में राज्य में 68 मुस्लिम विधायक चुने गये थे। 2012 में राज्य की कुल विधान सभा सीटों के करीब 17 प्रतिशत सीटों पर मुस्लिम विधायक थे। यानी राज्य की आबादी के अनुपात में विधान सभा में उसका प्रतिनिधित्व लगभग बराबर था। पिछले विधान सभा चुनाव सर्वाधिक 43 मुस्लिम विधायक सपा के टिकट पर जीते थे। वहीं बसपा के 16, कांग्रेस के चार, पीस पार्टी के तीन, कौमी एकता दल के 2 और इत्तेहादे-मिल्लत काउंसिल का एक विधायक जीता था। 2007 के विधान सभा चुनाव में 56 मुस्लिम विधायक जीते थे।

मुसलमानों की बड़ी आबादी के बावजूद 2014 के लोक सभा चुनाव में राज्य से एक भी मुस्लिम सांसद का चुनाव नहीं जीत सका था। ज्यादा हैरानी की बात ये है कि पर्याप्त मुस्लिम आबादी वाले संसदीय सीटों पर भी भाजपा को अच्छी सफलता मिली थी। माना जाता है कि ज्यादातर मुसलमान उसे ही वोट करते हैं जो भाजपा को हराने की स्थिति में हो। सीएसडीएस-लोकनीति सर्वे के अनुसार पिछले लोक सभा चुनाव में भाजपा को करीब आठ प्रतिशत मुस्लिम वोट मिले थे। यूपी में भी भाजपा को करीब इतने ही प्रतिशत मुस्लिम वोट मिले थे, खासकर शिया मुसलमानों के वोट।

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