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UP Assembly Election 2017: अायोग पहुंची अमेठी के राजघराने की रानियों की लड़ाई, बेहद दिलचस्प होगा मुकाबला

अमेठी राजघराने के राजा डॉ संजय सिंह के नाम पर दोनों रानी आमने- सामने हो गई हैं। इससे महल के अंदर का झगड़ा अब चुनाव आयोग की मेज पर है।
Author अमेठी | February 11, 2017 00:43 am

स्वामीनाथ शुक्ल

अमेठी राजघराने के राजा डॉ संजय सिंह के नाम पर दोनों रानी आमने- सामने हो गई हैं। इससे महल के अंदर का झगड़ा अब चुनाव आयोग की मेज पर है। अब अमीता सिंह और गरिमा सिंह की उम्मीदवारी का फैसला चुनाव आयोग करेगा। इसके लिए अमेठी के जिला निर्वाचन अधिकारी ने अमीता और गरिमा दोनों का पक्ष आयोग को भेज दिया है। इस पचड़े में विरासत और सियासत दोनों का बराबर हिस्सा है। अमीता सिंह के नामांकन के बाद गरिमा सिंह की आपत्ति पर अमीता ने जो जवाब दिया है, उसमें गरिमा सिंह और संजय सिंह का तलाकनामा भी शामिल है।
संजय सिंह और गरिमा सिंह के तलाक को सीतापुर के न्यायालय सिविल जज ने 27 मार्च 1995 को मंजूर किया है। अमीता ने दोनों के तलाक का प्रमाण पत्र आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया है। अब अमीता सिंह और गरिमा सिंह को चुनाव आयोग के फैसले का इंतजार है। इसके पहले अनंत विक्रम सिंह भी निर्दल नामांकन कर दिए है। अमीता सिंह के नामांकन के बाद गरिमा सिंह ने निर्वाचन अधिकारी की मेज पर एक आपत्ति दाखिल की है। इसमें लिखा है कि संजय सिंह केवल गरिमा सिंह के पति हैं। लेकिन अमीता सिंह ने नामांकन पत्र में संजय सिंह को पति लिखा है जो पूरी तरीके से अवैध है। निर्वाचन अधिकारी ने गरिमा की आपत्ति पर अमीता से जवाब लिया है।

अमीता सिंह ने अपने जवाब में लिखा है कि: वे 22 साल से संजय सिंह की शादीशुदा पत्नी हैं। इनकी पत्नी बनने के पहले संजय सिंह और गरिमा सिंह का तलाक हो चुका था। इसके बाद अमीता सिंह और संजय सिंह की शादी हुई। इस बीच अमीता सिंह संजय सिंह की पत्नी के रूप में तीन बार सदन जा चुकी हैं। इसके पहले जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य भी चुनी गई थीं। 2014 में लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुकी हैं। लिहाजा गरिमा सिंह की आपत्ति पूरी तरीके से फर्जी है। संजय सिंह का गरिमा सिंह से कोई रिश्ता नहीं है। संजय सिंह किसी भी गरिमा को नहीं जानते हैं जिससे गरिमा सिंह का नामांकन पत्र अवैध घोषित किया जाए।

बहरहाल इस वजह से भाजपा की गरिमा सिंह का नामांकन पत्र खतरे में पड़ सकता है। गरिमा सिंह के नामांकन पत्र में पति का नाम डॉ संजय सिंह है। जबकि डॉ संजय सिंह के मुताबिक संजय और गरिमा का तलाक 22 साल पहले हो चुका है। अमेठी राजघराने में डॉ संजय सिंह की रानी अमीता सिंह है। अमीता सिंह चुनावी रार में अब तक आठ बार नामांकन कर चुकी हैं जिससे चुनाव आयोग भी संजय सिंह और अमीता सिंह के नाम का प्रमाण पत्र दे चुका है। चुनाव आयोग के कबूलनामें में अमीता सिंह तीन बार विधायक और एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीतकर प्रमाण पत्र ले चुकी हैं। अमीता सिंह सदन के रास्ते पर हैं। इस बार के चुनाव में अमीता सिंह चौका मारने के लिए निकल पड़ी हैं। इसके पहले रानी अमीता सिंह तीन बार विधायक और एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ चुकी हैं।

इस बीच अमीता सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में ताकतवर मंत्री थी। अमेठी विधानसभा में अब तक 16 चुनाव कराए गए हैं। इसमें से राजघराने के आठ विधायक सदन गए हैं। अमेठी में 1951 के पहले चुनाव में राजा रणंजय सिंह निर्दल विधायक बने थे। इसके बाद वे 1969 और 1974 में विधायक बने थे। इस बीच राजा रणंजय सिंह लोकसभा भी गए थे। राजा रणंजय सिंह के बाद उनके पुत्र डॉ संजय सिंह 1980 और 1985 में कांग्रेस के विधायक चुने गए थे। डॉ संजय सिंह 1985 के चुनावी आंकड़े में कुल पड़े मतों का 97.8 प्रतिशत वोट संजय सिंह को मिले थे। उनकी ऐतिहासिक जीत का रेकार्ड अब तक टूट नहीं पाया है। इसके बाद संजय सिंह चार बार सांसद बन चुके हैं, जिसमें दो बार राज्यसभा भी गए हैं। इस बीच वे उत्तर प्रदेश की सरकार में दर्जन भर विभागों के ताकतवर मंत्री थे। और केंद्र में केंद्रीय संचार मंत्री बन चुके हैं।

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