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एमसीडी चुनाव 2017: सुषमा स्‍वराज को भगवान मानने और किडनी ऑफर करने वाले जमाल हैदर का पर्चा खारिज

अबू फजल एन्‍कलेव सीट से जमाल हैदर को उतारा गया था लेकिन उनका पर्चा खारिज हो गया।
जमाल हैदर खुद को विदेशी मंत्री सुषमा स्‍वराज का भक्‍त बताते हैं।

दिल्‍ली म्‍युनिसिपल (एमसीडी) के चुनावों के लिए प्रचार जारी है। यहां पर भाजपा, कांग्रेस और आप के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। भाजपा के लिए यह चुनाव नाक का सवाल है क्‍यों कि वह वर्तमान में यहां पर सत्‍ता में हैं। उसने इन चुनावों में छह मुस्लिम उम्‍मीदवार भी उतारे हैं। हालांकि एक उम्‍मीदवार का पर्चा गलती के चलते खारिज हो गया है। पांच साल पहले हुए चुनावों में भाजपा ने पांच उम्‍मीदवार उतारे थे। एमसीडी चुनाव 2017 के लिए भाजपा ने कुरैशी नगर से रुबिना बेगम, जाकिर नगर से कुंवर रफी, दिल्‍ली गेट से फहीमुद्दीन सैफी, चौहान बांगड़ से सरताज अहमद और मुस्‍तफाबाद से साबरा मलिक को अपना प्रत्‍याशी बनाया है। इनके अलावा अबू फजल एन्‍कलेव सीट से जमाल हैदर को उतारा गया था लेकिन उनका पर्चा खारिज हो गया।

जमाल हैदर खुद को विदेशी मंत्री सुषमा स्‍वराज का भक्‍त बताते हैं। जब सुषमा स्‍वराज किडनी फेल होने के चलते एम्‍स में भर्ती थीं तो जमाल ने सबसे पहले अपनी किडनी डोनेट करने का ऑफर दिया था। उन्‍होंने हिंदुस्‍तान टाइम्‍स को बताया, ”मेरे दो भगवान हैं। एक ऊपर और नीचे सुषमाजी हैं।” हालांकि चुनावों में किस्‍मत ने जमाल हैदर का साथ नहीं दिया। चुनाव आयोग को दिए गए फॉर्म में गलती के चलते उनका नामांकन खारिज हो गया। वे साल 1988 से भाजपा के साथ हैं। उन्‍होंने एमसीडी चुनावों के लिए पार्टी को भेजे अपने फॉर्म में लिखा था, ”सुषमा स्‍वराज को किडनी ऑफर करने वाला पहला शख्‍स।” भाजपा से टिकट मिलने के बाद उन्‍होंने सुषमा स्‍वराज को इसके लिए धन्‍यवाद दिया था।

भाजपा की ओर से उतारे गए सभी उम्‍मीदवार उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के कामों की सराहना करते हैं। साथ ही तीन तलाक और गौ हत्‍या के मुद्दे पर भी भाजपा से सहमत हैं। मुस्‍तफाबाद से उतारी गईं साबरा मलिक का कहना है कि वह तीन तलाक का मसला उठाएंगी। मलिक का परिवार 17 साल से भाजपा से जुड़ा हुआ है। कुरैशी नगर से भाजपा प्रत्‍याशी रुबिना बेगम का परिवार 80 के दशक से भगवा पार्टी से जुड़ा हुआ है। उनकी मां और भाई भी पार्षद रह चुके हैं।

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