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IIT Admissions 2017: सुप्रीम कोर्ट ने लगाई जेईई-एडवांस के तहत IIT में काउंसलिंग व दाखिले पर रोक

सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को जेईई (एडवांस) के तहत परीक्षा के संबंध में अब आगे आईआईटी काउंसलिंग व दाखिले पर रोक लगाने का आदेश दिया।
Author July 7, 2017 22:01 pm

सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को जेईई (एडवांस) के तहत परीक्षा के संबंध में अब आगे आईआईटी काउंसलिंग व दाखिले पर रोक लगाने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा व न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर की पीठ ने कहा, “आईआईटी जेईई-एडवांस की सीटों के लिए कोई काउंसलिंग या दाखिला अगले आदेश तक नहीं होगी। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 10 जुलाई तय कर दी। अदालत का यह आदेश दो अभ्यर्थियों की याचिका पर आया है, जिसमें दो प्रश्नों में गलतियों के लिए सभी उम्मीदवारों को सात अंक दिए गए हैं। इसमें एक प्रश्न रसायन विज्ञान का है व दूसरा गणित का है। ये गलतियां हिंदा संस्करण के प्रश्नपत्र में हुई हैं। इसमें रसायन विज्ञान के प्रश्न के लिए तीन अंक और गणित के प्रश्न के लिए चार अंक निर्धारित हैं। पीठ ने यह भी आदेश दिया कि अब से कोई उच्च न्यायालय जेईई-आईआईटी (एडवांस) संबंधी किसी याचिका पर विचार नहीं करेगा।

अदालत ने आगे उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल से शनिवार तक उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित जेईई-आईआईटी (एडवांस) से जुड़ी याचिकाओं की संख्या व मामलों की प्रकृति की सूचना देने का निर्देश दिया है। अदालत ने अपपने निर्देश की प्रति सभी रजिस्ट्रार जनरलों को दिए जाने का आदेश दिया। अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) के तहत सात अंकों को लेकर कई आवेदनों को देखते हुए पीठ ने संकेत दिया कि वह पुन: मूल्यांकन का विकल्प चुन सकता है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि जिन छात्रों ने इन दो सवालों को हल नहीं किया है, उन्हें बाहर रखा जा सकता है, लेकिन जिन्होंने इसे या गलत हल किया है, उन्हें यह अंक मिलेंगे।

केंद्र सरकार की तरफ से पेश होते हुए अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने पीठ से कहा कि समस्या को हल किया जाना चाहिए और हिंदी प्रश्नपत्रों में यह पहचान कर पाना मुश्किल है कि किसने उत्तर दिए हैं। उन्होंने पीठ को बताया कि अब तक 33,000 छात्रों की काउंसलिंग हो चुकी है और उन्हें प्रवेश दिया जा चुका है। कुल 36,000 सीटें हैं। वेणुगोपाल ने अदालत से कहा कि अदालत के समक्ष मौजूद दो याचिकाकर्ताओं में से एक ने पहले ही आईआईटी-बांबे में दाखिला ले लिया है।

अदालत से कहा गया कि एक याचिकाकर्ता ने कुल 366 में से 185 अंक हासिल किए हैं और दूसरा याचिकाकर्ता पहले ही आईआईटी बांबे में दाखिला ले चुका है।
याचिकाकर्ता उम्मीदवारों के तरफ से पेश होते हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि अतिरिक्त अंक किसी को भी नहीं दिए जा सकते, जिन्होंने दोनों सवालों के उत्तर नहीं दिए।
उन्होंने कहा कि हजारों छात्र ऐसे हैं जिन्होंने बराबर अंक मेरिट लिस्ट में हासिल किए हैं। आईआईटी-जेईई एडवांस में करीब 2.35 लाख छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया है।
सर्वोच्च न्यायालय ने बीते शुक्रवार को केंद्र से आईआईटी-संयुक्त प्रवेश परीक्षा (आईआईटी-जेईई) के एडवांस कोर्स में सभी उम्मीदवारों को अतिरिक्त सात अंक दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा था। हालांकि, अवकाश पीठ ने काउंसलिंग में दखल देने से इनकार कर दिया था। आईआईटी जेईई-एडवांस में प्रश्नपत्रों के दस सेट होते हैं, इसमें एक ही प्रश्न होते हैं, लेकिन इनका क्रम अलग-अलग होता है।

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