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देश भर में चल रहे हैं 23 फर्जी विश्वविद्यालय और 279 तकनीकी संस्थान, दिल्ली में सबसे ज्यादा 7 फर्जी यूनिवर्सिटीज

मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने हाल ही में राज्य सभा में बताया था कि मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखकर फर्जी यूनिवर्सिटीज के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कर जांच कराने को कहा गया है।
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

यूजीसी और अॉल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने पिछले महीने अपनी वेबसाइट पर नकली शिक्षा संस्थानों की एक सूची जारी की थी। इस सूची के मुताबिक देश भर में 23 फर्जी यूनिवर्सिटीज और 279 टेक्निकल इंस्टिट्यूट्स हैं। राजधानी दिल्ली में सबसे ज्यादा 66 फर्जी शिक्षा संस्थान हैं। इन संस्थानों में बिना इजाजत इंजीनियरिंग और बाकी टेक्निकल कोर्स कराए जाते हैं। यूजीसी के मुताबिक देश की 23 फर्जी यूनिवर्सिटीज में से 7 दिल्ली में हैं। सीधे शब्दों में कहें तो इन संस्थानों को डिग्री देने का अधिकार नहीं हैं। इन कॉलेजों या यूनिवर्सिटीज से मिले सर्टिफिकेट महज कागज का एक टुकड़ा है।

एक अधिकारी ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा कि हमने अस्वीकृत और अनियमित संस्थानों की सूची संबंधित राज्यों को भेज दी है ताकि वह उस पर कार्रवाई कर सकें। दिल्ली के बाद तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, वेस्ट बंगाल, महाराष्ट्र में भी धड़ल्ले से फर्जी यूनिवर्सिटीज चल रही हैं। छात्र इन यूनिवर्सिटीज के जंजाल में न फंसे, इसके लिए AICTE ने इन संस्थानों को नोटिस जारी किया है। अधिकारी ने बताया कि अखबारों में पब्लिक नोटिस भी छपवाया गया है, जिसमें स्टूडेंट्स को सचेत रहने और एेसे संस्थानों में एडमिशन नहीं लेने को कहा गया है।

मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने हाल ही में राज्य सभा में बताया था कि मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखकर फर्जी यूनिवर्सिटीज के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कर जांच कराने को कहा गया है। उन्होंने कहा था कि छात्रों के साथ धोखाधड़ी करने वालों और खुद को यूनिवर्सिटी बताकर फर्जी डिग्री देने वालों के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने के लिए कहा गया है। बता दें कि हायर एजुकेशन और बेहतर जॉब की चाहत रखने वाले संस्थान अकसर फर्जी यूनिवर्सिटीज के चक्कर में पड़ जाते हैं।

18 मार्च को कर्नाटक के बेंगलुरू में एक कॉलेज द्वारा छात्रों के साथ ठगी करने का मामला सामने आया था। ये सभी बीबीए, बीकॉम और बीएससी के छात्र थे। ये छात्र पहले सेमेस्टर का पेपर दे चुके थे ,लेकिन अभी तक उनका रिजल्ट घोषित नहीं किया गया था। जब इसके बारे में एक छात्रा ने कॉलेज प्रशासन से पूछा तो कहा गया कि बेंगलुरू विश्वविद्यालय की तरफ से रिजल्ट जारी करने में देरी हो रही है, लेकिन जब छात्रा ने विश्वविद्यालय पहुंचकर इस बारे में पूछा गया तो विश्वविद्यालय ने कहा कि उनके कॉलेज को विश्वविद्यालय से मान्यता ही नहीं मिली है। इस मामले की शिकायत छात्रा ने जनानाभारथी पुलिस स्टेशन में की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों से फीस लेकर उन्हें दाखिला देने की बात कही थी लेकिन असल में उनका दाखिला हुआ ही नहीं। इन फर्जी संस्थानों की जानकारी www.ugc.ac.in और AICTE की वेबसाइट www.aicte-india.org. पर देखी जा सकती है।

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