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धर्मशाला में होने वाले भारत-पाक मैच में गतिरोध बरकरार लेकिन ठाकुर को है उम्मीद

भारत-पाकिस्तान विश्व कप टी 20 मैच के आयोजन को लेकर जारी गतिरोध के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव अनुराग ठाकुर ने उम्मीद जताई है कि मैच अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक धर्मशाला में हो होगा।
Author नई दिल्ली | March 3, 2016 23:24 pm
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव अनुराग ठाकुर (फाइल फोटो)

भारत-पाकिस्तान विश्व कप टी 20 मैच के आयोजन को लेकर जारी गतिरोध के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव अनुराग ठाकुर ने उम्मीद जताई है कि मैच अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक धर्मशाला में हो होगा। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मैच के आयोजन को लेकर हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा था कि प्रदेश के सैनिक पाकिस्तानी आतंकवादियों के शिकार बने हैं। ऐसे में प्रदेश के लोग नहीं चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान का मैच धर्मशाला में खेला जाए। हम मैच में सुरक्षा की गारंटी नहीं ले सकते। हम इसकी मेजबानी नहीं करना चाहते हैं। इसे लेकर वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भी लिखा था। वीरभद्र ने मैच के लिए सुरक्षा मुहैया कराने में असमर्थता जताई थी।

कांगड़ा स्थित शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों ने भी इस पर आपत्ति जताई थी जिनका मानना है कि पाकिस्तान की मेजबानी करना उन सैनिकों को अपमान है जिन्होंने जनवरी में पठानकोट एअरबेस और पंपोर में हुए आतंकवादी हमले में अपनी जान गंवाई थी। वीरभद्र सिंह के इस रुख के बाद ही धर्मशाला में भारत-पाकिस्तान के मैच के आयोजन को लेकर गतिरोध बना हुआ है। हालांकि ठाकुर ने गुरुवार को उम्मीद जताई कि सब कुछ ठीक हो जाएगा और मैच धर्मशाला में ही होगा।
अनुराग ठाकुर ने बुधवार को इस मसले पर वीरभद्र सिंह के साथ मुलाकात कर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा कि बातचीत बेहतर माहौल में हुई थी और मुझे उम्मीद है कि प्रदेश सरकार मैच के आयोजन की इजाजत दे देगी।

ठाकुर बातचचीत में पुरउम्मीद दिखे। उन्होंने कहा कि मैच होगा, मुझे इसमें किसी तरह का संदेह नहीं है। मेरी मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात बेहतर रही। हमने बेहतर माहौल में बातें कीं और हर मसले पर विस्तार से चर्चा की। राज्य सरकार शहीद जवानों के परिवार वालों के साथ-साथ दूसरे लोगों से बात करने की कोशिश करेगी, जिन्होंने मैच के आयोजन को लेकर आपत्ति जताई है। मुझे सकारात्मक नतीजे की उम्मीद है। राज्य सरकार को मैच की मेजबानी करनी है और मुझे लगता है सब कुछ ठीक रहेगा। बीसीसीआइ की तरफ से यह मैच पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से होगा।

भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि यह फैसला किया गया कि भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज का कोई भी मैच धर्मशाला में नहीं होगा लेकिन विश्व टी20 का मैच वहां खेला जाएगा क्योंकि यह राज्य और देश की छवि का सवाल है। ठाकुर के मुताबिक यह फैसला किया गया कि भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज की दशा में धर्मशाला में कोई मैच नहीं होना चाहिए लेकिन विश्व टी20 के स्थलों पर फैसला एक साल पहले कर दिया गया था और अब किसी अन्य स्थान पर मैच का आयोजन करना लगभग असंभव है। इसलिए बीसीसीआइ और राज्य सरकार जल्द से जल्द यह मसला सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय सीरीज अलग तरह का टूर्नामेंट होता है लेकिन यह विश्व प्रतियोगिता है और भारत को इसकी मेजबानी करने का सम्मान मिला है। हम किसी अन्य देश के साथ मिलकर इसकी मेजबानी नहीं कर रहे हैं। भारत एकमात्र मेजबान है और इसे सफल बनाने की जिम्मेदारी हमारी है। ठाकुर से जब पठानकोट हमले के बाद शहीदों के परिवारों के सवालों के बारे में पूछा गया, उन्होंने कहा कि हम सभी पठानकोट हमले की निंदा करते हैं। लेकिन इसके साथ हम खेलों को राजनीति में नहीं ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने शहीदों और उनके परिवारों का सम्मान करते हैं लेकिन कुछ लोग जो अब खेल का विरोध कर रहे हैं वे वही हैं, जिन्होंने करगिल युद्ध के बाद धर्मशाला में पाकिस्तान को खेलने की अनुमति दी थी। 2005 में इन्हीं लोगों को पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ देखा जा सकता है।

ठाकुर ने कहा कि अगर मैच आयोजन की इजाजत नहीं मिलती है तो बीसीसीआइ के पास ‘प्लान बी’ नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी दूसरी योजना नहीं है। आखिरी क्षणों में बदलाव करना किसी भी तरह से आसान नहीं है। ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आश्वास न दिया है कि इस बड़े मैच के लिए पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या हिमाचल में सुरक्षाकर्मियों की कमी है तो आप केंद्र सरकार की मदद ले सकते हो।

लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य में सुरक्षा प्रदान करने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी हैं।
इस बीच, बेवरेज कंपनी पेप्सीको ने फिर से बीसीसीआइ से बोर्ड के सभी घरेलू अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए बतौर एसोसिएट प्रायोजक चार साल का करार किया। पेप्सीको अक्तूबर में बीसीसीआइ के आइपीएल का टाइटल प्रायोजन से हट गया था। इससे पेप्सीको रिफ्रेशमेंट, स्नैक्स और ड्रिंक्स के लिए बीसीसीआइ का अधिकारिक भागीदार होगा, इसके अलावा मैदान पर भी उसका ही अधिकार होगा। यह घोषणा पेप्सीको के इंडियन प्रीमियर लीग का टाइटल प्रायोजक वापस लेने के चार महीने बाद हुई है, उसने 2017 में खत्म होने वाला पांच साल का अनुबंध तोड़ लिया था। बीसीसीआइ सचिव अनुराग ठाकुर ने कहा कि पेप्सीको हमारा काफी लंबे समय से साझीदार रहा है, वह फिर से हमारा भागीदार बन गया है और अब अधिकारिक एसोसिएट प्रायोजक होगा।

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