January 18, 2017

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संघ के मुखपत्र में दावा: सर्जिकल स्ट्राइक में सेना ने दो पाकिस्तनी चौकियों को भी किया था नेस्तनाबूत

RSS के मुखपत्र ऑर्गनाइजर ने खुलासा किया कि भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकवादियों के पांच लॉन्चिंग पैड्स के साथ ही इनके बेहद पास स्थित पाकिस्तानी सेना की दो चौकियों को भी नेस्तनाबूत कर दिया।

आरएसएस के मुखपत्र आर्गनाइजर में छपे एक लेख में बताया गया है कि भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक में पाकिस्तानी सेना की दो चौकियों को भी नेस्तनाबूत कर दिया था। (Photo: Screen Shot from Organizer Website)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र ऑर्गनाइजर में सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर बड़ा दावा किया गया है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सेना की सीमित सैन्य कार्रवाई (सर्जिकल स्ट्राइक) के सबूत सार्वजनिक करने की विपक्ष की मांग के बीच आरएसएस के मुखपत्र ऑर्गनाइजर ने खुलासा किया कि इस कार्रवाई में आतंकवादियों के पांच लॉन्चिंग पैड्स को नष्ट करने के साथ ही इनके बेहद पास स्थित पाकिस्तानी सेना की दो चौकियों को भी सेना ने नेस्तनाबूत कर दिया। उरी हमले का बदले लेने के लिए की गई सेना की इस कार्रवाई का अब तक का यह पहला विस्तृत विवरण है। आरएसएस के मुखपत्र ऑर्गनाइजर के ताजा अंक में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक सेना द्वारा पीओके में निर्धारित लक्ष्य उरी की 19वीं डिविजन, कुपवाड़ा की 28वीं डिविजन और राजौरी के 25वीं डिविजन के अधिकार क्षेत्र में थे।

वीडियो: देखें भारतीय वायु सेना के कर्मियों की खास तैयारी 

इस रिपोर्ट के मुताबिक 28 सितंबर की आधी रात को एच-आवर के कुछ घंटे पहले कुपवाड़ा डिविजन ने अभियान के ठीक विपरीत दिशा में स्थिति चौकियों पर छोटे हथियारों से गोलियां चलाईं और मोर्टार के गोले दागे। यह कवायद पाकिस्तानी सेना का ध्यान भटकाने के लिए की गई थी। 28 सितंबर को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी को इस सर्जिकल स्ट्राइक का प्लान बता दिया था। रिपोर्ट में दिए गए विवरण के मुताबिक 28 सितंबर की रात 2 बजे तक भारतीय कमांडो निर्धारित लक्ष्यों पर धावा बोल चुके थे। रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकियों के लॉन्चिंग पैड्स पर जो भी मौजूद था, सभी को भारतीय सेना ने ढेर कर दिया।

इस स्ट्राइक का मकसद पीओके में आतंकियों के अड्डों को निशाना बनना और पाकिस्तान को ये संदेश देना था कि भारत हमलावरों को सजा जरूर देगा। सेना की शब्दावली में एच आवर से मतलब उस वक्त से है, जब हमला करना होता है। समझा जाता है कि यह रिपोर्ट विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा समीक्षक नितिन ए गोखले ने लिखी है जिन्हें रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का करीबी माना जाता है।

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First Published on October 10, 2016 3:05 pm

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