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राजीव बजाज का नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला- नोटबंदी का आइडिया ही गलत था, मेड इन इंडिया को बनाया जा रहा मैड इन इंडिया

बजाज अॉटो की घरेलू बिक्री जनवरी महीने में (दोपहिया और तिपहिया सहित) 16 प्रतिशत घटकर 1,35,188 इकाई रह गई।
Author February 17, 2017 16:14 pm
बजाज के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बजाज

देश की जानी-मानी अॉटो कंपनी बजाज के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बजाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले की कड़ी आलोचना की। बजाज के मुताबिक नोटबंदी का आइडिया ही गलत था, लिहाजा इसे लागू करने के तरीके पर उंगली उठाने का कोई फायदा नहीं है। द नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज (नैसकॉम) के सालाना लीडरशिप फोरम में बजाज ने कहा- ‘अगर ख्याल या समाधान सही है तो वो जरूर काम करता है। अगर ऐसा नहीं हो रहा है, मसलन नोटबंदी, तो उसके अमल को दोष मत दीजिए।
बजाज ने मोदी सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ पर भी तंज कसे।

उन्होंने कहा कि नियामक एजेंसियां और सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया ‘मेक इंडिया’ को ‘मैड इन इंडिया’ में तब्दील कर देंगी। उन्होंने बताया किस तरह बजाज ऑटो को 4 साल बीत जाने पर भी बाजार में चौपहिया वाहन उतारने की इजाजत नहीं मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 8 नवंबर को 500 और 1,000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी। इसका मकसद कालेधन पर अंकुश लगाना था। नोटबंदी के प्रभाव से दोपहिया उद्योग अभी तक उबर नहीं पाया है।

उद्योग के आंकड़ों के अनुसार दो महीने के दौरान इस क्षेत्र की बिक्री में गिरावट आई है। उद्योग उम्मीद कर रहा है कि बेहतर मानसून तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी से दोपहिया की बिक्री सुधरेगी। बजाज अॉटो की घरेलू बिक्री जनवरी महीने में (दोपहिया और तिपहिया सहित) 16 प्रतिशत घटकर 1,35,188 इकाई रह गई। इससे एक साल पहले समान महीने में कंपनी ने 1,61,870 इकाइयों की बिक्री की थी। नोटबंदी से केवल बजाज ऑटो ही नहीं प्रमुख वाहन कंपनी महिंद्रा की सेल्स भी बुरी तरह प्रभावित हुई। महिंद्रा ने कहा कि नोटबंदी के कारण उपभोक्ता नकदी का प्रबंध नहीं कर पाए। ऑटो सेक्टर को उम्मीद है कि बेहतर मॉनसून और ग्रामीण इकॉनमी में उछाल से दोपहिया वाहनों की बिक्री फिर सुधरेगी।

बता दें कि प्रधानमंत्री के नोटबंदी के फैसले की विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की थी। इस कारण संसद का शीत सत्र भी धुल गया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और प.बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने जन्तर-मन्तर पर विरोध रैली भी निकाली थी। वहीं एटीएम और बैंकों की लाइन में लगने के दौरान कई लोगों की मौत हो गई थी।

iPhone भी नहीं झेल पाया नोटबंदी का असर, खतरे में पड़ा ऐप्पल का रिवेन्यू, देखें वीडियो :

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  1. A
    asil
    Feb 17, 2017 at 1:12 pm
    एक बात समझ मैं नहीं आती .......ये बजाज कंपनी जो वषों से two -व्हीलर बना रही है उसे फूड-व्हीलर का लाइन्स क्यों नहीं दिया गया .....और रिलायंस जिसने मैन्युफैक्चरिंग उद्योग मैं एक सुई भी नहीं बनायीं उसे हथियार बनाने का ठेका कैसे मिल गया .............जय मोती..
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    Reply
    1. A
      asil
      Feb 17, 2017 at 1:12 pm
      एक बात समझ मैं नहीं आती .......ये बजाज कंपनी जो वषों से two -व्हीलर बना रही है उसे फॉर-व्हीलर का लाइन्स क्यों नहीं दिया गया .....और रिलायंस जिसने मैन्युफैक्चरिंग उद्योग मैं एक सुई भी नहीं बनायीं उसे हथियार बनाने का ठेका कैसे मिल गया .............जय मोती..
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      1. पंकज पुरेहित
        Feb 17, 2017 at 12:40 pm
        दुपहिया वाहनों की बिक्री होती रहती तो शायद नोटबंदी अच्छी रहती.आपकी ही खबर में लिखा है कि बजाज के दुपहिया वाहन बिकना कम हो गए हैं. दर्द करे सिर और डाक्टर को पेट दिखाना कोई आपसे सीखे राजीवजी
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        1. G
          gopal
          Feb 17, 2017 at 12:32 pm
          Rahul Bajaj मोदीji की tariff करते नहीं थके पैर अब मालुलम हो गया की हेर आदमी हुशार नहीं होता भाई लोग क्यों सोचते है मेरा संतान पढाई करके ग्रेजुएट बने अनपढ़ तो अनपढ़ ही रहेगा 3 फरमान१ ]bumi अदिग्रहणपुरे देश मई shetakari pareshan 2] ५०० &१००० रूपए बंद नो result{ नकली नोट रोज मिल रही है ब्रस्ताचार रुक नहीं रहा आतंकवाद चालू है साइज़फाएरचालू है हथियार वालो का क्या कहना जैसे थे वैसे ही है नक्सलवाद हो रहा है )३)cashlesindia हमारा पैसा हम चोर हिमत है तो चोर मार्गसे टैक्स वसूलनेके बजाय डायरेक्ट टेक
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          1. R
            rahul
            Feb 17, 2017 at 1:47 pm
            मोदी जी की समस्या दरअसल अकेलापन और आत्मसम्मोहन है जिसमे वो अपने आपको महान समझते है इसी वजह से नोटबंदी जैसा आत्मघाती फैसला भी अकेले कर पुरे दैश पर आपदा थोप चुके है जो उनका विरोध करे उसे वे बर्दाश्त नही करते इसी मजी के चलते वित्तमंत्री और गवर्नर दोनों बिचारे अब तक बचकाने तर्क देकर अपनी कुर्सी बचा रहे है
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            सबरंग