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कीर्ति ने डीडीसीए को बताया भ्रष्टाचार की ‘कानूनी संस्था’, जेटली से पूछे 52 सवाल

आप और कांग्रेस के निशाने पर आए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की मुश्किलें बढ़ाते हुए भाजपा सांसद कीर्ति आजाद ने रविवार को उन पर ताजा हल्ला बोला...
Author , नई दिल्ली | December 21, 2015 01:50 am
भाजपा सांसद कीर्ति आजाद (बाएं) और बिशन सिंह बेदी (दाएं) (पीटीआई फाइल फोटो)

आप और कांग्रेस के निशाने पर आए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की मुश्किलें बढ़ाते हुए भाजपा सांसद कीर्ति आजाद ने रविवार को उन पर ताजा हल्ला बोला। दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में अनियमितताओं की बात कहते हुए आजाद ने रविवार को पत्रकार सम्मेलन में नए आरोप लगाए।

डीडीसीए में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहे भाजपा सांसद कीर्ति आजाद ने रविवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली का एक बार भी नाम नहीं लिया। दो मीडिया संगठनों के वीडियो को हथियार बनाकर आजाद ने बताया कि विकीलीक्स फॉर इंडिया और सन स्टार अखबार ने अपनी खोजी रपट में एक प्रिंटर का किराया 3000 रुपए प्रतिदिन और लैपटॉप का किराया 16000 रुपए प्रतिदिन बताया है। उन्होंने अपनी इस जांच का नाम ‘ऑपरेशन डीडीसीए’ दिया है। इसके अलावा वीडियो में बताया गया है कि 14 कंपनियां ऐसी थीं जिनका पता या जानकारियां गलत थीं और उनको डीडीसीए ने करोड़ों रुपए बिना पड़ताल के दे दिए थे।

पत्रकार सम्मेलन में आजाद ने जेटली का एक बार भी नाम नहीं लिया लेकिन उन्होंने जेटली से पूछे गए 52 सवालों का एक बयान जारी किया। इसमें उन्होंने जेटली से डीडीसीए में उनकी भूमिका और हॉकी इंडिया में उनके परिवार की भूमिका के बारे में पूछा। सवालों के अलावा आजाद ने आरोप लगाया कि जेटली ने डीडीसीए के घपले को दबाने की कोशिश की। कीर्ति आजाद ने डीडीसीए को भ्रष्टाचार की संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि अगर किसी को भ्रष्टाचार में पीएचडी लेनी है तो वो डीडीसीए जा सकता है।

पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी और सुरिंदर खन्ना के साथ पत्रकार सम्मेलन में मौजूद आजाद ने कहा कि उनके सैद्धांतिक अभियान में कोई निजी लड़ाई नहीं है, लेकिन उन्होंने वीडियो फुटेज में दिखाया कि डीडीसीए की 2011-12 की एजीएम में आजाद जेटली से सवाल कर रहे हैं। उस वक्त जेटली अध्यक्ष थे। फुटेज में कथित तौर पर यह भी दिखाया गया है कि जेटली डीडीसीए के उन पदाधिकारियों का बचाव कर रहे हैं जिनसे आजाद कथित वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर सवाल कर रहे थे।

बिहार के दरभंगा से लोकसभा सदस्य आजाद का यह पत्रकार सम्मेलन उस वक्त हुआ है जब आम आदमी पार्टी के नेताओं और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जेटली पर डीडीसीए का 14 साल तक अध्यक्ष रहने के दौरान भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। जेटली ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि यह केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले से ध्यान भटकाने का प्रयास है। सीबीआइ ने राजेंद्र कुमार से पूछताछ की है। बार-बार यह पूछे जाने पर कि वे जेटली का नाम क्यों नहीं ले रहे हैं और वित्त मंत्री के खिलाफ उनके क्या आरोप हैं तो आजाद ने कहा, ‘यह सिद्धांतों का मामला है और हम यह लड़ाई बीते नौ वर्षों से लड़ रहे हैं’।

यह पूछे जाने पर कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उनको चुप कराया है तो कीर्ति आजाद ने कहा, ‘मैंने उनके साथ अच्छा नाश्ता किया। उन्होंने मुझे इडली खिलाई। मैंने कहा कि बहुत अच्छी है’। एक अंग्रेजी अखबार को दिए जेटली के साक्षात्कार के बारे में पूछे जाने पर आजाद ने कहा कि उनके दिवंगत पिता कांग्रेसी थे और उनके पारिवारिक संबंध हैं। दरअसल, जेटली ने इस साक्षात्कार में कहा कि भाजपा के सांसद (आजाद) यूपीए सरकार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले थे और उन्हें (जेटली) घेरने का प्रयास किया गया था।

आजाद ने कहा, ‘कई पार्टियों के सांसद आपस में मिलते है और इसमें कुछ और बात नहीं निकाली जानी चाहिए’। गांधी परिवार से मुलाकात के सवाल पर आजाद ने कहा कि एक सांसद के तौर पर वे कई लोगों से मिलते हैं और अगर ऐसा करना अपराध है तो संसद में कोई किसी से नहीं मिल सकता। आजाद ने कहा, ‘हमें इन सब चीजों में नहीं जाना चाहिए। हमें डीडीसीए में भ्रष्टाचार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है। मैं इस मुद्दे को लंबे समय से उठाता आ रहा हूं। अगर ऐसा होता तो यूपीए सरकार के समय मेरे बड़े भाई को दरकिनार क्यों कर दिया गया जो निदेशक(खुफिया) बनने वाले थे’।

उन्होंने कहा, ‘जिस व्यक्ति ने मेरे खिलाफ यह आरोप लगाया है वो खुद बहुत सारे लोगों से मिलता है। इसलिए क्या मुझे भी उनके खिलाफ आरोप लगाना चाहिए? यह सही नहीं है। मेरे पिता कहा करते थे कि अगर कोई बड़ा आदमी बनना चाहता है तो उसे छोटी-छोटी चीजों में नहीं पड़ना चाहिए’।

भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने किसी के खिलाफ आरोप नहीं लगाया है और यह सीबीआइ पर है कि वह इस जांच को कैसे आगे बढ़ाती है। यह पूछे जाने पर कि क्या यह उनकी जेटली के साथ निजी लड़ाई है तो आजाद ने कहा कि उनकी किसी के साथ कोई लड़ाई नहीं है, बावजूद इसके कि उनके खिलाफ लोग आरोप लगा रहे हैं।

आजाद ने कहा, ‘हमारे प्रधानमंत्री देश के भीतर और बाहर नायक हैं। हम सब उनके मुरीद हैं क्योंकि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं। हम किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं लड़ रहे हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में हम उनके साथ हैं। अगर पार्टी मेरे खिलाफ कार्रवाई करती है तो यह उचित नहीं होगा’।

यह पूछे जाने पर कि जेटली के खिलाफ किस तरह के आरोप लगाना चाहते थे, उन्होंने कहा कि वे कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं लेकिन सिर्फ यह कह रहे हैं कि डीडीसीए में जो भ्रष्टाचार कई सालों से चल रहा है वह खत्म होना चाहिए। इस सवाल पर कि क्या जेटली डीडीसीए में भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार हैं, भाजपा सांसद ने कहा, ‘आप मुझे किसी के साथ लड़ाने का प्रयास कर रहे हैं जो कि मैं नहीं करूंगा। मैं पिछले नौ सालों से लड़ रहा हूं। यह नई पार्टी (आप) अब इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है। यही मेरा मुद्दा है’।

उन्होंने कहा, ‘आप इसे दो व्यक्तियों के बीच लड़ाई बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जो सैद्धांतिक रुख है उसे आप व्यक्तिगत और राजनीतिक बना रहे हैं। इसे लोगों के बीच की लड़ाई बनाने या इसे राजनीतिक तौर पर देखने के बजाए हमें समस्या की वजह को देखना चाहिए’।

आजाद ने कहा, ‘व्यवसाय प्रशासन का यह नियम होता है कि निविदा दी जाए। लेकिन इन फर्जी कंपनियों को करोड़ों रुपए के काम दिए गए लेकिन किस तरह का काम था इसका जिक्र नहीं है’। उन्होंने कहा, ‘भ्रष्टाचार हुआ और एसएफआइओ ने कहा कि वित्तीय अनियमितताएं हुर्इं। डीडीसीए एलआइसी (भ्रष्टाचार का कानूनी संस्थान) है। डीडीसीए के खाते जाली हैं। ये फर्जी कंपनियां हैं जिनका अस्तित्व नहीं है, लेकिन उन्हें करोड़ों रुपए के अनुबंध दे दिए गए’।

भाजपा सांसद ने कहा कि हालांकि सीबीआइ ने डीडीसीए को नोटिस नहीं दिया है लेकिन इसमें ‘आपराधिक पहलू’ को भी देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘मैं चाहूंगा कि ईडी और डीआरआई जांच करें। डीडीसीए के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक कानून भी लगाया जा सकता है’। आजाद ने कहा, ‘हमें पैसे की तह तक जाना होगा जहां पैसा गया है’।

आरोपों के बाउंसर: ’डीडीसीए ने 14 ऐसी कंपनियों को लाखों रुपए का भुगतान किया, जिनका पता और जानकारी अधूरी थी या गलत। विकीलीक्स फॉर इंडिया और सन स्टार अखबार ने अपनी रिपोर्ट में एक प्रिंटर का किराया 3000 रुपए प्रतिदिन और लैपटॉप का किराया 16000 रुपए प्रतिदिन बताया है। इस पड़ताल का नाम ‘ऑपरेशन डीडीसीए’ दिया है।

* अगर किसी को भ्रष्टाचार में पीएचडी लेनी है तो वो डीडीसीए जा सकता है। -कीर्ति आजाद

जेटली करेंगे मानहानि का मुकदमा: वित्त मंत्री अरुण जेटली सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कुछ अन्य आप नेताओं के खिलाफ दीवानी व आपराधिक मानहानि के मामले दर्ज करेंगे। अरुण जेटली ने कहा कि वे केजरीवाल के अलावा अन्य आप नेताओं-कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह, राघव चड्ढा, दीपक वाजपेयी के खिलाफ मामले दर्ज कराएंगे।

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