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Health Tips: ताकि चिप्स के पैकेट से न चिपकें बच्चे

बच्चों में जंक फूड के कारण बढ़ते मोटापे से ‘फैटी लिवर’ की समस्या बढ़ रही है जो लिवर से जुड़ी तमाम दूसरी गंभीर बीमारियों को जन्म दे रही है।
बच्चों में जंक फूड के कारण बढ़ते मोटापे से ‘फैटी लिवर’ की समस्या बढ़ रही हैत्र

बच्चों में जंक फूड के कारण बढ़ते मोटापे से ‘फैटी लिवर’ की समस्या बढ़ रही है जो लिवर से जुड़ी तमाम दूसरी गंभीर बीमारियों को जन्म दे रही है। इन बीमारियों की गंभीरता के मद्देनजर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने जंक फूड पर भी चित्र आधारित चेतावनी अनिवार्य करने की मांग की है। एम्स ने भारतीय चिकित्सा परिषद के सहयोग से बच्चों मे मोटापे के कारण खराब हो रहे लिवर पर किए शोध की रिपोर्ट के आधार पर यह मांग की है। एम्स में बालरोग विभाग की डॉक्टर वंदना जैन व डॉक्टर रजनी शर्मा ने कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण की ओर से बनी समिति इस दिशा में जल्दी ही प्रस्तावित प्रारूप पेश कर सकती है। इस पर चार फरवरी को होने वाली बैठक में भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

पिछले दो से तीन दशक में देश भर में बढ़े जंक फूड के चलन ने बच्चों का वजन बढ़ा दिया है। इस समस्या को देखते हुए एम्स ने फैटी लिवर पर शोध किया। इसकी गंभीरता को देखते हुए उदय फाउंडेशन की पहल पर छह महीने पहले एक पैनल गठित किया गया। इस समिति में भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण के अलावा भारतीय पोषण संस्थान, भारतीय जनस्वास्थ्य संगठन व एम्स के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह समिति खाने के जरिए शरीर में पहुंचने वाले नमक, शक्कर और वसा की सुरक्षित दैनिक मात्रा तय करने की दिशा में विचार-विमर्श कर रही है। कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। इस समिति ने सिफारिशों का प्रस्तावित खाका भी तैयार कर लिया है जिसे चार फरवरी को होने वाली बैठक में रपट के तौर पर पेश किया जाएगा।

डॉक्टर जैन ने बताया कि हमने शोध में पाया कि जरूरत से ज्यादा नमक, शक्कर, वसा, मैदा लोगों के शरीर में पहुंच रहा है। इसके आधार पर हमने मांग की है कि पिज्जा, बर्गर, कोक,पेस्सी जूस व एनर्जी ड्रिंक्स सहित तमाम जंक फूड पर तंबाकू की तरह से चित्र आधारित चेतावनी जारी की जानी चाहिए। मसलन जो मात्रा उस पैकेट में दी गई है उसके सेवन से लिवर को क्या-क्या नुकसान हो सकता है यह चित्रों से समझाया जाए ताकि बच्चे भी उसे समझ सकें।

डॉक्टर जैन व शर्मा ने बताया कि बढ़ते मोटापे पर एम्स के बालरोग विभाग ने 2012 से 15 के बीच एम्स में आए मोटापे से पीड़ित बच्चों पर किए शोध में पाया कि बच्चों में मोटापा महामारी का रूप ले रहा है। 220 बच्चों व उनके माता पिता पर किए शोध के आधार पर पाया गया कि 94 फीसद बच्चे मोटापे के शिकार हैं। 92 फीसद मांओं में व 95 फीसद पिता में मोटापा पाया गया। इन बच्चों में से 62.5 फीसद बच्चों के लिवर में चर्बी की अत्यधिक मात्रा पाई गई। जबकि 65 फीसद मां व 69 फीसद पिता फैटी लिवर से पीड़ित पाए गए। फैटी लिवर के कारण बड़े होने पर पाया जाने वाला मधुमेह हाइपरटेंशन व लिवर सिरोसिस व लिवर के कैंसर का खतरा अधिक है। मोटापे के कारण बच्चों की पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है जो आगे चल कर उन्हें हृदय रोगी भी बना रही है।

समाधान के तौर पर खानपान विशेषज्ञ डॉक्टर अनुजा ने घर के खाने व रेशे युक्त भोजन के अलावा ताजे खाने पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली का नतीजा रहा कि घर के खाने के बजाए बाहर के खाने का या तुरंता भोजन का चलन बढ़ा है। हमें वापस स्वास्थ्यवर्धक खाने के चलन को बढ़ाना होगा। एम्स में इसे लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए परिचर्चा की गई। इस जन संवाद के अलावा सेहत जांच व प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।

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  1. Ajay Patel
    Feb 14, 2016 at 11:50 am
    घर बैठे बिना एक भी पैसा लगाय आप जॉब कर सकते है! न ही कुछ बेचना है न ही खरीदना ! बस Facebook aur WhatsApp अच्छे से चलना आता हो।। और आप के पास एक Android phone हो । तो लिखे JOB और भेज दे (9713043269) Whats App के इस नंबर पर।
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