April 30, 2017

ताज़ा खबर

 

संपादकीय

संपादकीयः फिर आतंक

जम्मू-कश्मीर में सैनिकों और सैनिक-शिविरों पर लगातार हो रहे आतंकी हमले गहरी चिंता का विषय हैं।

संपादकीयः नई उड़ान

प्रधानमंत्री ने गुरुवार को ‘उड़ान’ योजना के तहत शिमला से दिल्ली की पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाई।

संपादकीयः लोकपाल का इंतजार

आखिरकार लोकपाल की नियुक्ति के मामले में सर्वोच्च अदालत के कठोर रुख ने सरकार की हीलाहवाली की हवा निकाल दी है।

संपादकीयः सूचकांक के संकेत

यों शेयर बाजार में थोड़ा-बहुत उतार-चढ़ाव रोज की बात है, पर बुधवार को मुंबई के संवेदी सूचकांक ने जैसी छलांग लगाई उसे सामान्य नहीं...

अवकाश के दिन

अगर कोई यह कहता है कि किसी महापुरुष के नाम पर मिल रही छुट््टी को खत्म करना उनका अपमान है, तो यह दलील बेमानी...

जीत का सेहरा

भारतीय जनता पार्टी विजय रथ पर सवार है। पिछले कुछ समय से वह एक के बाद एक चुनाव जीत रही है। दिल्ली नगर निगम...

फ्रांस के संकेत

यूरोपीय संघ के भविष्य को लेकर जो लोग कुछ दिनों से चिंता में रहे हैं उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति पद के लिए हुए पहले...

नक्सली कहर

पिछले 11 मार्च को हुए एक हमले में सीआरपीएफ के बारह जवान शहीद हुए थे।

राह के रोड़े

भाजपा की सरकार बनने के बाद कुछ लोग उसे अपने लिए संरक्षण मान रहे हैं और मनमाने तरीके से विवाद और हंगामा फैला रहे...

घाटी की चिंता

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती गुरुवार को घाटी के हालात पर प्रधानमंत्री से बात करने दिल्ली पहुंचीं।

ग्राहक की फिक्र

सेवा-शुल्क तो दरअसल स्टाफ के बहाने एक अतिरिक्त कमाई का जरिया है।

विकास की डगर

केंद्र की योजनाओं की कामयाबी काफी कुछ इस बात पर निर्भर करती है कि राज्य सरकारें उसमें कितना सहयोग कर रही हैं।

संपादकीयः राहत के बावजूद

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनके परिवार और उनकी पार्टी ने राहत की सांस ली होगी, पर यह राहत क्या टिकाऊ साबित हो पाएगी?

संपादकीयः मनमानी पर लगाम

सरकारी स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई की बदहाली के दौर में निजी स्कूलों ने अपने पांव पसारे थे, अब वह एक कारोबार में तब्दील हो चुका...

संपादकीयः चीन की चाल

हाल ही में तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की तवांग यात्रा को लेकर चीन ने तीखी आपत्ति जताई थी और यहां तक कहा था कि...

संपादकीयः लालबत्ती की विदाई

यह निश्चय ही जनतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में केंद्र सरकार का एक ऐतिहासिक फैसला है।

निज भाषा

भारत बहुभाषिक देश है। यहां अलग-अलग क्षेत्रों की अलग-अलग भाषाएं और बोलियां हैं। उनमें से किसी का भी महत्त्व हिंदी से कम नहीं है।

बाबरी का चक्र

राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े सभी मामले अब एक ही अदालत में सुने जाएंगे।

सबरंग