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संपादकीय

जनसत्ता संपादकीय: आगे की सुध

अगर अर्थव्यवस्था के आकार और आबादी के पहलू को शामिल कर हिसाब लगाएं तो भारत वास्तव में सत्तासीवें नंबर पर है।

जनसत्ता संपादकीय: घाटी का मर्ज

पिछले हफ्ते जब कश्मीर से विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मिलने आया, तब भी उन्होंने इसी तरह घाटी में अमन का रास्ता तलाशने...

संपादकीयः परंपरा और अधिकार

मुंबई की हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश का रास्ता साफ कर हाइकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसके दूरगामी परिणाम होंगे।

संपादकीयः काबुल में आतंक

पिछले करीब एक महीने के दौरान अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में यह तीसरा बड़ा आतंकवादी हमला है।

‘वैश्विक चर्चाओं का रूप बदल सकता है भारत, 8-10 फ़ीसद वृद्धि की ज़रूरत’

षणमुगरत्नम ने कहा कि भारत की स्थिति चीन से अलग है और यह विश्व गाथा के पुनर्पाठ की स्थिति में है क्योंकि यह एक...

रियो से लौटीं एथलीट ओपी जैशा को स्‍वाइन फ्लू की पुष्टि, सुधा सिंह भी हो चुकी हैं शिकार

पिछले हफ्ते रियो ओलंपिक से भारत लौटीं ओपी जैशा एच1एन1 वायरस यानि स्वाइन फ्लू के की चपेट में आ गई हैं।

संपादकीय: सकारात्मक पहल

केंद्र पैलेट गन का विकल्प तलाशने पर राजी हो गया है। इस मौके पर गृहमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि राज्य के सभी...

संपादकीय: सरोगेसी की सीमा

पिछले कुछ सालों के दौरान भारत के चिकित्सा बाजार में सरोगेट मदर का धंधा जिस कदर फल-फूल रहा था, उसमें चुपचाप पल रहे कुछ...

जनसत्ता संपादकीय : पानी का प्रबंध

करीब तीन साल पहले खबर आई थी कि राजस्थान का एक चौथाई हिस्सा पूरी तरह रेगिस्तान में तब्दील हो चुका है।

जनसत्ता संपादकीय : पंजाब की बिसात

कुछ लोगों का मानना है कि कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के बजाय लोग एक बार आम आदमी पार्टी को आजमाना चाहते हैं। इसलिए...

जनसत्ता संपादकीय : लापरवाही के खेल

रियो ओलंपिक के बाद इसमें हिस्सा लेने वाले तमाम देश अपनी उपलब्धियों का मूल्यांकन करेंगे और तोक्यो में होने वाले अगले ओलंपिक की तैयारियों...

जनसत्ता संपादकीय : सजा और संकेत

महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़े हैं। जाहिर है, शातिर अपराधियों में कानून का भय समाप्त हो गया है।

जनसत्ता संपादकीय : डेंगू के ठिकाने

पिछले कई सालों से डेंगू पर काबू पाने के मकसद से सरकार जागरूकता अभियान चलाती है। इसके मच्छरों से बचाव के लिए तमाम एहतियाती...

जनसत्ता संपादकीय : घाटी के जख्म

आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीरी युवाओं का आक्रोश फूटा और वह उग्र होता गया। वक्त रहते उसके समाधान का समुचित...

जनसत्ता संपादकीय : नए निजाम का अर्थ

अनेक सरकारी बैंकों का पैसा कर्ज में फंसा हुआ है, जिससे उनके कारोबार की रफ्तार मंद पड़ गई है। बैंकों के पास पूंजी बढ़ेगी...

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