May 23, 2017

ताज़ा खबर

 

दुनिया मेरे आगे

कहां है हमारा हिस्सा

विपिन चौधरी बरसों पहले जब सुनीता की शादी हुई थी, तब उसके पिता ने गांव में सबसे ज्यादा दान-दहेज देकर उसे ससुराल विदा किया...

धर्म परिवर्तन के लाभ

राजकिशोर आज जब भारत एक महान परिवर्तन से गुजर रहा है, यह देख कर आश्चर्य होता है कि कुछ लोग परिवर्तन का विरोध कर...

गरीब की ईमानदारी

विष्णु नागर ऐसी खबरें पहले भी छपती रही हैं, आगे भी छपेंगी। खबर यह है कि भिवंडी (महाराष्ट्र) के झोपड़पट्टी इलाके अंबिकानगर के दो...

हाशिये पर किताबें

प्रेमपाल शर्मा दिसंबर का पहला सप्ताह, शाम के छह बजे सर्दी की आहट भर थी। फुटपाथ पर अखबार, पत्रिकाएं बेचने वाले जिस स्टॉल पर...

स्कूल में सांप

जाबिर हुसेन बजाहिर यह खबर इतनी ‘छोटी’ थी कि पढ़े-लिखों का ध्यान अपनी ओर नहीं खींच पाई। बीते सप्ताह मध्य बिहार की एक ‘जागरूक’...

मौत और मान्यताएं

बीनू पिताजी की मामी को हम दादी कह कर बुलाते थे। कुछ समय पहले उनका निधन हो गया। महीने भर की बीमारी के दौरान...

बेटी का समाज

अलका कौशिक टिंबा ने मेरे शहरी दर्प को उस रोज चकनाचूर कर दिया था। नगालैंड के आदिवासी समाज की नुमाइंदगी करने वाला टिंबा अपनी...

दिखावे का रोग

अंजलि सिन्हा अपनी जिंदगी के कोई पल यादगार बन पाएं, इसके लिए कुछ लोग न जाने क्या-क्या जतन करने लगते हैं। कोई खतरों से...

नाम की भूल

शरद तिवारी बात बहुत पुरानी नहीं हुई है। कुछ समय पहले दूरदर्शन की एक अस्थायी समाचार वाचिका ने जब चीन के राष्ट्रपति का नाम...

धर्मांतरण के पहलू

उमाशंकर सिंह धर्मांतरण पर मचे शोरगुल के बीच सत्तारूढ़ भाजपा जोर देकर कह रही है कि वह धर्मांतरण रोकने लिए कानून बनाने के पक्ष...

चेहरे और रंग

निखिल आनंद गिरि संपादन या एडिटिंग एक कमाल का कौशल है। ऐसा कह सकते हैं कि संपादन कला के माध्यम से अखबारी लेखन हो...

आहार का चुनाव

विष्णु नागर हाल ही में शाकाहार के लाभों के बारे में श्रीश्री रविशंकर की एक टिप्पणी एक अखबार में छपी। रविशंकरजी का रुझान साफतौर...

रिश्तों की डोर

शिबन कृष्ण रैणा जब यह तय हो गया कि तबादला निरस्त होने वाला नहीं है और दूसरी जगह जाना ही पड़ेगा तो हम पति-पत्नी...

अनुशासन में शासन

प्रेमपाल शर्मा दर्द है कि हर रोज रिसने के बावजूद कम नहीं हो रहा। दफ्तर खुलते ही दिल्ली स्थित केंद्र के सरकारी कर्मचारी आह...

विषमता का पाठ

अरमान आमना बारह साल की बच्ची है। उसने पिछले दो सालों से दिन-रात एक करके नवोदय विद्यालय की परीक्षा की तैयारी की। तैयारी कराने...

घरौंदे का तिनका

असीमा भट्ट एक सुखद संयोग है कि मैं मुंबई में जहां रहती हूं, वहां की बालकनी से बाहर देखने पर बंगाल में होने का...

सोच और शौचालय

पम्मी सिंह दीवारों पर लिखी कुछ सूचनाएं या वाक्य बरबस हमारे दिमाग पर चोट करते हैं। लेकिन हम आगे बढ़ जाते हैं, कभी नजरअंदाज...

कला के ठिकाने

सीरज सक्सेना करीब चार साल बाद कन्हारपुरी में अपनी ससुराल जाना हुआ। छत्तीसगढ़ का राजनांदगांव अब कन्हारपुरी को भी अपनी सीमा में ले चुका...

सबरंग