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30 से ज्यादा महिलाओं को बनाया शिकार, लाश सड़ने तक बनाता था शारीरिक संबंध

24 जनवरी, 1989 को कोर्ट ने उसे मौत की सजा सुनाई। इसके बाद फ्लोरिडा के जेल में उसे सुबह 7 बजे इलेक्ट्रानिक चेयर पर बिठाकर मौत दे दी गई। उसकी मौत के बाद जेल के बाहर लोगों ने पटाखे फोड़कर अपनी खुशी जाहिर की थी।
कुख्यात सीरियल किलर टेड बंडी उर्फ थियोडोर रॉबर्ट बंडी।(फोटो सोर्स- यूट्यूब)

इतिहास में ऐसी कई सीरियल किलिंग की घटनाएं हुई हैं जिनके बारे में जानकर आज भी लोग सिहर जाते हैं। आज हम आपको ऐसे ही सीरियल किलर के बारे में बता रहे हैं जिसने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। हम बात कर रहे हैं अमेरिका के कुख्यात सीरियल किलर थियोडोर रॉबर्ट बंडी की। रॉबर्ट बंडी सीरियल किलिंग के साथ-साथ किडनैपिंग, रेप, चोरी और अपने सिरफिरेपन की वजह से काफी कुख्यात अपराधी माना गया था। बंडी ज्यादातर महिलाओं को अपना शिकार बनाता था। उसने तकरीबन 30 से ज्यादा महिलाओं को दर्दनाक मौत दी थी।

पूरे अमेरिका में अपनी हैवानियत के लिए कुख्यात सीरियल किलर टेड बंडी उर्फ थियोडोर रॉबर्ट बंडी का जन्म 24 नवंबर, 1946 को बर्लिंगटन में हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बंडी पहले महिलाओं का अपहरण कर उनका रेप करता था और बाद में मार देता था। कहा ये भी जाता है कि बंडी महिलाओं को मारने के बाद उनके शव से तब तक शारीरिक संबंध बनाता था जब तक उनका शव सड़ नहीं जाता था।

टेड बंडी को पुलिस ने 16 अगस्त, 1975 को गिरफ्तार किया था। लेकिन पुलिस के चंगुल से भाग निकला था। टेड बंडी पुलिस के हाथ से एक बार नहीं बल्कि तीन-तीन बार भागा था लेकिन 15 फरवरी 1978 के बाद टेड बंडी कभी भाग नहीं पाया। गिरफ्तारी के बाद टेड ने पूछताछ के दौरान कबूला था कि उसने सन् 1974 से 1978 तक तकरीबन 30 से ज्यादा महिलाओं का शिकार किया है। साथ ही टेड ये भी कहता था कि उसके चार्म के सामने महिलाएं टिक नहीं पाती थीं और खुद-ब-खुद उसके चंगुल में फंस जाती थीं।

वही पुलिस ने बताया था कि दो महिलाओं के शरीर से मिले दातों के निशान से टेड बंडी के बारे में पता चला था। बताया जाता है कि उसने अपने घर में 12 से अधिक महिलाओं के धड़ से अलग किए गए सिर सजाए हुए थे। इस कुख्यात हत्यारे का अंजाम भी उसके कृत्यों जैसा था।

24 जनवरी, 1989 को कोर्ट ने उसे मौत की सजा सुनाई। इसके बाद फ्लोरिडा के जेल में उसे सुबह 7 बजे इलेक्ट्रानिक चेयर पर बिठाकर मौत दे दी गई। उसकी मौत के बाद जेल के बाहर लोगों ने पटाखे फोड़कर अपनी खुशी जाहिर की थी।

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