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6 महीने की प्लानिंग, बैंक के बगल में किराए पर ली दुकान, पढ़ें कैसे ले उड़े 1.5 करोड़ रुपये

बैंक के बगल में दुकान खरीदने के बाद चोरों ने बड़ी ही सफाई से इस वारदात को अंजाम दिया और 1.5 करोड़ रुपए लेकर फरार हो गए।
नवी मुंबई के जुई नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में चोरी (फोटो सोर्स- PTI)

नवी मुंबई के जुई नगर इलाके में स्थित एक बैंक के करीब 30 लॉकर्स को कुछ चोरों ने बड़े ही शातिराना तरीके से तोड़ा और उसमें रखा सारा पैसा उड़ा ले गए। चोरों ने इतनी सफाई से इस वारदात को अंजाम दिया कि किसी को कानों कान खबर तक नहीं हुई। दरअसल बैंक के स्ट्रॉंग रूम में जहां सारे लॉकर्स होते हैं, वहां तक पहुंचने के लिए चोरों ने 40 फीट लंबी सुरंग बनाई थी। ये सुरंग उसी बिल्डिंग में जहां बैंक था, वहां स्थित एक किराए की दुकान के फ्लोर से बनाई गई थी। शनिवार और रविवार के दिन जब बैंक बंद था, उस दौरान इस वारदात को अंजाम दिया गया, रिपोर्ट्स के मुताबिक चोरों ने करीब 1.5 करोड़ रुपयों पर हाथ साफ किया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक जिस सुरंग के सहारे ये चोरी की गई, वह भक्ति रेसिडेंसी बिल्डिंग में स्थित बालाजी जनरल स्टोर (दुकान नंबर- 7) के फ्लोर से शुरू होती है। करीब 5 फीट गहरी ये सुरंग बालाजी के लेफ्ट साइड स्थित दो अन्य दुकानों के नीचे से होकर सीधे बैंक ऑफ बड़ौदा के लॉकर रूम तक पहुंचती है। यहां सबसे आश्चर्य की बात यह है कि चोरों द्वारा किराए पर ली गई दुकान के बगल वाली दुकान सिक्योरिटी एजेंसी की है।

सोमवार को बैंक खुलने के बाद चोरी की वारदात का पता चला। पुलिस का कहना है कि चोरों की गैंग शुक्रवार को बैंक बंद होने के साथ ही लॉकर रूम पहुंच गई रही होगी और गैस कटर से सभी लॉकर्स को तोड़ा गया होगा। चोरों के झारखंड से होने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि इस साल की शुरुआत में नेरूला में भी इस तरह की एक चोरी को अंजाम दिया गया था। पुलिस का कहना है कि चोरी की योजना छह महीने पहले शुरू हुई थी, क्योंकि 6 महीने पहले ही जीना बच्चन प्रसाद ने दुकान नंबर 7 किराए पर ली थी।

कुछ दिनों तक दुकान चलाने के बाद प्रसाद ने कहा कि उसकी तबीयत सही नहीं है और वह इलाज के लिए अपने निवास स्थान झारखंड जा रहा है, दो अन्य लोग दुकान की देखभाल करेंगे। एसीपी किरण पाटिल का कहना है , ‘प्रसाद के जाने के बाद ही इन दो महीनों में रात में 40 फीट लंबी और 3 फीट चौड़ी सुरंग का निर्माण किया गया। सुरंग बनाते वक्त निकले मलबे को चोर सुबह बिल्डिंग से लगे खुले मैदान में फेंक दिया करते थे।’ हालांकि बिल्डिंग में ऊपरी मंजिल में रहने वाले लोगों में से किसी ने भी खुदाई की आवाज सुनने की बात नहीं कही। बैंक में सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं, लेकिन लॉकर रूम में कोई भी कैमरा नहीं लगा है, इसलिए चोरों की पहचान करना काफी मुश्किल दिखाई पड़ रहा है। हालांकि पुलिस ने इस मामले की जांच करनी शुरू कर दी है और चोरों का पता लगाने के लिए 6 टीमें बनाई गई हैं।

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