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इटारसी जंक्शन में आरआरआइ सिस्टम में आग लगने के बाद ट्रेनों के संचालन में जिस तरह की बड़ी बाधा उठ खड़ी हुई, उसके बरक्स चिंता उपजी है कि खुदा न खास्ता इस तरह की दुर्घटनाएं एक-दो मार्गों पर एक साथ घट जाएं तो देश के एक हिस्से का दूसरे हिस्से से रेल संपर्क ठप्प हो […]
Author July 22, 2015 08:47 am

इटारसी जंक्शन में आरआरआइ सिस्टम में आग लगने के बाद ट्रेनों के संचालन में जिस तरह की बड़ी बाधा उठ खड़ी हुई, उसके बरक्स चिंता उपजी है कि खुदा न खास्ता इस तरह की दुर्घटनाएं एक-दो मार्गों पर एक साथ घट जाएं तो देश के एक हिस्से का दूसरे हिस्से से रेल संपर्क ठप्प हो सकता है। जो वाकई एक गंभीर किस्म की खामी है। खासकर ऐसे दौर में जब लोगों का आवागमन और कामकाज देश में चतुर्दिक बढ़ रहा है।

भारतीय रेल दुनिया के कुछ बड़े नेटवर्कों में से एक है। इसके विस्तार से अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश में लोगों की आवाजाही की आवृत्ति कितनी अधिक है। इतने महत्त्व के परिवहन पर आपदा आने और उसे दुरुस्त करने में महीनों का समय लगना और भी चिंता की बात है।

खासकर जब जुलाई का महीना चल रहा हो, स्कूलों की छुट्टियां समाप्त हो गई हैं। लोगों का अपने गांव से कामकाज के लिए गंतव्य की ओर जाना जारी है। ऐसे में किसी बच्चे का कहीं पढ़ाई के लिए जाना है तो, किसी का तबादला होने पर उसका नई जगह का प्रस्थान आसन्न है। फिर इटारसी उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम को जोड़ने वाला प्रमुख जंक्शन है।

ऐसे में जंक्शन में आई खराबी और रुकावट के चलते रेल का ठप्प पड़ जाना लोगों की मुश्किलें बढ़ा देता है। जो भी गाड़ियां किसी तरह चल पा रही हैं, उनको लेकर रेल महकमा यह बताने की स्थिति में नहीं कि कौन-सी ट्रेन कब जाएगी। सूचना पटल, इंटरनेट पर ट्रेनों के निरस्तगी की सूचनाओं के अंबार लगे हैं। अराजक हुई रेल व्यवस्था की लाचारगी बताती है कि उसने ऐसे हादसों की कल्पना तक नहीं की थी, वरना वह पहले से कुछ न कुछ वैकल्पिक उपाय करके रखती।

आश्चर्य की बात है कि जिस जंक्शन से रोज सैकड़ों ट्रेनें गुजरती हों वहां कोई आपदा आने पर इतने भी उपाए न किए गए हों कि देर से ही, पर ट्रेनों का चलना जारी रहे। ऐसे में सवाल उन बड़े रेल जंक्शनों का भी जिन पर अत्यधिक रेल संचालन का दबाव है। क्या रेल विभाग दूसरे जंक्शनों की हालात की तहकीकात करा रहा है, ताकि उसमें आ रही किसी किस्म की कमी या तकनीकी खराबी को तजबीज कर समय रहते सुधार किया जा सके?

बहरहाल, इटारसी जंक्शन के आरआरआइ सिस्टम में आग लगने की घटना से रेल विभाग को अब और सतर्क रहना होगा। और अधिकारियों और रेल कर्मचारियों को चाहिए कि यात्रियों को सही जानकारी दें, ताकि यात्रियों को गाड़ियों की आवाजाही की सही सूचना मिल सके। वरना एक तो मार्ग का लगभग अवरुद्ध होना, दूसरे इसके ठीक से शुरू होने की अनिश्चितता यात्रियों की परेशानियां बढ़ा रही है।

श्रीश पांडेय, प्रभात विहार, सतना

 

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